Kanpur: उफनाईं गंगा का कहर! जलस्तर घटा...दुश्वारियां बरकरार, खेतों में घुसा पानी, पलायन कर रहे हैं परिवार
Kanpur News: घरों में पानी घुसने से कई परिवार रात में छतों पर ही गुजर बसर कर रहे है। केंद्रीय जल आयोग की मानें, तो अगले एक दो दिन में जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि गंगा नदी अभी भी चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 33 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
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उफनाई गंगा के जलस्तर में बुधवार को आंशिक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि शुक्लागंज के जिन मोहल्लों में पानी घुसा है, वहां के लोगों की दुश्वारियां बरकरार हैं। आबादी वाले हिस्सों में अभी नदी का पानी भरा है। जिला प्रशासन की ओर से दो नाव और गोताखोर लगाए गए हैं, ताकि लोगों को आवागमन को लेकर आसानी हो।
वहीं, गोताखोर कटरी मोहल्ले के 35 में से 15 परिवार अब तक पलायन कर चुके हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे 112. 350 मीटर दर्ज किया गया। शाम को जलस्तर में गिरावट आई और 112. 330 मीटर पर पहुंच गया। दिनभर में दो सेंटीमीटर की गिरावट आई।
वहीं, मोहल्ला गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर, चंपापुरवा कटरी, रविदास नगर, इंद्रा नगर, श्रीनगर, मालवीय नगर में पानी घुस चुका है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई है। लोगों को रात में अधिक समस्या उठानी पड़ रही है। लोगों के अनुसार रात में जलीय जीव के अलावा रोशनी न होने के कारण समस्या अधिक रहती है।
जलस्तर में दर्ज की जा सकती है गिरावट
घरों में पानी घुसने से कई परिवार रात में छतों पर ही गुजर बसर कर रहे है। केंद्रीय जल आयोग की मानें, तो अगले एक दो दिन में जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि गंगा नदी अभी भी चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 33 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सदर लेखपाल मनोज यादव ने बताया कि जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
हरिहरपुर-बैराज संपर्क मार्ग कटा
गंगा का पानी शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी दस्तक देने लगा है। गांव के कटरी क्षेत्र के खेतों में पानी घुसने से किसानों की सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है। खेत पानी से लबालब है, ऐसे में किसानों को लाखों का नुकसान होने के कारण चेहरे मुरझाए है। वहीं, हरिहरपुर -बैराज संपर्क पर नदी का पानी पहुंचने से मार्ग कट गया है।
सब्जियों की फसल हो चुकी है बर्बाद
इससे ग्रामीणों को आने जाने में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से चंपापुरवा और गगनीखेड़ा कटरी क्षेत्र से होकर नदी का पानी हरिहरपुर गांव की ओर आ गया है। हरिहरपुर -बैराज संपर्क मार्ग कट गया है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का पानी हरिहरपुर, फत्तेखेड़ा गंगा कटरी, रामपुर, नत्था खेड़ा में पानी ने दस्तक दे दी है। खेत पानी से लबालब हैं। खेतों में बैंगन, तरोई, लौकी, भिंडी समेत अन्य सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है।