{"_id":"6059792e1324eb4ef21af37d","slug":"governor-anandiben-patel-said-this-in-csa-convocation","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: राज्यपाल आनंदीबेन बोलीं- लड़कियां आगे बढ़ रहीं, पर लड़कों का पिछड़ना चिंता का विषय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: राज्यपाल आनंदीबेन बोलीं- लड़कियां आगे बढ़ रहीं, पर लड़कों का पिछड़ना चिंता का विषय
Tue, 23 Mar 2021 11:00 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 23 Mar 2021 11:00 AM IST
विज्ञापन
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लड़कियां आगे बढ़ रहीं, अच्छी बात है, पर लड़कों का पिछड़ना चिंता का विषय है। ऐसा होगा तो लैंगिक असंतुलन होगा जो कि अच्छी बात नहीं है। सोमवार को सीएसए के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि 57 में से 31 मेडल लड़कियों के नाम हैं।
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कुलपति डॉ. डीआर सिंह स्टडी कराएं। पूछिए क्या तकलीफ है लड़कों को, गर्लफ्रेंड के ख्यालों में गुम रहते हो जो पढ़ाई में मन नहीं लगता। लड़के तो घर में काम भी नहीं करते। लड़कियां तो घरेलू काम में भी हाथ बटाती हैं। फिर भी आगे हैं।
नारी सशक्तीकरण का इससे बेहतर उदाहरण क्या होगा। राज्यपाल ने कहा कि पढ़ाई के आगे अपने माता- पिता को नहीं भूलना चाहिए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर भी बच्चों को पढ़ाने के लिए माता- पिता सब कुछ करते हैं। कभी कभी आपकी मां भूखी सोई होगी लेकिन आपको रोटी खिलाई होगी।
विज्ञापन
विश्व जल दिवस के संदर्भ में राज्यपाल ने कहा कि आने वाले समय में भारत के 20 शहरों को पानी नहीं मिलेगा। हमें पानी के वेस्टेज को रोकना है। विवि में जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग और एसटीपी लगाएं।
बताया कि सीएसए कुलपति के कमरे में एक लीटर पानी की बोतल मुझे पीने को मिली, मैने उसको वापस करके छोटी बोतल पानी मंगाया। इसी तरह आपको पानी की बर्बादी को रोकना है। उन्होंने कहा कि जमीन की उत्पादक क्षमता बढ़ाने के लिए जैविक, प्राकृतिक और गोआधारित खेती की ओर रुख करने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कुलपति डॉ. डीआर सिंह स्टडी कराएं। पूछिए क्या तकलीफ है लड़कों को, गर्लफ्रेंड के ख्यालों में गुम रहते हो जो पढ़ाई में मन नहीं लगता। लड़के तो घर में काम भी नहीं करते। लड़कियां तो घरेलू काम में भी हाथ बटाती हैं। फिर भी आगे हैं।
विज्ञापन
नारी सशक्तीकरण का इससे बेहतर उदाहरण क्या होगा। राज्यपाल ने कहा कि पढ़ाई के आगे अपने माता- पिता को नहीं भूलना चाहिए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर भी बच्चों को पढ़ाने के लिए माता- पिता सब कुछ करते हैं। कभी कभी आपकी मां भूखी सोई होगी लेकिन आपको रोटी खिलाई होगी।
विज्ञापन
विश्व जल दिवस के संदर्भ में राज्यपाल ने कहा कि आने वाले समय में भारत के 20 शहरों को पानी नहीं मिलेगा। हमें पानी के वेस्टेज को रोकना है। विवि में जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग और एसटीपी लगाएं।
बताया कि सीएसए कुलपति के कमरे में एक लीटर पानी की बोतल मुझे पीने को मिली, मैने उसको वापस करके छोटी बोतल पानी मंगाया। इसी तरह आपको पानी की बर्बादी को रोकना है। उन्होंने कहा कि जमीन की उत्पादक क्षमता बढ़ाने के लिए जैविक, प्राकृतिक और गोआधारित खेती की ओर रुख करने की आवश्यकता है।