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मेडिकल काॅलेज प्राचार्य का वीडियो वायरल, जमातियों पर टिप्पणी, पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने उठाया सवाल
Mon, 01 Jun 2020 12:33 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 01 Jun 2020 12:33 AM IST
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सुभाषिनी अली एवं डाॅ. आरती लाल चंदानी
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में जमातियों पर टिप्पणी संबंधी जीएसवीएम मेडिकल काॅलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। 70 दिन पुराना यह वीडियो फेसबुक और व्हाट्स एप के विभिन्न ग्रुपों पर वायरल हो रहा है।
इसमें प्राचार्य जमातियों पर अभद्र टिप्पणी कर रही हैं। इसे पूर्व सांसद और भाकपा (एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने भी शेयर किया। वीडियो के संबंध में मंडलायुक्त को भी जानकारी दी गई है।
पूर्व सांसद ने मीडिया को जारी अपने बयान में कहा है कि प्राचार्य असंवैधानिक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को जो अस्पताल लाए गए थे, उन्हें आतंकवादी बता रही हैं।
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उन्हें सरकारी मदद से वंचित रखने और उनका इलाज नहीं होना चाहिए की बात कर रही हैं। पूर्व सांसद ने जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। वीडियो सही पाए जाने पर प्राचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई।
इसके अलावा यह वीडियो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी विभिन्न व्हाट्स ग्रुप में वायरल हो रहा है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी का कहना है कि ब्लैकमेल के जरिये वसूली करने के लिए इसमें जमाती जैसे शब्द सुपरइम्पोज किए गए हैं।
वह सोमवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाएंगी। वह बोलीं कि यह स्टिंग उनके घर में किया गया है जब जमातियों के मेडिकल स्टाफ को परेशान करने पर वह शिकायत दर्ज करा रही थीं।
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इसमें प्राचार्य जमातियों पर अभद्र टिप्पणी कर रही हैं। इसे पूर्व सांसद और भाकपा (एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने भी शेयर किया। वीडियो के संबंध में मंडलायुक्त को भी जानकारी दी गई है।
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पूर्व सांसद ने मीडिया को जारी अपने बयान में कहा है कि प्राचार्य असंवैधानिक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को जो अस्पताल लाए गए थे, उन्हें आतंकवादी बता रही हैं।
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उन्हें सरकारी मदद से वंचित रखने और उनका इलाज नहीं होना चाहिए की बात कर रही हैं। पूर्व सांसद ने जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। वीडियो सही पाए जाने पर प्राचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई।
इसके अलावा यह वीडियो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी विभिन्न व्हाट्स ग्रुप में वायरल हो रहा है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी का कहना है कि ब्लैकमेल के जरिये वसूली करने के लिए इसमें जमाती जैसे शब्द सुपरइम्पोज किए गए हैं।
वह सोमवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाएंगी। वह बोलीं कि यह स्टिंग उनके घर में किया गया है जब जमातियों के मेडिकल स्टाफ को परेशान करने पर वह शिकायत दर्ज करा रही थीं।