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Kanpur News: बिहार और नेपाल के गैंग ने चुराए थे 60 लाख के मोबाइल
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कानपुर। गोविंदनगर में 60 लाख रुपये के मोबाइल चोरी की वारदात बिहार और नेपाल के गैंग ने की है। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का राजफाश किया है। आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस को सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन पता चली थी, जिसके बाद सभी की धरपकड़ हुई और 113 मोबाइल बरामद हुए। गुडवर्क के लिए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने टीम को एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी राजीव कृष्णा ने पुलिस कमिश्नर व टीम को बधाई दी है।
गोविंदनगर में सात दिसंबर को नीरज बलेचा की दुकान से लगभग 60 लाख कीमत के 113 मोबाइल चोरी हो गए। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य बरामद किए। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के अंतर्गत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। इसमें सवा पांच बजे के आसपास संदिग्ध युवक बोरे में मोबाइल लेकर जाता हुआ नजर आया। उसके साथ तीन अन्य युवक भी दिखाई दिए। चारों एक ऑटो में बैठकर जाते हुए नजर आए। पुलिस टीम ने उनकी लोकेशन को ट्रेस करते हुए पता लगाया।
आरोपियों का लखनऊ और वहां से बिहार के मोतिहारी के घोड़सहन व नेपाल जाने की आशंका हुई। गोविंदनगर थाना प्रभारी रिकेश सिंह व तीन अन्य टीम 17 दिनों तक बिहार व नेपाल के चक्कर लगाती रही। इस दौरान मोतिहारी पुलिस ने पुलिसकर्मियों को संदिग्ध मानते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने खुद की जानकारी देते हुए बताया कि वह लोग एक युवती की तलाश में आए हैं, जिस पर उन्हें जाने दिया गया।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने मोतिहारी में ही मोबाइल को जमीन में छुपा दिया था। सबसे पहले कृष्णा को पकड़ा गया, जबकि बाकी नेपाल चले गए थे। सभी को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान मोतीहारी घोड़सहन के मुबीन, प्रमाेद, मुकेश, नेपाल के कृष्णा, बजरिया के शोएब के रूप में हुई। कृष्णा मास्टरमाइंड है जबकि एक आरोपी मोतीहारी के असलम उर्फ हड्डी की तलाश है। शहर के व्यापारियों ने कमिश्नर आवास पर उन्हें व टीम को बधाई दी।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरोह ने मुंबई में रोलेक्स घड़ी के शोरूम में वारदात की थी जिसमें कुछ लोग जेल भी गए थे। गिरोह के उत्तराखंड, दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, लखनऊ और अयोध्या में चोरी का पता चला है। यह लोग साइड लॉक वाली दुकानों से माल उड़ाते थे। गोविंदनगर में चोरी करने से पहले आरोपी चार दिसंबर को लखनऊ आए यहां के एक होटल में रुके थे। इस दौरान नाका हिंडोला और चिनहट की कुछ दुकानाें की रेकी की। गैंग में शामिल शोएब बजरिया में ऑटो चलाता है। उसने साथियों को शहर बुला लिया। चारों रेलवे स्टेशन के पास होटल में रुके। वहां पर फेक आईडी व फर्जी नंबर दिया। सात दिसंबर को गोविंदनगर की मोबाइल दुकान में कृष्णा अंदर घुसा और 20 मिनट में मोबाइल ले आया। मोबाइल लेकर सभी रामादेवी पहुंचे और बस से लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ के होटल से सामान लेकर रोडवेज बस से गोरखपुर पहुंचे। गोरखपुर से गिरोह के सदस्यों को मोबाइल बेचने के लिए नेपाल जाना था जिसके लिए मोतिहारी जिले में पहुंच गए। यहां मोबाइल जमीन में छिपा दिए थे।
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गोविंदनगर में सात दिसंबर को नीरज बलेचा की दुकान से लगभग 60 लाख कीमत के 113 मोबाइल चोरी हो गए। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य बरामद किए। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के अंतर्गत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। इसमें सवा पांच बजे के आसपास संदिग्ध युवक बोरे में मोबाइल लेकर जाता हुआ नजर आया। उसके साथ तीन अन्य युवक भी दिखाई दिए। चारों एक ऑटो में बैठकर जाते हुए नजर आए। पुलिस टीम ने उनकी लोकेशन को ट्रेस करते हुए पता लगाया।
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आरोपियों का लखनऊ और वहां से बिहार के मोतिहारी के घोड़सहन व नेपाल जाने की आशंका हुई। गोविंदनगर थाना प्रभारी रिकेश सिंह व तीन अन्य टीम 17 दिनों तक बिहार व नेपाल के चक्कर लगाती रही। इस दौरान मोतिहारी पुलिस ने पुलिसकर्मियों को संदिग्ध मानते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने खुद की जानकारी देते हुए बताया कि वह लोग एक युवती की तलाश में आए हैं, जिस पर उन्हें जाने दिया गया।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने मोतिहारी में ही मोबाइल को जमीन में छुपा दिया था। सबसे पहले कृष्णा को पकड़ा गया, जबकि बाकी नेपाल चले गए थे। सभी को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान मोतीहारी घोड़सहन के मुबीन, प्रमाेद, मुकेश, नेपाल के कृष्णा, बजरिया के शोएब के रूप में हुई। कृष्णा मास्टरमाइंड है जबकि एक आरोपी मोतीहारी के असलम उर्फ हड्डी की तलाश है। शहर के व्यापारियों ने कमिश्नर आवास पर उन्हें व टीम को बधाई दी।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरोह ने मुंबई में रोलेक्स घड़ी के शोरूम में वारदात की थी जिसमें कुछ लोग जेल भी गए थे। गिरोह के उत्तराखंड, दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, लखनऊ और अयोध्या में चोरी का पता चला है। यह लोग साइड लॉक वाली दुकानों से माल उड़ाते थे। गोविंदनगर में चोरी करने से पहले आरोपी चार दिसंबर को लखनऊ आए यहां के एक होटल में रुके थे। इस दौरान नाका हिंडोला और चिनहट की कुछ दुकानाें की रेकी की। गैंग में शामिल शोएब बजरिया में ऑटो चलाता है। उसने साथियों को शहर बुला लिया। चारों रेलवे स्टेशन के पास होटल में रुके। वहां पर फेक आईडी व फर्जी नंबर दिया। सात दिसंबर को गोविंदनगर की मोबाइल दुकान में कृष्णा अंदर घुसा और 20 मिनट में मोबाइल ले आया। मोबाइल लेकर सभी रामादेवी पहुंचे और बस से लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ के होटल से सामान लेकर रोडवेज बस से गोरखपुर पहुंचे। गोरखपुर से गिरोह के सदस्यों को मोबाइल बेचने के लिए नेपाल जाना था जिसके लिए मोतिहारी जिले में पहुंच गए। यहां मोबाइल जमीन में छिपा दिए थे।