फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   From the camp of the mourners, Zainab called out: "Today is your Mehndi, Qasim..."

Kanpur News: रो के खेमे में जैनब पुकारी, आज मेहंदी है कासिम तुम्हारी...

Wed, 24 Jun 2026 12:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:34 AM IST
विज्ञापन
From the camp of the mourners, Zainab called out: "Today is your Mehndi, Qasim..."
बाबू पुरवा से निकल गया मोहर्रम का जुलूस - फोटो : अमर उजाला
कानपुर। मुहर्रम की सातवीं तारीख को शहर में हजरत इमाम हसन के बेटे हजरत कासिम की शहादत की याद में निकाले गए मेहंदी जुलूसों और मजलिसों ने पूरे माहौल को गम से भर दिया। रो के खेमे में जैनब पुकारी, आज मेहंदी है कासिम तुम्हारी... जैसे मर्सिये की सदा के बीच कर्बला के ऐतिहासिक वाकये को याद किया गया जिसमें हजरत कासिम के निकाह और शहादत का वाकया बयान किया जाता है।
विज्ञापन


मकबरा स्थित इमामबारगाह में डॉ. सानिया रिजवी ने कर्बला का वाकया बयान करते हुए बताया कि हजरत कासिम का निकाह होने वाला था लेकिन उसी दौरान कर्बला में जंग की सूरत बन गई। निकाह की रस्में पूरी भी नहीं हो पाई थीं कि हजरत कासिम जंग के मैदान में उतर गए और बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हो गए। इस बयान पर मौजूद महिलाओं ने सीनाजनी कर शोक व्यक्त किया तथा दुआएं मांगीं।
विज्ञापन


इससे पहले शिया महिलाओं ने अंजुमन कनीजान-ए-सैय्यदा के तत्वावधान में मकबरे से हजरत कासिम की याद में मेहंदी का जुलूस निकाला। जुलूस में महिलाओं ने परंपरागत रूप से सजाए गए थाल लेकर हिस्सा लिया। सबसे आगे मोमबत्तियों का थाल, उसके पीछे अलम और फिर मेहंदी से सजे थाल लेकर महिलाएं चलती नजर आईं। जुलूस क्षेत्र में भ्रमण करते हुए वापस इमामबारगाह में समाप्त हुआ। रास्ते भर अकीदतमंदों ने थालों को चूमकर मन्नतें मांगीं और दुआएं कीं। मौके पर नसीम रिजवी, शीबा रिजवी, लुबना फातिमा और रूबी मिर्जा सहित कई महिलाओं ने नौहाख्वानी की। इसी तरह पटकापुर नवाब साहब का हाता क्षेत्र से भी अंजुमन कनीजान-ए-जहरा के तत्वावधान में मेहंदी का जुलूस निकाला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



कई जगह से निकाले गए वर्षों पुराने जुलूस

इमामबारगाह आगामी से नवाब हैदर अली खां का 157 साल पुराना हजरत कासिम की मेहंदी का जुलूस निकाला गया। इसमें अंजुमन मोहम्मदी मोइनुल अजा के अख्तर सीतापुरी व हसन अब्बास ने नौहाख्वानी की। जुलूस मकबरा छोटी कर्बला में गश्त के बाद ग्वालटोली मछली वाला तिराहा होते हुए इमाम बारगाह नवाब हैदर अली खां में पहुंचकर समाप्त हुआ। इसका नेतृत्व नवाब हैदर अब्बास, नवाब अली अब्बास, शहंशाह मिर्जा, निशात अली, ताज मिर्जा ने किया। यहां नवाब हैदर अब्बास, कुमैल अब्बास, आलिम, हसन अब्बास, डॉ. जुल्फिकार अली रिजवी, फुरकान हैदर, आसिफ अब्बास, नजरे आलम, परवेज जाफरी आदि मौजूद रहे। इसी तरह नई सड़क से हामिद की मेहंदी का 135 साल पुराना जुलूस देर रात निकाला गया। ये मेस्टन रोड, बिसातखाना, मूलगंज, अनवरगंज होते हुए हलीम कॉलेज से दादा मियां और वापस नई सड़क पर समाप्त हुआ। इसका नेतृत्व मुन्ना खां, मो. मंजूर, मो. समी और मो. अकील ने की। जुलूस में बैंड मातमी धुनों के साथ हजरत कासिम और कर्बला के 72 शहीदों का नजराने अकीदत पेश करते नजर आए। अंजुमन तकरीबात कमेटी की ओर से बाबूपुरवा में दोपहर में जुलूस निकाला गया। जुलूस का नेतृत्व में पार्षद मेराज, पार्षद अकील शानू ने किया। इसका जगह-जगह इस्तकबाल किया गया। इस मौके पर पार्षद इशरत अली, शमशुल अंसारी, हाजी सरवर खान, वसीम अहमद, अबरार हसन, शकील आदि मौजूद रहे। हाजी शेरा का अलम जुलूस मोहम्मद अली पार्क चमनगंज से उठा जो अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ वापस चमनगंज में समाप्त हुआ।







सर्वधर्म सद्भाव का संदेश देते हुए बांटा हुसैनी लंगर

माल रोड पर कर्बला के शहीदों की याद में हुसैनी लंगर का आयोजन किया गया। इसमें सभी धर्मों के लोगों ने हिस्सा लेते हुए सर्वधर्म सद्भाव का संदेश दिया। यहां लोगों को इमाम हुसैन की शहादत के बारे में बताया गया। इस मौके पर हशम अब्बास, इमरान सिद्दीकी, डॉ. जुल्फिकार अली रिजवी, हैदर नकवी, इब्ने हसन जैदी, राशिद अली जैदी रिजवान कुरैशी, डॉ. इमरान इदरीसी, हैदर अली, तज्जु, मर्फी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed