रुपयों के अभाव में इलाज नहीं: शिक्षक की डांट पर छत से कूदी थी छात्रा, मां ने अस्पताल से कराया डिस्चार्ज
छावनी परिषद बालिका जूनियर हाई स्कूल में शिक्षक के डांट देने पर छात्रा स्कूल की छत से कूद गई थी। इससे उसके पैर और कमर में चोट आई। स्कूल वालों ने भर्ती तो करा दिया, लेकिन छात्रा की बेबस मां के पास इलाजके पैसे ही नहीं हैं। इसके चलते छात्रों को अस्पताल से डिस्चार्ज करवा लिया है।
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कानपुर में शिक्षक की डांट से क्षुब्ध होकर पहली मंजिल से कूदने वाली 10वीं की छात्रा को पैसे के अभाव में गुरुवार देर रात मां ने अस्पताल से डिस्चार्ज करा दी। वहीं, इससे पहले शाम को मां ने रेलबाजार थाने में स्कूल प्रशासन के खिलाफ तहरीर दी है।
छावनी परिषद बालिका जूनियर हाई स्कूल की छात्रा शिवानी तिवारी ने बुधवार को स्कूल की पहली मंजिल से छलांग लगा दी थी। दरअसल, उसकी विज्ञान की परीक्षा थी और नकल के शक में अध्यापक ने डांट दिया था। स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को ग्वालटोली के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था।
शिवानी की मां सुनीता तिवारी ने बताया कि स्कूल वालों ने भर्ती करा दिया। जो टीचर आए थे वह भी एक घंटे में चले गए थे। बेटी के पैर और कमर में चोट आई है। डॉक्टरों ने दस हजार रुपये से ज्यादा का खर्च बता दिया था। उनके पास इलाज कराने के लिए पैसे नहीं थे। मजबूरन बेटी को अस्पताल से डिस्चार्ज कराना पड़ा।
स्कूल के अध्यापकों और प्रधानाचार्य पर प्रताड़ना का आरोप
सुनीता ने बताया कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ रेलबाजार थाने में तहरीर दी है। उन्होंने स्कूल के अध्यापकों और प्रधानाचार्य पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। सुनीता के मुताबिक बेटी की मानसिक स्थिति स्कूल में मिलने वाली प्रताड़ना से ही बिगड़ी है। वहीं इंस्पेक्टर रेलबाजार प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अब तक कोई तहरीर नहीं दी गई है।
बता दें कि रेलबाजार थाना क्षेत्र में बुधवार को शिक्षक की डांट से क्षुब्ध दसवीं की छात्रा ने स्कूल की छत से छलांग लगा दी थी। सूचना पर स्कूल पहुंचे परिजनों से शिक्षकों की नोकझोंक हो गई थी। छात्रा काे नर्सिंगहोम में भर्ती करायागया था, जहां से मां ने डिस्चार्ज करा लिया है। फेथफुलगंज निवासी मनोज तिवारी की काफी समय पहले मौत हो गई थी। उनकी पत्नी सुनीता तिवारी और बेटी आशा रेलवे स्टेशन पर पान मसाला बेचती हैं।