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हैलट में भी बन रहा जवाहर बाग जैसा माहौल
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Thu, 09 Jun 2016 01:08 AM IST
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महिलाओं ने भी किया पथराव।
- फोटो : amarujala
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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर। हैलट परिसर के वार्ड नंबर 50 के बगल में बुधवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची डॉक्टरों की टीम पर कब्जेदारों ने पथराव कर दिया और जेसीबी के ड्राइवर को पीट दिया। भारी विरोध और कब्जेदारों के हाथों में पत्थर देख मथुरा के जवाहर बाग की घटना याद आते ही हैलट पुलिस चौकी के दरोगा और सिपाही मौके से भाग निकले। नेतृत्व कर रहे हैलट के प्रमुख अधीक्षक (एसआईसी) प्रो. आरसी गुप्ता कब्जेदारों के बीच घिर गए। किसी तरह वह वहां से निकल पाए। दो कब्जे गिराने के बाद अभियान रोक दिया गया। एसआईसी ने डीएम, एडीएम सिटी को इसकी सूचना दी है। वहीं अवैध कब्जों की पैरवी कर रहे सपा विधायक सतीश निगम कहते हैं कि कब्जे नहीं हटाने देेंगे, अगर कोई कब्जे हटाने आए तो उन्हें पीटो।
हैलट परिसर में वर्तमान में 150 से ज्यादा अवैध कब्जे हैं। इनमें कई कर्मचारियों के हैं तो कई कर्मचारियों की शह पर बाहरियों ने कर रखे हैं। दो दिन पहले रात में वार्ड नंबर 50 के बगल में एक कर्मचारी की शह पर सैमुलनिशा नाम की महिला ने कब्जा किया और दीवार खड़ी कर टीनशेड डाल दिया। मंगलवार को एसआईसी को सूचना मिली तो उन्होंने सेनिटरी इंस्पेक्टर, जेई और अन्य अधिकारियों से बात की। बुधवार सुबह अतिक्रमण को गिराने का निर्णय लिया गया। बुधवार दोपहर बाद 3:10 बजे जेसीबी के साथ एसआईसी प्रो. आरसी गुप्ता, सीएमएस डॉ. सीएस सिंह, डॉ. आरके मौर्या, डॉ. रीता गुप्ता, एसके शुक्ला, सेनेट्री इंस्पेक्टर शक्ति रावत, मैट्रन, जेई समेत 20 अफसरों की टीम हैलट चौकी प्रभारी संजय सिंह और सिपाहियों के साथ पहुंची। टीम ने सामान हटाने के लिए आधे घंटे की मोहलत दी। दोबारा अभियान शुरू किया तो महिलाओं को आगे कर पुरुषों ने हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस करती रही हीलाहवाली
अतिक्रमण हटाने में सहयोग के लिए हैलट चौकी पुलिस शुरू से हीलाहवाली करते रही। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि बिना मजिस्ट्रेट के अभियान चला तो वह पीछे ही रहेंगे। बाद में पुलिस वाले पीछे ही रहे और फिर भाग निकले।
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विधायक के फोन से रुके थे कदम
मई में अभियान चलाया जाना था लेकिन सपा विधायक सतीश निगम के फोन के बाद टल गया। विधायक ने कहा था कि चुनाव आने वाले हैं, ऐसे में अभियान चला तो पार्टी का नुकसान हो सकता है। लोगों का कहना है कि जल्द ही कब्जे न हटाए गए तो दूसरा जवाहरबाग हैलट बनेगा।
हर साल एक करोड़ की बिजली खर्च
हैलट परिसर में कब्जेदार बिजली और पानी फ्री में लेते हैं। कुछ के कमरों में एसी तक लगे हुए हैं। ये लोग हर साल एक करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली खर्च कर देते हैं। पानी भी सबसे ज्यादा ये ही उपयोग करते हैं। हर जगह कटिया डाल देते हैं। हैलट के कुछ कर्मचारियों की शह पर परिसर में जमीन किराये पर बिकती है। बाहरी लोग रातोरात कब्जा करते हैं और फिर किराये पर कमरे दे देते हैं।
फोर्स न मिलने पर बदुआपुर से लौटे अफसर
कानपुर (ब्यूरो)। केडीए की जमीन पर बदुआपुर में अवैध रूप से काबिज घुमंतू जाति के लोगों को बुधवार को बेदखल नहीं किया जा सका। पुलिस फोर्स न मिलने के कारण नौ प्रशासनिक अफसरों और केडीए की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। केडीए की जमीन पर अवैध रूप से काबिज घुमंतू जाति के लोगों की बस्ती हटाकर न्यू ट्रांसपोर्ट नगर बसाना है। इन्हें हटाने के लिए एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने ऑपरेशन बदुआपुर की रणनीति बनाई थी। घुमंतू जाति की महिलाओं को संभालने के लिए पर्याप्त महिला फोर्स लगाने को कहा गया था। सिटी मजिस्ट्रेट अमर पाल सिंह, एसडीएम सदर डीडी वर्मा, एसीएम 1 से 5 तक और एसीएम 7 पूजा अग्निहोत्री सुबह 10:30 बजे बदुआपुर पहुंच गईं। बाद में एडीएम सिटी भी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक पुलिस फोर्स नहीं पहुंची। एसडीएम सदर ने बताया कि करीब 11 बजे एसओ पनकी तीन सिपाहियों समेत बदुआपुर आए। फोर्स न मिलने से अवैध कब्जेदारों को बेदखल नहीं किया जा सका। अब बाद में इन्हें हटाया जाएगा।
