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कानपुर से प्रदूषण मुक्त गंगा अभियान का अागाज
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Sat, 20 Aug 2016 12:23 AM IST
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गंगा स्वछता अभियान
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महानगर और इसके आस-पास की गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की केंद्र सरकार की योजना का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। 600 करोड़ लागत वाली इस योजना का शिलान्यास गंगा मंत्रालय की केंद्रीय मंत्री उमा भारती और इस्टीमेट कमेटी के चेयरमैन डा. मुरली मनोहर जोशी ने किया। कें द्रीय मंत्री ने कहा कि गंगाजल आचमन लायक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। पूरी धनराशि भी मंत्रालय को दे दी गई है। गंगा के पहले फेज का काम 20 अक्टूबर 2018 तक दिखने लगेगा। यह गंगा अभियान का पहला चरण होगा।
उन्होंने कहा कि कानपुर में गंगा का सबसे बड़ा दुश्मन है सीसामऊ नाला, जिसे टेप करने और उसका प्रदूषित पानी पंपिंग सेट के जरिए जाजमऊ सीईटीपी (कॉमन एफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट) में मोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब 70 करोड़ का बजट स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। गंगा किनारे घाटों का निर्माण, सुंदरीकरण, शवदाह गृहों का निर्माण, महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के स्थान बनाए जाएंगे। बिठूर जो कानपुर का टूरिस्ट प्लेस है, वहां पर गंगा किनारे को विकसित करने के लिए 100 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। सांसद मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि गंगा का जितना भी प्रदूूषण है उसके लिए देश की राजनीति दोषी है। गंगा से अधिक प्रदूषित देश की राजनीति है। उन्होंने कहा कि पानी कम खर्च हो इसके लिए सिंचाई के वैकल्पिक तरीके खोजने होंगे। कम पानी सोखने वाले बीज, कम पानी में ज्यादा उपज देने वाली फसलें तैयार करने की जरूरत है। रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का उपयोग किया जाना चाहिए। हाइड्रो पावर की जगह बिजली उत्पादन के दूसरे तरीकों को अपनाया जाए। ऐसा होगा तभी गंगा का अस्तित्व रहेगा। गंगा हम सभी के सम्मान के लिए जरूरी है। इससे पूर्व परियोजना के शिलापट का अनावरण किया गया। इस अवसर पर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, मेयर जगतवीर सिंह द्रोण, विधायक सतीश महाना, सलिल विश्नोई, रघुनंदन भदौरिया, अरुण पाठक, नमामि गंगे मिशन के प्रबंध निदेशक रजत भार्गव, निदेशक हरिहर मिश्रा मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि कानपुर में गंगा का सबसे बड़ा दुश्मन है सीसामऊ नाला, जिसे टेप करने और उसका प्रदूषित पानी पंपिंग सेट के जरिए जाजमऊ सीईटीपी (कॉमन एफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट) में मोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब 70 करोड़ का बजट स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। गंगा किनारे घाटों का निर्माण, सुंदरीकरण, शवदाह गृहों का निर्माण, महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के स्थान बनाए जाएंगे। बिठूर जो कानपुर का टूरिस्ट प्लेस है, वहां पर गंगा किनारे को विकसित करने के लिए 100 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। सांसद मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि गंगा का जितना भी प्रदूूषण है उसके लिए देश की राजनीति दोषी है। गंगा से अधिक प्रदूषित देश की राजनीति है। उन्होंने कहा कि पानी कम खर्च हो इसके लिए सिंचाई के वैकल्पिक तरीके खोजने होंगे। कम पानी सोखने वाले बीज, कम पानी में ज्यादा उपज देने वाली फसलें तैयार करने की जरूरत है। रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का उपयोग किया जाना चाहिए। हाइड्रो पावर की जगह बिजली उत्पादन के दूसरे तरीकों को अपनाया जाए। ऐसा होगा तभी गंगा का अस्तित्व रहेगा। गंगा हम सभी के सम्मान के लिए जरूरी है। इससे पूर्व परियोजना के शिलापट का अनावरण किया गया। इस अवसर पर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, मेयर जगतवीर सिंह द्रोण, विधायक सतीश महाना, सलिल विश्नोई, रघुनंदन भदौरिया, अरुण पाठक, नमामि गंगे मिशन के प्रबंध निदेशक रजत भार्गव, निदेशक हरिहर मिश्रा मौजूद रहे।
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