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जीएसटी जरूरी, लागू करवाना चुनौती

Sat, 23 Jul 2016 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Sat, 23 Jul 2016 01:56 AM IST
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GST necessary, to administer the challenge
मर्चेंट चेंबर हॉल में जीएसटी के विषय में आयोजित परिचर्चा में जानकारी देते मुख्य वक्ता चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान के इनडायरेक्ट टैक्स कमेटी के चेयरमैन मधुकर हीरे गंगे। - फोटो : amarujala
वस्तु एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) देश के आर्थिक विकास के लिए जितना जरूरी है, उतना ही इसे लागू करवाना सरकार के लिए चुनौती पूर्ण है।  यदि एक माह के अंदर जीएसटी लागू हो जाए तो विभागों में इसे समझने के लिए सक्षम अधिकारी तक नहीं हैं। जीएसटी में आने वाले सभी विभागों को यदि मिला दिया जाए तो मात्र दस फीसदी अधिकारी ही ट्रेनिंग देने योग्य हैं। 90 फीसदी अधिकारियों में दक्षता की कमी है। 
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बंगलूरू से आए चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान के इनडायरेक्ट टैक्स कमेटी केचेयरमैन मधुकर हीरे गंगे ने शुक्रवार को मर्चेंट चैंबर सभागार में यह बात कही। वह चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान की ओर से ‘जीएसटी का कारोबारियों पर प्रभाव’ विषय पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता शामिल थे।
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उन्होंने कहा कि अधिकारियों में दक्षता पर सवाल इस वजह से उठाया जा रहा है, क्योंकि जीएसटी तीन स्तर पर लगाया जाएगा। कई टैक्सों को इसमें समाहित किया गया है। इसके लागू होने से पुरानी टैक्स प्रणाली पूरी तरह बदल जाएगी। इस लिए इसे बेहतर तरीके से लागू करने के लिए पूरी दक्षता की जरूरत है। 
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वर्तमान में टैक्स मामलों की सुनवाई के दौरान जिस तरह के अफसरों से वास्ता पड़ रहा है, उनका रवैया जीएसटी के लायक नहीं है। 

बढ़ेगा विदेशी निवेश 
जीएसटी लागू होने से देश में विदेशी निवेश बढ़ेगा और तरक्की में कई गुना इजाफा होगा। यहां कई तरह की टैक्स प्रणाली होने से विदेशी कंपनियां भारत में निवेश करने से कतराती हैं। यदि इसी मानसून सत्र में जीएसटी लागू हो जाए तो एफडीआई में बूम आ जाएगा। देश को विदेशी निवेश की बहुत जरूरत है। 

रुकेगा भ्रष्टाचार, खत्म होगा टैक्स वार 
जीएसटी से टैक्स से संबंधित विभागों में भ्रष्टाचार खत्म होगा। चेकिंग पोस्ट पर बिना वजह वसूली नहीं हो सकेगी। देश के अंदर ही राज्यों के बीच टैक्स बार चलता रहता है। यह पूरी तरह खत्म हो जाएगा। एक वस्तु एक टैक्स नीति लागू होगी। 

जीएसटी सिर्फ सप्लाई पर, बिक्री या उत्पादन पर नहीं 
सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि जीएसटी किसी वस्तु या सेवा की खरीद या बिक्री पर लागू नहीं होगा। न ही ये उत्पादनकर्ता से वसूला जाएगा। यह कर सिर्फ वस्तु की सप्लाई पर वसूला जाएगा। यदि कोई व्यापारी पहले से ही सर्विस टैक्स, एक्साइज ड्यूटी, वैट या अन्य तरह का टैक्स दे रहा है तो जीएसटी में पंजीकरण कराने के लिए स्वत. प्रार्थना पत्र देना होगा। इसके लागू होने से फर्जी बिलिंग, वस्तु की कीमत का अवमूल्यन व अपंजीकृत व्यापारियों की संख्या में कमी आएगी। 


ये रहे शामिल 
कार्यक्रम के दूसरे सेशन में आईसीएआई के सेंट्रल काउंसिल मेंबर सीए मनु अग्रवाल, रीजनल काउंसिल के कोषाध्यक्ष दीप कुमार मिश्रा, इंद्र मोहन रोहतगी, बीके लाहोटी, सीए डीएस शुक्ल, संतोष गुप्ता, सीए अतुल मेहरोत्रा आदि शामिल रहे। 
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