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अचानक खुला बांध का फाटक, चार चरवाहे पानी में फंसे, पांच घंटे चले रेस्क्यू के बाद बचाया गया
Wed, 18 Sep 2019 07:22 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, महोबा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 18 Sep 2019 07:22 PM IST
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बांध में फंसे चार लोगों को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
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झांसी और महोबा जनपद की सरहद पर बने लहच्यूरा बांध के फाटक खोल दिए जाने से लिलवा गांव के टापू में बकरियां चरा रहे एक महिला समेत चार चरवाहे फंस गए थे। पांच घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद देर रात सभी को सुरक्षित बचा लिया गया। सभी को निकालने तक डीएम, एसपी, फायर बिग्रेड की टीम मौके पर मौजूद रही।
टापू के चारों तरफ पानी देख चरवाहे बुरी तरह घबरा गए थे। एक चरवाहे की मोबाइल की सूचना पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ और पुलिस टीम ने गोताखोरों को बुला लिया।
थाना महोबकंठ के ग्राम लिलवा निवासी श्रीपत पाल (40), लालाराम पाल (25), नरेंद्र (18) व कंचन साहू पत्नी बालकिशन साहू बांध से काफी दूर जंगल में बकरियां चरा रहे थे। मंगलवार को करीब शाम पांच बजे बांध के फाटक खोल दिए जाने से पानी तेज रफ्तार से बहने लगा। बांध के पानी के बहाव के चलते कई जगह जमीन कट गई। शाम को जंगल में बकरियां चराते समय पानी अचानक चारो तरफ भर गया। चरवाहे बीच टापू में फंस गए।
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मोबाइल से पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची महोबकंठ पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस मौके पर पहुंचे और बांध के फाटक बंद कराए। जिससे टापू के पास पानी का बहाव कम होने पर गोताखोरों के जरिए टापू में फंसे लोगों को बाहर निकालने का कार्य शुरू किया।
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टापू के चारों तरफ पानी देख चरवाहे बुरी तरह घबरा गए थे। एक चरवाहे की मोबाइल की सूचना पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ और पुलिस टीम ने गोताखोरों को बुला लिया।
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थाना महोबकंठ के ग्राम लिलवा निवासी श्रीपत पाल (40), लालाराम पाल (25), नरेंद्र (18) व कंचन साहू पत्नी बालकिशन साहू बांध से काफी दूर जंगल में बकरियां चरा रहे थे। मंगलवार को करीब शाम पांच बजे बांध के फाटक खोल दिए जाने से पानी तेज रफ्तार से बहने लगा। बांध के पानी के बहाव के चलते कई जगह जमीन कट गई। शाम को जंगल में बकरियां चराते समय पानी अचानक चारो तरफ भर गया। चरवाहे बीच टापू में फंस गए।
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मोबाइल से पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची महोबकंठ पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस मौके पर पहुंचे और बांध के फाटक बंद कराए। जिससे टापू के पास पानी का बहाव कम होने पर गोताखोरों के जरिए टापू में फंसे लोगों को बाहर निकालने का कार्य शुरू किया।