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नरेंद्र तिवारी हत्याकांडः अभिनंदन त्रिपाठी को उम्रकैद की सजा, दो लाख रुपये का अर्थदंड
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 04 Jun 2018 08:19 PM IST
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यूपी के औरैया जिले में कस्बा दिबियापुर में सात साल पहले मोबाइल की दुकान के मालिक नरेंद्र कुमार तिवारी उर्फ रामू (38) की हत्या का दोष साबित होने पर अभिनंदन त्रिपाठी को उम्रकैद की सजा के साथ ही उस पर दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। बहुचर्चित रहे इस हत्याकांड में दुर्घटना में मौत की लिखाई एफआईआर बढ़ते-बढ़ते हत्या में बदल गई थी।
वादी मुकदमा सत्येंद्र कुमार तिवारी पुत्र दयाशंकर तिवारी निवासी राणा नगर दिबियापुर ने 23 अक्टूबर 2011 को एफआईआर लिखाई थी कि उसके भाई नरेंद्र कुमार तिवारी की दुकान कन्नौज बस अड्डे पर कृष्णा मोबाइल के नाम से है। प्रतिदिन की तरह उसका भाई दुकान पर बैठा था, जिसके साथ में अभिनंदन त्रिपाठी पुत्र डॉ.सुभाष चंद्र त्रिपाठी व राजू प्रजापति भी साथ में बैठे थे। अभिनंदन त्रिपाठी अपना लाइसेंसी रिवाल्वर देख रहे थे।
इसी दौरान अचानक गोली चल गई, जो वादी के नरेंद्र तिवारी की पीठ में लग गई, जिसकी अस्पताल ले जाते हुए मृत्यु हो गई थी। यह मामला धारा 304 ए, दुर्घटना में मृत्यु जमानती अपराध के रूप में दर्ज हुआ और बाद में धारा 304 गैर इरादतन हत्या में परिवर्तित कर दिया गया था। विवेचक ने भी अभिनंदन त्रिपाठी के विरुद्ध धारा 304 में चार्जशीट प्रस्तुत की। मुकदमा जब न्यायालय में चला तो वादी और गवाहों ने मामले को हत्या बताते हुए यह गवाही दी कि अभिनंदन ने नरेंद्र से रुपये उधार ले रखे थे, जब वापस मांगे तो गोली मारकर हत्या कर दी।
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यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लल्लू सिंह के समक्ष चला। अभियोजन की ओर से संजय श्रीवास्तव व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद लल्लू सिंह ने आरोपी अभिनंदन त्रिपाठी पुत्र डा.सुभाष चंद्र त्रिपाठी निवासी राणा नगर दिबियापुर को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास व दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। पेशगार जंग बहादुर सिंह ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि में से डेढ़ लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में मृृतक नरेंद्र कुमार तिवारी की पत्नी को देने का आदेश दिया। अभिनंदन त्रिपाठी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
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वादी मुकदमा सत्येंद्र कुमार तिवारी पुत्र दयाशंकर तिवारी निवासी राणा नगर दिबियापुर ने 23 अक्टूबर 2011 को एफआईआर लिखाई थी कि उसके भाई नरेंद्र कुमार तिवारी की दुकान कन्नौज बस अड्डे पर कृष्णा मोबाइल के नाम से है। प्रतिदिन की तरह उसका भाई दुकान पर बैठा था, जिसके साथ में अभिनंदन त्रिपाठी पुत्र डॉ.सुभाष चंद्र त्रिपाठी व राजू प्रजापति भी साथ में बैठे थे। अभिनंदन त्रिपाठी अपना लाइसेंसी रिवाल्वर देख रहे थे।
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इसी दौरान अचानक गोली चल गई, जो वादी के नरेंद्र तिवारी की पीठ में लग गई, जिसकी अस्पताल ले जाते हुए मृत्यु हो गई थी। यह मामला धारा 304 ए, दुर्घटना में मृत्यु जमानती अपराध के रूप में दर्ज हुआ और बाद में धारा 304 गैर इरादतन हत्या में परिवर्तित कर दिया गया था। विवेचक ने भी अभिनंदन त्रिपाठी के विरुद्ध धारा 304 में चार्जशीट प्रस्तुत की। मुकदमा जब न्यायालय में चला तो वादी और गवाहों ने मामले को हत्या बताते हुए यह गवाही दी कि अभिनंदन ने नरेंद्र से रुपये उधार ले रखे थे, जब वापस मांगे तो गोली मारकर हत्या कर दी।
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यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लल्लू सिंह के समक्ष चला। अभियोजन की ओर से संजय श्रीवास्तव व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद लल्लू सिंह ने आरोपी अभिनंदन त्रिपाठी पुत्र डा.सुभाष चंद्र त्रिपाठी निवासी राणा नगर दिबियापुर को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास व दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। पेशगार जंग बहादुर सिंह ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि में से डेढ़ लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में मृृतक नरेंद्र कुमार तिवारी की पत्नी को देने का आदेश दिया। अभिनंदन त्रिपाठी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।