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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   GSVM Medical College on alert mode regarding Monkey Pox, a separate ward will be built on the first floor of M

Monkey Pox: शासन के आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज अलर्ट मोड पर, मैटरनिटी विंग के प्रथम तल पर बनेगा अलग वार्ड

Tue, 26 Jul 2022 09:08 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 26 Jul 2022 09:08 PM IST
सार

शासन के आदेश के बाद कानपुर में मंकीपॉक्स को देखते हुए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल अलर्ट मोड पर हैं। मंकी पॉक्स के इलाज के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मैटरनिटी को लैस किया। इसके तहत प्रथम तल को संसाधनों से लैस कर दिया गया है।

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GSVM Medical College on alert mode regarding Monkey Pox, a separate ward will be built on the first floor of M
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में मंकी पॉक्स के रोगियों के इलाज के लिए शासन के आदेश के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को सुबह जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की अगुवाई में अधिकारियों की टीम ने मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। मैटरनिटी विंग के प्रथम तल को संसाधनों से लैस कर दिया गया है। 

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दिल्ली में रोगी मिलने के बाद शहर में संक्रमण पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। हैलट ओपीडी में चकत्तों, शरीर पर छालों के रोगियों पर खासतौर पर निगाह रखी गई। मैटरनिटी की फ्लू ओपीडी में कोई रोगी नहीं आया। मंकी पॉक्स के नोडल अधिकारी डॉ. अजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रथम तल पर बेड की व्यवस्था कर दी गई है।

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हैलट की ओपीडी में मंकी पॉक्स के लक्षणों वाले रोगियों को नहीं जाने दिया जाएगा। इससे दूसरे रोगियों में संक्रमण फैल सकता है। इसके लिए मैटरनिटी विंग में फ्लू ओपीडी चालू कर दी गई है। ग्राउंड फ्लोर पर फ्लू ओपीडी चल रही है। यहां रोगी को संदिग्ध पाए जाने के  बाद उसे प्रथम तल पर भेज दिया जाएगा। 

डॉ. गुप्ता ने बताया कि संदिग्ध रोगी को कम से कम 21 दिन तक क्वारंटीन रहना जरूरी होगा। ग्रामीण इलाकों से आ रहे रोगियों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में चिकन पॉक्स के रोगी मिल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रोगी मंकी पॉक्स के साथ मिल सकते हैं। ऐसे में सीएचसी को निर्देश दिए गए हैं कि रोगियों के मिलने के बाद उन्हें हैलट रेफर कर दें।

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हैंडओवर नहीं होगा मैटरनिटी
मैटरनिटी विंग जच्चा-बच्चा अस्पताल का हिस्सा है। इसे मंगलवार को जच्चा-बच्चा को हैंड ओवर किया जाना था। लेकिन मंकी पॉक्स की गाइड लाइन आने के  बाद इसे हैंड ओवर नहीं किया गया। इसे संक्रामक रोग अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसे अब बाद में जच्चा-बच्चा को हैंडओवर किया जाएगा।

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