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कानपुर: हैलट अस्पताल में आयुष्मान रोगी की दुर्दशा आपको हैरान कर देगी, सुविधाओं के लिए तरस रहा मरीज
Tue, 16 Jul 2019 04:35 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 16 Jul 2019 04:35 PM IST
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कानपुर हैलट अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के हैलट के अस्थि रोग विभाग में भर्ती आयुष्मान लाभार्थी के इलाज में कोताही बरती जा रही है। सर्जरी के लिए अस्पताल से इम्प्लांट की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके अलावा जांचें भी नहीं की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. करन सिंह को खुद हैलट आकर प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी से रोगी के इलाज के संबंध में सिफारिश करनी पड़ी।
औरैया के रहने वाले अजय कुमार (38) को तीन जुलाई को अस्थि रोग विभाग में भर्ती किया गया। उनके पैर में एक उपकरण लगना है। पैर में एक गंभीर बीमारी का शक भी जाहिर किया जा रहा लेकिन अभी तक सभी जांचे नहीं कराई गईं। सोमवार को संयुक्त निदेशक डॉ. करन सिंह के साथ रोगी के परिजन प्राचार्य से मिले।
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औरैया के रहने वाले अजय कुमार (38) को तीन जुलाई को अस्थि रोग विभाग में भर्ती किया गया। उनके पैर में एक उपकरण लगना है। पैर में एक गंभीर बीमारी का शक भी जाहिर किया जा रहा लेकिन अभी तक सभी जांचे नहीं कराई गईं। सोमवार को संयुक्त निदेशक डॉ. करन सिंह के साथ रोगी के परिजन प्राचार्य से मिले।
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बताया कि रोगी को एसजीपीजीआई रेफर करने को कहा जा रहा है लेकिन कागज तैयार नहीं हैं। इस पर प्राचार्य ने आयुष्मान नोडल अधिकारी डॉ. एसके सिंह से जानकारी ली। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रबंधन उन्हें सामान उपलब्ध नहीं करा रहा।
इस पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने कहा कि रोगी के इलाज के संबंध में कुछ मांगा ही नहीं गया। प्राचार्य ने सामान मंगाकर रोगी का इलाज शुरू करने का आदेश दिया।
इस पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने कहा कि रोगी के इलाज के संबंध में कुछ मांगा ही नहीं गया। प्राचार्य ने सामान मंगाकर रोगी का इलाज शुरू करने का आदेश दिया।