{"_id":"668ec17a1b1533e893088182","slug":"gangster-accused-acquitted-as-charges-not-proved-kanpur-news-c-220-1-sknp1003-114631-2024-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: आरोप साबित न होने पर गैंगस्टर का आरोपी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: आरोप साबित न होने पर गैंगस्टर का आरोपी दोषमुक्त
Wed, 10 Jul 2024 10:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 10 Jul 2024 10:44 PM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। वर्ष 2015 में सजेती पुलिस ने हत्या के एक मामले में आरोपी पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। मामले में आरोपी हत्या के मामले में दोषमुक्त हो गया था, जबकि गैंगस्टर मामला विचाराधीन था। मंगलवार को गैंगस्टर मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त किया है। इसके साथ ही सुनवाई के दौरान लोक सेवकों की ओर से दिए गए बयान को न्यायालय ने लापरवाही व उदासीनता माना है।
चीफ डिफेंस काउंसिल ने बताया कि रामपुर सजेती निवासी संतोष पर पुलिस ने फरवरी 2015 में ट्रक चालक की हत्या का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। साथ ही इसी मामले के आधार पर उसपर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। हत्या मामले की सुनवाई दौरान अदालत ने पूर्व में आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। जबकि गैंगस्टर मामला लंबित चल रहा था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी संतोष को दोष मुक्त कर दिया। वहीं अदालत ने अपना निर्णय देते हुए मामले में अभियोजन गवाह उपनिरीक्षक, कांस्टेबल सहित अन्य गवाहों के बयान को अदालत ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही व उदासीनता माना है।
विज्ञापन
चीफ डिफेंस काउंसिल ने बताया कि रामपुर सजेती निवासी संतोष पर पुलिस ने फरवरी 2015 में ट्रक चालक की हत्या का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। साथ ही इसी मामले के आधार पर उसपर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। हत्या मामले की सुनवाई दौरान अदालत ने पूर्व में आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। जबकि गैंगस्टर मामला लंबित चल रहा था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी संतोष को दोष मुक्त कर दिया। वहीं अदालत ने अपना निर्णय देते हुए मामले में अभियोजन गवाह उपनिरीक्षक, कांस्टेबल सहित अन्य गवाहों के बयान को अदालत ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही व उदासीनता माना है।
विज्ञापन