{"_id":"6022e55d8ebc3e4c63254a1c","slug":"fraud-akbarpur-news-knp610909274","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम प्रधान, बेटे व ग्राम विकास अधिकारी पर नहीं कराई एफआईआर, नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम प्रधान, बेटे व ग्राम विकास अधिकारी पर नहीं कराई एफआईआर, नोटिस
विज्ञापन
कानपुर देहात। शौचालय निर्माण मेें 39.48 लाख रुपये की हेराफेरी में दस माह बाद भी सहायक विकास अधिकारी ने बैरीसाल के तत्कालीन ग्राम प्रधान, उसके बेटे व ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। हीलाहवाली करने पर डीपीआरओ ने नाराजगी जताते हुए विकास अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
रसूलाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बैरीसाल में स्वच्छ भारत मिशन व बेसलाइन सर्वे में छूटे पात्रों के आवंटित शौचालय निर्माण में 39 लाख 48 हजार रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया गया था। जांच के बाद रसूलाबाद के सहायक विकास अधिकारी को तत्कालीन ग्राम प्रधान नाथूराम, उनके बेटे मेसर्स मनोज इंटरप्राइजेज रसूलाबाद के मालिक मनोज पाल व ग्राम विकास अधिकारी चंद्रशेखर यादव के खिलाफ 26 मई 2020 को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे।
साथ ही एफआईआर की कापी मांगी गई थी, लेकिन विकास अधिकारी ने उच्चाधिकारियों के आदेश ठंडे बस्ते में डाल दिए। उन्होंने दस माह में न तो एफआईआर दर्ज कराई और न ही अधिकारियों को बताया। सहायक विकास अधिकारी की लापरवाही उजागर होने पर डीपीआरओ ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है।
विज्ञापन
-शौचालय निर्माण में 39.48 लाख रुपये के दुरुपयोग पर दस माह पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान, उनके बेटे व पंचायत सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सहायक विकास अधिकारी ने आदेश की अवहेलना की। उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
- अनिल कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
एफआईआर नहीं कराई तो कार्रवाई तय
कानपुर देहात। एफआईआर कराने के मामले को दस माह से दबाए बैठे सहायक विकास अधिकारी पर भी अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है। डीपीआरओ ने बताया कि उन्हें फिर से तत्काल एफआईआर कराने का पत्र भेजा गया है। इसके बावजूद भी लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखापढ़ी की जाएगी। (संवाद)
विज्ञापन
रसूलाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बैरीसाल में स्वच्छ भारत मिशन व बेसलाइन सर्वे में छूटे पात्रों के आवंटित शौचालय निर्माण में 39 लाख 48 हजार रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया गया था। जांच के बाद रसूलाबाद के सहायक विकास अधिकारी को तत्कालीन ग्राम प्रधान नाथूराम, उनके बेटे मेसर्स मनोज इंटरप्राइजेज रसूलाबाद के मालिक मनोज पाल व ग्राम विकास अधिकारी चंद्रशेखर यादव के खिलाफ 26 मई 2020 को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन
साथ ही एफआईआर की कापी मांगी गई थी, लेकिन विकास अधिकारी ने उच्चाधिकारियों के आदेश ठंडे बस्ते में डाल दिए। उन्होंने दस माह में न तो एफआईआर दर्ज कराई और न ही अधिकारियों को बताया। सहायक विकास अधिकारी की लापरवाही उजागर होने पर डीपीआरओ ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है।
विज्ञापन
-शौचालय निर्माण में 39.48 लाख रुपये के दुरुपयोग पर दस माह पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान, उनके बेटे व पंचायत सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सहायक विकास अधिकारी ने आदेश की अवहेलना की। उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
- अनिल कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
एफआईआर नहीं कराई तो कार्रवाई तय
कानपुर देहात। एफआईआर कराने के मामले को दस माह से दबाए बैठे सहायक विकास अधिकारी पर भी अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है। डीपीआरओ ने बताया कि उन्हें फिर से तत्काल एफआईआर कराने का पत्र भेजा गया है। इसके बावजूद भी लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखापढ़ी की जाएगी। (संवाद)