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Kanpur News: कागज पर बढ़ा दिया जीाएसटी, कॉपी-किताबों में कर दिया शून्य

Tue, 09 Sep 2025 02:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:35 AM IST
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GST increased on paper, made zero in copy books
कानपुर। जीएसटी काउंसिल ने लोगों को जीएसटी दरों में राहत दी है लेकिन कॉपी किताब और कागज मिल संचालक असमंजस में हैं। दरअसल काउंसिल ने कॉपी, प्रैक्टिकल, एक्सरसाइज बुक, टेस्ट बुक, ग्राफ बुक और नोट बुक में जीएसटी शून्य कर दी है। वहीं कागज पर जीएसटी की दर 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दी है जबकि कागज से ही यह उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसके मायने यह है हुआ कि छह प्रतिशत टैक्स और बढ़ गया है। कारोबारियों ने सरकार से मांग उठाई है कि इस पर स्थिति 22 सितंबर से पहले स्पष्ट कर दी जाए। असमंजस के चलते कारोबारी गतिविधियां ठप हो गई हैं।
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शहर में 800 से ज्यादा कॉपी किताब व्यापारी और पेपर मिल संचालक हैं जो नई घोषणा के बाद से परेशान हैं। पेपर वेलफेयर सोसाइटी उत्तर प्रदेश के चेयरमैन गोपी किशन माहेश्वरी और कोषाध्यक्ष राजीव माहेश्वरी ने बताया कि कागज पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी था। अब अब इसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है जबकि इससे बनने वाले उत्पाद जैसे कॉपी, प्रैक्टिकल, एक्सरसाइज बुक, टेक्स्ट बुक, ग्राफ बुक और नोट बुक में जीएसटी शून्य कर दी है। उन्होंने बताया कि कागज का एचएसएन कोड 4802 में आता है। काउंसिल ने अब इसे दो पार्ट में विभाजित कर दिया है
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4802 के पहले पार्ट में मंगाया जाने वाला कागज कॉपी वालों को बिका तो शून्य जीएसटी में बिकेगा। दूसरे पार्ट में इसमें मंगाया जाने वाला कागज कॉपी वालों के अलावा किसी अन्य को बेचा जाएगा तो 18 प्रतिशत में बिकेगा। सवाल यह है कि कागज वाला पेपर मैन्युफैक्चरर से माल कैसे मंगाएगा। पेपर मैन्युफैक्चरर कागज वाले को बिलिंग कैसे करेगा। 18 प्रतिशत में करेगा तो शिक्षा सस्ती नहीं होगी। शून्य में करेगा तो कागज से टैक्स ही समाप्त हो जाएगा।
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सुझाव दिया कि सरकार सभी कॉपी मैन्युफैक्चरर को एक नंबर जारी करे जैसे अखबार वालों को दिया जाता है। अखबार वाले कागज खरीद पर अपना प्रमाणपत्र कागज मैन्युफैक्चरर को देता है। तब उसको टैक्स में छूट मिलती है। उसी प्रकार अगर कॉपी वाले को नंबर दे तो उसके प्रमाणपत्र पर जो माल आगा तो वह शून्य बिलिंग पर आएगा जिसका प्रमाण पत्र नहीं होगा। एसोसिएशन के मंत्री प्रदीप दीक्षित ने बताया कि अब एचएसएन 4802 के अलावा एचएसएन 4810, 4805, 4806 का माल भी कॉपी वाले को लगता है। ड्यूप्लेक्स बोर्ड, ड्राइंग कॉपी में ट्रेसिंग पेपर, कॉपी किताब में चढ़ने वाला जिल्द का कागज 18 प्रतिशत में और अन्य वस्तुएं भी 18 प्रतिशत जीएसटी में चली गई हैं। सरकार समस्या का समाधान जल्द से जल्द करे।
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