Kanpur: अटल से सिद्धनाथ घाट तक बने गंगा रिवर फ्रंट, सासंद रमेश अवस्थी ने संसद में उठाई मांग, कही ये बात
Kanpur News: सांसद अवस्थी ने सरकार से अपील की कि कानपुर को फिर से एक गौरवशाली औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाने के लिए इस परियोजना को जल्द से जल्द स्वीकृति दी जाए।
विस्तार
कानपुर में अटल घाट से लेकर सिद्धनाथ घाट जाजमऊ तक गंगा रिवर फ्रंट का निर्माण कराया जाए। इससे कानपुर का विकास और पुनरुत्थान होगा। शहर को उसका खोया हुआ औद्योगिक और सांस्कृतिक गौरव वापस मिल सकेगा। नगर सांसद रमेश अवस्थी ने यह मांग संसद के शून्य काल में उठाई। उन्होंने कहा कि गंगा नदी के किनारे भव्य रिवर फ्रंट बनाने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने नगर की सांस्कृतिक और औद्योगिक विरासत के संबंध में बताया।
सांसद अवस्थी ने कहा कि मां गंगा के तट पर बसा कानपुर कभी एक प्रसिद्ध औद्योगिक नगरी हुआ करता था। लेकिन समय के साथ यह अपनी पहचान खोता जा रहा है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह अटल घाट से लेकर जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ घाट तक गंगा रिवर फ्रंट का निर्माण कराए। इससे न केवल कानपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित किया जा सकेगा, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
परियोजना को जल्द से जल्द दी जाए स्वीकृति
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से शहर के नागरिकों को एक सुंदर और स्वच्छ तट मिलेगा। वहां वे सैर-सपाटा भी कर सकेंगे। साथ ही यह शहर के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र अमल में लाया जाए। सांसद ने सरकार से अपील की कि कानपुर को फिर से एक गौरवशाली औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाने के लिए इस परियोजना को जल्द से जल्द स्वीकृति दी जाए।
गंगा रिवर फ्रंट परियोजना के संभावित लाभ
- कानपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करना।
- पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।
- गंगा तटों के सुंदरीकरण और स्वच्छता को बढ़ावा देना।
- रोजगार के नए अवसर सृजित करना।