{"_id":"856992940d67ad399989d73b7f9c0375","slug":"formar-death-from-heart-atack-bad-crop-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" बर्बाद फसल देख किसान की बिगड़ी हालत, मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्बाद फसल देख किसान की बिगड़ी हालत, मौत
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Wed, 25 Mar 2015 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गजनेर थाना क्षेत्र के सीधामऊ गांव के एक किसान की बर्बाद फसल देख ऐसा सदमा लगा कि उसके सीने में दर्द होने लगा। हालत बिगड़ता देखकर उसकी बड़ी बेटी लखनऊ पीजीआई इलाज के लिए ले गई। लेकिन इससे पहले कि इलाज शुरू होता उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि किसान के पास सिर्फ डेढ़ बीघा जमीन थी।
एसडीएम हरिहरराम ने बताया कि लेखपाल ने मौके पर जाकर मौका मुआयना कर लिया है। किसान बेहद गरीब है। उसको सरकार के निर्देशों के मुताबिक मुजावजा दिया जाएगा।
गजनेर थाना क्षेत्र के गांव सीधामऊ निवासी कृष्ण दत्त अवस्थी(42) डेढ़ बीघे का कास्तकार था। उसने इस बार गेहूं की फसल बोई थी। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई।
विज्ञापन
गत सोमवार की दोपहर कृष्ण दत्त खेत देखने गया तो उसे लगा अब कुछ नहीं बचा है। उसने घर वापस आकर पत्नी रेखा से कहा कि खेत में इस साल तो कुछ नहीं होगा। इतना कहने के बाद सीने में दर्द की बात करने लगा।
पत्नी रेखा नेबड़ी बेटी स्वाती (22) के घर संडीला जाने की सलाह दी। वह उसी समय संडीला चला गया। वहां पहुंचने के बाद रात में रुका रहा।
लेकिन मंगलवार को सुबह जब उसकी तबियत कुछ ज्यादा खराब होने लगी तो बड़ी बेटी स्वाती उसे गाड़ी से लखनऊ स्थित पीजीआई दिखाने लाई।
मंगलवार की दोपहर बारह बजे करीब पीजीआई में उसकी एडमिट होने से पहले डॉक्टरों ने देखा और जांच की कार्रवाई करने लगे तब उसकी मौत हो गई। मौत की खबर पाकर भाई और अन्य परिजन देर शाम सात बजे उसके शव को सीधामऊ घर ले आए।
विज्ञापन
एसडीएम हरिहरराम ने बताया कि लेखपाल ने मौके पर जाकर मौका मुआयना कर लिया है। किसान बेहद गरीब है। उसको सरकार के निर्देशों के मुताबिक मुजावजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
गजनेर थाना क्षेत्र के गांव सीधामऊ निवासी कृष्ण दत्त अवस्थी(42) डेढ़ बीघे का कास्तकार था। उसने इस बार गेहूं की फसल बोई थी। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई।
विज्ञापन
गत सोमवार की दोपहर कृष्ण दत्त खेत देखने गया तो उसे लगा अब कुछ नहीं बचा है। उसने घर वापस आकर पत्नी रेखा से कहा कि खेत में इस साल तो कुछ नहीं होगा। इतना कहने के बाद सीने में दर्द की बात करने लगा।
पत्नी रेखा नेबड़ी बेटी स्वाती (22) के घर संडीला जाने की सलाह दी। वह उसी समय संडीला चला गया। वहां पहुंचने के बाद रात में रुका रहा।
लेकिन मंगलवार को सुबह जब उसकी तबियत कुछ ज्यादा खराब होने लगी तो बड़ी बेटी स्वाती उसे गाड़ी से लखनऊ स्थित पीजीआई दिखाने लाई।
मंगलवार की दोपहर बारह बजे करीब पीजीआई में उसकी एडमिट होने से पहले डॉक्टरों ने देखा और जांच की कार्रवाई करने लगे तब उसकी मौत हो गई। मौत की खबर पाकर भाई और अन्य परिजन देर शाम सात बजे उसके शव को सीधामऊ घर ले आए।