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Kanpur News: जीएस के सवालों ने उलझाया, हिंदी ने बचाया
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इटावा। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) शनिवार को कड़ी निगरानी के बीच शुरू हुई। जिले में 22 केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन की परीक्षा में दोनों पालियों में 6745 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। अभ्यर्थियों ने बताया कि जीएस के सवालों ने उलझाया तो हिंदी के सवालों ने पेपर को थोड़ा आसान बना दिया।
शनिवार को आयोजित पहली पाली की परीक्षा में 10,128 अभ्यर्थी शामिल होने थे। इसके सापेक्ष सिर्फ 6,738 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। जबकि 3,390 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि शाम की पाली में पंजीकृत 10,128 में से 6858 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया जबकि 3,270 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा देने पहुंची महिला अभ्यर्थी श्वेता दुबे ने बताया कि जीएस (सामान्य अध्ययन) के सवालों ने खूब घुमाया है। अधिकतर सवाल सिलेबस से थे लेकिन टेक्निकल प्रश्नों ने काफी समय खपा दिया। वहीं गणित के कैल्कुलेटिव सवालों ने भी पसीना छुड़ा दिया। कानपुर से आईं अभ्यर्थी रिंकी मिश्रा ने कहा पेपर न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान। जिन छात्रों ने अच्छी तैयारी की थी, उनके लिए यह परीक्षा काफी बेहतर रही। हां, गणित के कुछ सवाल ऐसे थे कि स्टूडेंट्स उनमें फंस गए। हिंदी के सवाल थोड़े आसान रहे।
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शनिवार को आयोजित पहली पाली की परीक्षा में 10,128 अभ्यर्थी शामिल होने थे। इसके सापेक्ष सिर्फ 6,738 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। जबकि 3,390 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि शाम की पाली में पंजीकृत 10,128 में से 6858 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया जबकि 3,270 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा देने पहुंची महिला अभ्यर्थी श्वेता दुबे ने बताया कि जीएस (सामान्य अध्ययन) के सवालों ने खूब घुमाया है। अधिकतर सवाल सिलेबस से थे लेकिन टेक्निकल प्रश्नों ने काफी समय खपा दिया। वहीं गणित के कैल्कुलेटिव सवालों ने भी पसीना छुड़ा दिया। कानपुर से आईं अभ्यर्थी रिंकी मिश्रा ने कहा पेपर न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान। जिन छात्रों ने अच्छी तैयारी की थी, उनके लिए यह परीक्षा काफी बेहतर रही। हां, गणित के कुछ सवाल ऐसे थे कि स्टूडेंट्स उनमें फंस गए। हिंदी के सवाल थोड़े आसान रहे।
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