सामान्य वर्ग के ढाई लाख छात्रों को नहीं मिली छात्रवृत्ति, सरकार को दी ये चेतावनी
छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति न मिलने से नाराज सामान्य वर्ग के हजारों छात्रों ने सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें सरकार छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं देगी तो सभी सड़क पर उतरकर जाम लगाएंगे।
दरअसल इस सत्र में बीए, बीएससी, बीटेक, एमटेक, बीएड, एमएड सहित स्नातक, परास्नातक और डिप्लोमा कोर्स में अध्ययनरत प्रदेश के ढाई लाख सामान्य वर्ग के छात्रों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल सका है। इसमें कानपुर के करीब 40 हजार से अधिक छात्र हैं।
छात्र इसके लिए लगातार समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। वीएसएसडी कॉलेज से बीएड कर रहे छात्र अनिरुद्ध मिश्र ने बताया कि उनके साथ कॉलेज के करीब 150 से ज्यादा छात्रों की स्कॉलरशिप नहीं आई है।
समाज कल्याण विभाग में भी कोई उचित सूचना नहीं दी जाती है। डीएवी के बीएससी छात्र मोहित वैश्य, पीपीएन की शिवांगी, बीएनडी के राघव सहित कई छात्रों ने इसको लेकर समाज कल्याण विभाग में शिकायत की है। छात्रों का कहना है कि एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों को बुलाकर उनके फार्म में हुई त्रुटि को संशोधित करवाकर स्कॉलरशिप दी जा रही है जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों को बजट न होने का बहाना बनाया जा रहा है।
एबीवीपी के प्रशांत झा ने कहा कि छात्रों का अहित किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए आंदोलन किया जाएगा और प्रदेश सरकार तक छात्रों की बात पहुंचाई जाएगी। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष शुभम शुक्ला ने सरकार पर सामान्य वर्ग के शोषण का आरोप लगाया। कहा कि इसके खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। सरकार को एक सप्ताह की चेतावनी दी है। कहा कि अगर 10 जून तक छात्रों की सुनवाई नहीं होती है तो पूरे प्रदेश में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
सामान्य वर्ग के 15 फीसदी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति नहीं जारी की गई है। उनके आवेदन के आगे स्टेटस में छात्रवृत्ति न आने का कारण लिखा हुआ है। कुछ छात्र फेल हैं तो कुछ ने अपना खाता नंबर गलत लिख दिया है। बाकी पात्र बचे कुछ छात्रों की छात्रवृत्ति बजट आते ही उनके खाते में भेज दी जाएगी। - अमरजीत सिंह, समाज कल्याण अधिकारी