फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Ganesh Chaturthi: Bal Gangadhar Tilak laid the foundation of Ganesh temple at the location of British

Ganesh Chaturthi: अंग्रेजों के ठिकाने पर बाल गंगाधर तिलक ने रखी थी कानपुर के गणेश मंदिर की नींव

Thu, 01 Sep 2022 11:50 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 01 Sep 2022 11:50 AM IST
सार

घंटाघर सुतरखाना स्थित गणेश मंदिर के सेवक दिनेश गुप्ता बताते हैं कि इस मंदिर की खास बात कि यहां गजानन पहले तल पर विराजमान हैं। बाकी मंदिरों में गजानन की प्रतिमा नीचे ही स्थापित है।

विज्ञापन
Ganesh Chaturthi: Bal Gangadhar Tilak laid the foundation of Ganesh temple at the location of British
घंटाघर सुतरखाना स्थित गणेश मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में घंटाघर सुतरखाना स्थित गणेश मंदिर करीब 101 वर्ष पूर्व अंग्रेजों का ठिकाना हुआ करता था। मंदिर के सेवक दिनेश गुप्ता बताते हैं कि पास में ही एक मस्जिद थी। अंग्रेजों को लगता था कि यहां मंदिर का निर्माण हुआ तो दोनों समुदाय आमने सामने आ सकते हैं।

विज्ञापन


इस कारण मंदिर नहीं बनने दिया जा रहा था। एक दिन बाल गंगाधर तिलक ने इसी स्थान पर बैठक कर मंदिर की नींव रखने का एलान कर दिया। दूसरे समुदाय के लोगों ने भी इसका समर्थन किया और मंदिर की नींव रखी गई। करीब दो माह बाद फिर बैठक हुई और चावल व्यापारी रामचरण गुप्ता ने मंदिर का निर्माण कराने की ठानी।
विज्ञापन


उन्होंने अंग्रेजों से मंदिर बनाने की इजाजत ली और कहा कि मंदिर अंदर की तरफ ही बनाएंगे। अंदर ही पूजा करेंगे। इसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ। सन 2000 में मंदिर का भव्य निर्माण अयोध्या के स्वामी सच्चिदानंद ने कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंदिर की विशेषताएं
मंदिर के सेवक दिनेश गुप्ता बताते हैं कि इस मंदिर की खास बात कि यहां गजानन पहले तल पर विराजमान हैं। बाकी मंदिरों में गजानन की प्रतिमा नीचे ही स्थापित है। गणेश जी की सूंड़ दाएं तरफ है। इसके अलावा गणेश जी रिद्धी-सिद्धी के साथ विराजमान हैं। एक और खास बात यह है कि मंदिर के अंदर दक्षिण मुखी हनुमान जी भी स्थापित हैं और मंदिर की चोटी पर मां गंगा विराजमान हैं। मां गंगा की यह मूर्ति अंग्रेजों के जमाने की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed