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मुनादी...'बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन भराए जा रहे हैं', 'बांदा से नोएडा तक जुड़े फर्जीवाड़े के तार'
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 04 Nov 2018 06:29 PM IST
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जांच करते तहसीलदार राजीव निगम और आरोपी युवक
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी में बांदा जिले के गांव बड़ोखर बुजुर्ग में मुनादी पिटवाकर बेरोजगारी भत्ते का फार्म भराकर 25 रुपये वसूलने वाले चार युवकों को ग्राम पंचायत भवन से पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके पास से चार पहिया वाहन, भरे व सादे आवेदन पत्र, भारत सरकार का कथित अनुमति पत्र इत्यादि बरामद हुए हैं। प्रथमदृष्टया इन अभिलेखों को फर्जी मानकर पुलिस जांच कर रही है। हिरासत में लिए गए तीन युवक गाजियाबाद और नोएडा के और एक स्थानीय गांव का है।
रविवार को बड़ोखर ब्लाक के गिरवां थानांतर्गत बड़ोखर बुजुर्ग गांव में कुछ युवकों ने मुनादी पिटवाई कि बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन भराए जा रहे हैं। चारों युवक गांव के ग्राम पंचायत भवन में बैठकर बेरोजगार युवाओं के फार्म भरने लगे। फार्म की कीमत हर बेरोजगार से 25 रुपये वसूले जा रहे थे।
इसी बीच गांव के एक युवक ने इसकी सूचना फोन पर डीएम को दी। डीएम ने तत्काल नरैनी तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए। तहसीलदार राजीव निगम ने गिरवां थानाध्यक्ष दुर्ग विजय सिंह और फोर्स के साथ ग्राम पंचायत भवन में छापा मारा। यहां चारों युवकों के पास से 25 भरे हुए फार्म, 600 रुपये, लैपटॉप, चार पहिया वाहन, भारत सरकार का अनुमति पत्र इत्यादि बरामद हुए।
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रविवार को बड़ोखर ब्लाक के गिरवां थानांतर्गत बड़ोखर बुजुर्ग गांव में कुछ युवकों ने मुनादी पिटवाई कि बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन भराए जा रहे हैं। चारों युवक गांव के ग्राम पंचायत भवन में बैठकर बेरोजगार युवाओं के फार्म भरने लगे। फार्म की कीमत हर बेरोजगार से 25 रुपये वसूले जा रहे थे।
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इसी बीच गांव के एक युवक ने इसकी सूचना फोन पर डीएम को दी। डीएम ने तत्काल नरैनी तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए। तहसीलदार राजीव निगम ने गिरवां थानाध्यक्ष दुर्ग विजय सिंह और फोर्स के साथ ग्राम पंचायत भवन में छापा मारा। यहां चारों युवकों के पास से 25 भरे हुए फार्म, 600 रुपये, लैपटॉप, चार पहिया वाहन, भारत सरकार का अनुमति पत्र इत्यादि बरामद हुए।
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आरोपी ने दिल्ली में किसी से बातचीत का हवाला दिया...
हिरासत में लिए गए युवकों में टीम लीडर जयचंद्र और मोहित पुत्रगण रामशरण निवासी बलराम नगर, लोनी (गाजियाबाद), शैलेंद्र पुत्र योगेंद्र निवासी नोएडा और रामविलास पुत्र रघुनंदन निवासी बड़ोखर बुजुर्ग (बांदा) शामिल हैं।
तहसीलदार और पुलिस ने चारों युवकों को डीएम हीरालाल के सामने पेश किया। आरोपी जयचंद्र ने दिल्ली में किसी से बातचीत का हवाला दिया। डीएम ने तत्काल अपर श्रम आयुक्त को बुलाकर जानकारी ली, लेकिन वे भी कुछ नहीं बता सके। डीएम ने चारों को फिलहाल जांच पूरी होने तक गिरवां थाना पुलिस के हवाले कर दिया है।
गिरवां थानाध्यक्ष ने चारों को पुलिस अधीक्षक के सामने भी पेश किया। यहां पुलिस अधीक्षक ने क्राइम ब्रांच को जांच के निर्देश दिए। चारों युवक छावनी स्थित एक होटल में ठहरे हैं। उनके कमरों की भी जांच की जा रही है।
तहसीलदार का कहना है कि प्रथमदृष्टया बरामद सभी अभिलेख फर्जी प्रतीत हो रहे हैं। फिर भी जांच की जा रही है। तहसीलदार ने कहा कि ग्राम पंचायत भवन उपलब्ध कराने पर प्रधान पर भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। प्रधान का चचेरा भाई भी मौके पर मौजूद था। उधर, प्रधानपति श्यामबिहारी कुशवाहा ने स्वीकारा कि पंचायत भवन की चाबी छोटे भाई ने दी थी। वे बाहर थे।
तहसीलदार और पुलिस ने चारों युवकों को डीएम हीरालाल के सामने पेश किया। आरोपी जयचंद्र ने दिल्ली में किसी से बातचीत का हवाला दिया। डीएम ने तत्काल अपर श्रम आयुक्त को बुलाकर जानकारी ली, लेकिन वे भी कुछ नहीं बता सके। डीएम ने चारों को फिलहाल जांच पूरी होने तक गिरवां थाना पुलिस के हवाले कर दिया है।
गिरवां थानाध्यक्ष ने चारों को पुलिस अधीक्षक के सामने भी पेश किया। यहां पुलिस अधीक्षक ने क्राइम ब्रांच को जांच के निर्देश दिए। चारों युवक छावनी स्थित एक होटल में ठहरे हैं। उनके कमरों की भी जांच की जा रही है।
तहसीलदार का कहना है कि प्रथमदृष्टया बरामद सभी अभिलेख फर्जी प्रतीत हो रहे हैं। फिर भी जांच की जा रही है। तहसीलदार ने कहा कि ग्राम पंचायत भवन उपलब्ध कराने पर प्रधान पर भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। प्रधान का चचेरा भाई भी मौके पर मौजूद था। उधर, प्रधानपति श्यामबिहारी कुशवाहा ने स्वीकारा कि पंचायत भवन की चाबी छोटे भाई ने दी थी। वे बाहर थे।