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कानपुर। हैलट परिसर के वार्ड नंबर 50 के बगल में बुधवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची डॉक्टरों की टीम पर कब्जेदारों ने पथराव कर दिया और जेसीबी के ड्राइवर को पीट दिया। भारी विरोध और कब्जेदारों के हाथों में पत्थर देख मथुरा के जवाहर बाग की घटना याद आते ही हैलट पुलिस चौकी के दरोगा और सिपाही मौके से भाग निकले। नेतृत्व कर रहे हैलट के प्रमुख अधीक्षक (एसआईसी) प्रो. आरसी गुप्ता कब्जेदारों के बीच घिर गए। किसी तरह वह वहां से निकल पाए। दो कब्जे गिराने के बाद अभियान रोक दिया गया। एसआईसी ने डीएम, एडीएम सिटी को इसकी सूचना दी है। वहीं अवैध कब्जों की पैरवी कर रहे सपा विधायक सतीश निगम कहते हैं कि कब्जे नहीं हटाने देेंगे, अगर कोई कब्जे हटाने आए तो उन्हें पीटो।
हैलट परिसर में वर्तमान में 150 से ज्यादा अवैध कब्जे हैं। इनमें कई कर्मचारियों के हैं तो कई कर्मचारियों की शह पर बाहरियों ने कर रखे हैं। दो दिन पहले रात में वार्ड नंबर 50 के बगल में एक कर्मचारी की शह पर सैमुलनिशा नाम की महिला ने कब्जा किया और दीवार खड़ी कर टीनशेड डाल दिया। मंगलवार को एसआईसी को सूचना मिली तो उन्होंने सेनिटरी इंस्पेक्टर, जेई और अन्य अधिकारियों से बात की। बुधवार सुबह अतिक्रमण को गिराने का निर्णय लिया गया। बुधवार दोपहर बाद 3:10 बजे जेसीबी के साथ एसआईसी प्रो. आरसी गुप्ता, सीएमएस डॉ. सीएस सिंह, डॉ. आरके मौर्या, डॉ. रीता गुप्ता, एसके शुक्ला, सेनेट्री इंस्पेक्टर शक्ति रावत, मैट्रन, जेई समेत 20 अफसरों की टीम हैलट चौकी प्रभारी संजय सिंह और सिपाहियों के साथ पहुंची। टीम ने सामान हटाने के लिए आधे घंटे की मोहलत दी। दोबारा अभियान शुरू किया तो महिलाओं को आगे कर पुरुषों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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पुलिस करती रही हीलाहवाली
अतिक्रमण हटाने में सहयोग के लिए हैलट चौकी पुलिस शुरू से हीलाहवाली करते रही। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि बिना मजिस्ट्रेट के अभियान चला तो वह पीछे ही रहेंगे। बाद में पुलिस वाले पीछे ही रहे और फिर भाग निकले।
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विधायक के फोन से रुके थे कदम
मई में अभियान चलाया जाना था लेकिन सपा विधायक सतीश निगम के फोन के बाद टल गया। विधायक ने कहा था कि चुनाव आने वाले हैं, ऐसे में अभियान चला तो पार्टी का नुकसान हो सकता है। लोगों का कहना है कि जल्द ही कब्जे न हटाए गए तो दूसरा जवाहरबाग हैलट बनेगा।
हर साल एक करोड़ की बिजली खर्च
हैलट परिसर में कब्जेदार बिजली और पानी फ्री में लेते हैं। कुछ के कमरों में एसी तक लगे हुए हैं। ये लोग हर साल एक करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली खर्च कर देते हैं। पानी भी सबसे ज्यादा ये ही उपयोग करते हैं। हर जगह कटिया डाल देते हैं। हैलट के कुछ कर्मचारियों की शह पर परिसर में जमीन किराये पर बिकती है। बाहरी लोग रातोरात कब्जा करते हैं और फिर किराये पर कमरे दे देते हैं।
फोर्स न मिलने पर बदुआपुर से लौटे अफसर
कानपुर (ब्यूरो)। केडीए की जमीन पर बदुआपुर में अवैध रूप से काबिज घुमंतू जाति के लोगों को बुधवार को बेदखल नहीं किया जा सका। पुलिस फोर्स न मिलने के कारण नौ प्रशासनिक अफसरों और केडीए की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। केडीए की जमीन पर अवैध रूप से काबिज घुमंतू जाति के लोगों की बस्ती हटाकर न्यू ट्रांसपोर्ट नगर बसाना है। इन्हें हटाने के लिए एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने ऑपरेशन बदुआपुर की रणनीति बनाई थी। घुमंतू जाति की महिलाओं को संभालने के लिए पर्याप्त महिला फोर्स लगाने को कहा गया था। सिटी मजिस्ट्रेट अमर पाल सिंह, एसडीएम सदर डीडी वर्मा, एसीएम 1 से 5 तक और एसीएम 7 पूजा अग्निहोत्री सुबह 10:30 बजे बदुआपुर पहुंच गईं। बाद में एडीएम सिटी भी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक पुलिस फोर्स नहीं पहुंची। एसडीएम सदर ने बताया कि करीब 11 बजे एसओ पनकी तीन सिपाहियों समेत बदुआपुर आए। फोर्स न मिलने से अवैध कब्जेदारों को बेदखल नहीं किया जा सका। अब बाद में इन्हें हटाया जाएगा।