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शिक्षा, सामाजिक सरोकार पर फिल्म बनाएंगे गुरुजी
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कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक अब फिल्म बनाएंगे। शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर तैयार की जाने वाली फिल्मों को राज्यस्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। बेहतर फिल्म पुरस्कार के लिए चयनित होगी। फिल्म की अधिकतम अवधि पांच मिनट होगी। इसमें शिक्षा के नवाचार व कायाकल्प के बाद विद्यालयों में हुए परिवर्तन पर फोकस करना है।
बेसिक शिक्षा विभाग का प्रयास है कि डिजिटल शिक्षा को और बढ़ावा दिया जाए। विभाग का मानना है कि कोविड काल में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था प्रभावी रही है। इसमें निखार के लिए विभाग एक प्रतियोगिता करा रहा है। इस प्रतियोगिता में शिक्षकों को पांच मिनट का शैक्षिक वीडियो (फिल्म) अपने मोबाइल या कैमरे से बनाना है। इसके बाद शिक्षक अपने स्कूल की सीडी खुद बेसिक शिक्षा निदेशालय भेज सकते हैं। बेहतर प्रेरणादायक फिल्म बनाने वाले शिक्षक को प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं, ऐसी फिल्मों के माध्यम से अन्य विद्यालयों को संदेश देने की कोशिश भी होगी। फिल्म बनाकर भेजने का समय 20 मार्च तय किया गया है।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर अधिक से अधिक विद्यालयों को इसमें शामिल होने को कहा है। जिले में 1926 परिषदीय स्कूलों में एक लाख 79 हजार 687 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रेरणा, दीक्षा एप के जरिए उन्हें सरल व सुगम शिक्षा दी जा रही है।
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शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर फिल्म बनाने के लिए जानकारी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से शिक्षकों को दी गई है। डिजिटल व्यवस्था को बढ़ाने की दिशा में यह सराहनीय कदम है। इसमें शिक्षकों को प्रतिभाग करना चाहिए। - सुनील दत्त, बीएसए
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बेसिक शिक्षा विभाग का प्रयास है कि डिजिटल शिक्षा को और बढ़ावा दिया जाए। विभाग का मानना है कि कोविड काल में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था प्रभावी रही है। इसमें निखार के लिए विभाग एक प्रतियोगिता करा रहा है। इस प्रतियोगिता में शिक्षकों को पांच मिनट का शैक्षिक वीडियो (फिल्म) अपने मोबाइल या कैमरे से बनाना है। इसके बाद शिक्षक अपने स्कूल की सीडी खुद बेसिक शिक्षा निदेशालय भेज सकते हैं। बेहतर प्रेरणादायक फिल्म बनाने वाले शिक्षक को प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं, ऐसी फिल्मों के माध्यम से अन्य विद्यालयों को संदेश देने की कोशिश भी होगी। फिल्म बनाकर भेजने का समय 20 मार्च तय किया गया है।
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बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर अधिक से अधिक विद्यालयों को इसमें शामिल होने को कहा है। जिले में 1926 परिषदीय स्कूलों में एक लाख 79 हजार 687 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रेरणा, दीक्षा एप के जरिए उन्हें सरल व सुगम शिक्षा दी जा रही है।
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शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर फिल्म बनाने के लिए जानकारी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से शिक्षकों को दी गई है। डिजिटल व्यवस्था को बढ़ाने की दिशा में यह सराहनीय कदम है। इसमें शिक्षकों को प्रतिभाग करना चाहिए। - सुनील दत्त, बीएसए