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छात्रों के लिए खुशखबरी, आपके घर पहुंचेगी डिग्री-मार्कशीट, नहीं लगाने पड़ेंगे विश्वविद्यालय के चक्कर
Tue, 25 Jun 2019 12:34 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 25 Jun 2019 12:34 PM IST
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छात्रों की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध 11 जिलों के महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे लाखों छात्रों के लिए खुशखबरी है। अब आपको अपनी डिग्री-डुप्लीकेट मार्कशीट या फिर ट्रांसक्रिप्ट (विदेश में पढ़ाई के लिए विवि से मिलने वाला प्रमाणपत्र) के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इन सभी शैक्षिक दस्तावेजों को हासिल करने के लिए जल्द ही आपको ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलने जा रही है। यही नहीं अगर आप चाहेंगे तो आवेदन करने के सात से पंद्रह दिनों में सारे दस्तावेज आपके घर पर भी डाक से पहुंचा दिए जाएंगे।
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इन सभी शैक्षिक दस्तावेजों को हासिल करने के लिए जल्द ही आपको ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलने जा रही है। यही नहीं अगर आप चाहेंगे तो आवेदन करने के सात से पंद्रह दिनों में सारे दस्तावेज आपके घर पर भी डाक से पहुंचा दिए जाएंगे।
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इसके लिए आवेदन के दौरान ही छात्रों को दो विकल्प दिए जाएंगे। पहला विकल्प विश्वविद्यालय काउंटर से दस्तावेज प्राप्त करने का होगा जबकि दूसरे विकल्प से डाक के जरिये दस्तावेज मिलेंगे। डाक की सुविधा के लिए जल्द ही भारतीय डाक सेवा से समझौता भी किया जाएगा। सोमवार को कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
फिलहाल ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज हासिल करने की यह सुविधा वर्ष 2016 या इसके बाद उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को ही दी जाएगी। इसकी शुरुआत 15 अगस्त से करने की तैयारी है। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल यादव, डिप्टी रजिस्ट्रार विद्यानंद त्रिपाठी, सिस्टम मैनेजर डॉ. सरोज द्विवेदी, डिप्टी रजिस्ट्रार वीरेंद्र कुमार मौर्या आदि मौजूद रहे।
फिलहाल ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज हासिल करने की यह सुविधा वर्ष 2016 या इसके बाद उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को ही दी जाएगी। इसकी शुरुआत 15 अगस्त से करने की तैयारी है। बैठक में रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल यादव, डिप्टी रजिस्ट्रार विद्यानंद त्रिपाठी, सिस्टम मैनेजर डॉ. सरोज द्विवेदी, डिप्टी रजिस्ट्रार वीरेंद्र कुमार मौर्या आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन ट्रांसक्रिप्ट होगी मान्य
रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि विदेश में पढ़ाई करने के लिए जाने वाले छात्रों को ट्रांसक्रिप्ट की जरूरत होती है। ऐसे में अब छात्र इसके लिए ऑनलाइन ही आवेदन कर सकेंगे। खास बात है कि 15 से 20 दिनों में छात्र ऑनलाइन ही ट्रांसक्रिप्ट अपने ईमेल पर भी हासिल कर सकेंगे जो हर जगह मान्य भी होगी।
फिलहाल त्रुटि संशोधन के लिए ऑनलाइन विकल्प नहीं
रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि ये सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी जिनके दस्तावेजों में किसी तरह का त्रुटि संशोधन नहीं होगा। अगर त्रुटि संशोधन करना है तो ऐसे छात्रों को विश्वविद्यालय में आकर आवेदन करना होगा।
रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि विदेश में पढ़ाई करने के लिए जाने वाले छात्रों को ट्रांसक्रिप्ट की जरूरत होती है। ऐसे में अब छात्र इसके लिए ऑनलाइन ही आवेदन कर सकेंगे। खास बात है कि 15 से 20 दिनों में छात्र ऑनलाइन ही ट्रांसक्रिप्ट अपने ईमेल पर भी हासिल कर सकेंगे जो हर जगह मान्य भी होगी।
फिलहाल त्रुटि संशोधन के लिए ऑनलाइन विकल्प नहीं
रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि ये सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी जिनके दस्तावेजों में किसी तरह का त्रुटि संशोधन नहीं होगा। अगर त्रुटि संशोधन करना है तो ऐसे छात्रों को विश्वविद्यालय में आकर आवेदन करना होगा।