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सोना चोरी प्रकरण: वायरल हुए गुमनाम पत्र के अधिकांश कैरेक्टर असली, पुलिस नहीं जांच सकी भूमिका

Mon, 20 Mar 2023 08:55 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 20 Mar 2023 08:55 AM IST
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Gold theft case: Most of the characters of anonymous letter that went viral are real
सोना चोरी प्रकरण - फोटो : अमर उजाला

कानपुर के सचेंडी में पिछले साल दिसंबर में सुरंग बनाकर एसबीआई से एक करोड़ के गहने चोरी करने के मामले में पुलिस अभी तक आरोपियों को पकड़ नहीं सकी है। हालांकि इस बीच एक गुमनाम पत्र वायरल हुआ है, जिसमें 11 नामों का उल्लेख कर इन्हें आरोपी बताया गया है। रविवार को अमर उजाला संवाददाता प्रशांत द्विवेदी ने पत्र की पड़ताल की तो अधिकांश के नाम और पते सही मिले। हालांकि चोरी में इनकी भूमिका है या नहीं इसकी पड़ताल पुलिस को करनी है।

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हाल में एक गुमनाम पत्र पुलिस के हाथ लगा है। पत्र लिखने वाले ने खुद को भी इस चोरी में शामिल होना बताया है। इसमें लिखा है कि उसे उसका हिस्सा नहीं मिला है, इसलिए पुलिस की मदद कर सभी को पकड़वाना चाहता है। पत्र में मसवानपुर में लोहे वाले पुल के पास रहने वाले आठ, रावतपुर, कर्नलगंज व रनियां में रहने वाले एक-एक शख्स (सभी के नाम भी) के शामिल होने की बात बताई गई। एक सप्ताह बाद भी पुलिस पत्र को लेकर संशय में है, लेकिन किसी के घर पूछताछ करने नहीं पहुंची।

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केस: एक
पत्र में जिसे मामले का मास्टर माइंड बताया गया है, वह मसवानपुर लोहे वाले पुल के पास रहता है। घर के बाहर उसके बुजुर्ग पिता बैठे मिले। बेटे के बारे में पूछने पर बताया कि करीब चार दिन पहले वह सुल्तानपुर स्थित गांव चला गया है। पिछले एक साल से सऊदी में रहकर वेल्डिंग का काम करता था। दो फरवरी को लौटकर आया है। चार साल पहले उसका निकाह हुआ था। कोई संतान नहीं है। विवाद के कारण उसकी पत्नी मायके में रहती है।

केस: दो
पत्र में मसवानपुर में रहने वाले जिस दूसरे शख्स का नाम है, उनकी के घर के नीचे टेलीकॉम (पत्र में भी बताई गई) की दुकान थी, जो मोहल्ले में काफी चर्चित थी। हाल में उस दुकान को किराये पर उठा दिया गया है। वे अपने घर पर नहीं मिले, लेकिन उन्होंने फोन पर बात कर बताया कि वह सपा से पार्षदी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। बताया कि करीब एक माह पूर्व (पत्र वायरल होने से पहले) सचेंडी पुलिस उनसे इसी सिलसिले में पूछताछ कर चुकी है।

केस: तीन
पत्र में मसवानपुर में रहने वाले एक कांग्रेसी नेता का भी नाम है। आरोप है कि उन्होंने सभी को संरक्षण देने का दावा किया था। उनका घर भी मिला, लेकिन वे अपने घर पर नहीं थे। बहन ने बताया कि किसी जरूरी काम से बाहर गए हैं। फोन पर हुई बात में जानकारी दी कि करीब डेढ़ माह पहले पुलिस ने कुछ नामों के संबंध में पूछताछ की थी। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं किया।

केस: चार
चौथा व्यक्ति की पान मसाले की दुकान रोड पर ही है। दुकान पर उनके छोटे भाई की पत्नी मिली। उन्होंने बताया कि जेठ और उनके पति दोनों पहले दुकान संभालते थे। अब प्राइवेट नौकरी करने लगे हैं। इसके चलते उनसे अभी मुलाकात नहीं हो सकती।

वायरल पत्र में बताए गए लोगों की पड़ताल के लिए टीम लगाई गई है। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। जल्द ही पत्र की सच्चाई सामने आएगी।- बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर, कानपुर

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