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यूपी: सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का दबाव में कराया अंतिम संस्कार, पुलिस ने गांव नहीं जाने दिया शव
Thu, 16 Dec 2021 12:25 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:25 AM IST
सार
पीड़ित परिवार ने बताया कि पुलिस ने दबाव में शव का अंतिम संस्कार करा दिया जबकि वे गांव में बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहते थे। इतना ही नहीं, पुलिस ने परिजनों को मीडिया से भी बात करने पर रोक लगा रखी थी। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन देकर शांत कराया।
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में मंगलवार को एक दुष्कर्म पीड़िता ने बच्चे को जन्म दिया और उसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। लड़की के साथ 6 महीने सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। पुलिस ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी लेखपाल को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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उधर, बवाल की आशंका पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने मां-बच्चे का शव गांव नहीं जाने दिया। दबाव में कानपुर के भैरव घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार कराया। इसके बाद परिजनों को उनके गांव पहुंचा दिया गया। मामला ककवन थाना क्षेत्र का है।
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जहां लेखपाल रंजीत ने अपने तीन साथियों के साथ 16 साल की लड़की से सामूहिक दुष्कर्म किया था। 4 महीने की प्रेग्नेंट होने पर लड़की के घरवालों को इसका पता चला था। इसके बाद पिता ने 11 अक्टूबर को 4 लोगों के खिलाफ बेटी से सामूहिक दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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कानपुर हैलट अस्पताल में 14 दिसंबर को उसने बच्चे को जन्म दिया। लेकिन मां-बच्चे दोनों की मौत हो गई। बुधवार सुबह से ही पोस्टमार्टम हाउस में एसडीएम बिल्हौर, आउटर के एडिशनल एसपी आदित्य शुक्ला, सीओ बिल्हौर और सदर के साथ ही कई थानों का फोर्स मौजूद था।
पीड़ित परिवार ने बताया कि पुलिस ने दबाव में शव का अंतिम संस्कार करा दिया। जबकि वह गांव में बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहते थे। इतना ही नहीं, पुलिस ने परिजनों को मीडिया से भी बात करने पर रोक लगा रखी थी। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन देकर शांत कराया। आईजी रेंज कानपुर प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले की जांच एडिशनल एसपी आउटर को दी गई है। जांच में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।