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करोड़ों का माल जब्त चोरी का होने का आरोप
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 14 May 2015 02:46 AM IST
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हरबंश मोहाल पुलिस ने बुधवार दोपहर बर्तन कारोबारी रितेश गुप्ता के मोतीमोहाल स्थित गोदाम में छापा मार कर चार-पांच करोड़ रुपये का चोरी का माल बरामद होने का दावा किया है। छापे के वक्त एक डीसीएम में माल लादकर कहीं भेजा जा रहा था। पुलिस को देखते ही हड़कंप मच गया। थोड़ी ही देर में कारोबारी ने अपने कई साथी और व्यापारी बुला लिए।
पुलिस से नोकझोंक, धक्कामुक्की हुई। सूचना पर कलक्टरगंज सीओ पहुंचीं। गोदाम की तलाशी हुई। पुलिस का कहना है, चोरी का माल रखा जाता है और उससे रांगे की सिल्ली बनाई जाती थी। कारोबारी को गिरफ्तार कर पुलिस ने संबंधित मामलों में रिपोर्ट एफआईआर दर्ज की है।
रितेश गुप्ता की भूसाटोली में दुकान है। मोतीमोहाल में इन्होंने दो साल पहले अरविंद श्रीवास्तव का भूतल किराए पर लिया था। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर हरबंश मोहाल पुलिस यहां पहुंची। आरोप था कि रितेश गुप्ता चोरी के बिजली के तार, ट्रांसफार्मर के पार्ट्स खरीदते थे।
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बाद में इन्हें पांच, दस किलो की सिल्ली के रूप में बनाकर व्यापारियों को बेच दिया जाता था। पुलिस को देखते ही डीसीएम में माल लोड करा रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने गोदाम में घुसने की कोशिश की तो रितेश ने विरोध कर दिया। अपने साथियों को बुला लिया। बर्तन कारोबार से जुड़े कई व्यापारी नेता भी आ गए।
व्यापारी उत्पीड़न की बात कहते हुए पुलिस से नोकझोंक होने लगी। गोदाम में घुसने की दुबारा कोशिश करने पर रितेश और व्यापारियों से पुलिस की धक्कामुक्की हुई। सीओ ममता कुरील और अधिक फोर्स लेकर पहुंच गईं। फोर्स ज्यादा देख विरोध कर रहे लोग भाग निकले।
पुलिस ने रितेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि इसे रिमांड पर लेकर और पूछताछ की जाएगी। पुलिस के मुताबिक मध्य प्रदेश और गोरखपुर में ज्यादा सप्लाई होने की बात पता चली है। इधर, रितेश गुप्ता का कहना है कि हरबंश मोहाल पुलिस उसे बेवजह फंसा रही है। वह व्यापारियों और कबाड़ देने वालों से माल खरीदता है।
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पुलिस से नोकझोंक, धक्कामुक्की हुई। सूचना पर कलक्टरगंज सीओ पहुंचीं। गोदाम की तलाशी हुई। पुलिस का कहना है, चोरी का माल रखा जाता है और उससे रांगे की सिल्ली बनाई जाती थी। कारोबारी को गिरफ्तार कर पुलिस ने संबंधित मामलों में रिपोर्ट एफआईआर दर्ज की है।
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रितेश गुप्ता की भूसाटोली में दुकान है। मोतीमोहाल में इन्होंने दो साल पहले अरविंद श्रीवास्तव का भूतल किराए पर लिया था। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर हरबंश मोहाल पुलिस यहां पहुंची। आरोप था कि रितेश गुप्ता चोरी के बिजली के तार, ट्रांसफार्मर के पार्ट्स खरीदते थे।
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बाद में इन्हें पांच, दस किलो की सिल्ली के रूप में बनाकर व्यापारियों को बेच दिया जाता था। पुलिस को देखते ही डीसीएम में माल लोड करा रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने गोदाम में घुसने की कोशिश की तो रितेश ने विरोध कर दिया। अपने साथियों को बुला लिया। बर्तन कारोबार से जुड़े कई व्यापारी नेता भी आ गए।
व्यापारी उत्पीड़न की बात कहते हुए पुलिस से नोकझोंक होने लगी। गोदाम में घुसने की दुबारा कोशिश करने पर रितेश और व्यापारियों से पुलिस की धक्कामुक्की हुई। सीओ ममता कुरील और अधिक फोर्स लेकर पहुंच गईं। फोर्स ज्यादा देख विरोध कर रहे लोग भाग निकले।
पुलिस ने रितेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि इसे रिमांड पर लेकर और पूछताछ की जाएगी। पुलिस के मुताबिक मध्य प्रदेश और गोरखपुर में ज्यादा सप्लाई होने की बात पता चली है। इधर, रितेश गुप्ता का कहना है कि हरबंश मोहाल पुलिस उसे बेवजह फंसा रही है। वह व्यापारियों और कबाड़ देने वालों से माल खरीदता है।