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अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया सीएसए से लेंगे औषधीय पौधे, जानिए इसकी खास वजह
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:25 AM IST
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अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया ने देश के औषधीय पौधों के महत्व को देखते हुए चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर (सीएसए) से आयात करने का फैसला लिया है। पौधे यहीं के वैज्ञानिक तैयार करेंगे।
19 से 21 नवंबर तक थाइलैंड में आयोजित हुई 7वीं ग्लोबल समिट ऑन मेडिसिनल एंड ऑरोमेटिक्स प्लांट में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने इसके लिए कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन से चर्चा की है। जल्द ही इसके लिए समझौता भी होगा।
प्रो. सोलोमन ने बताया कि दुनिया में सबसे ज्यादा औषधीय पौधे भारत से ही निर्यात होते हैं। अब जब प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग का असर लोगों पर दिखने लगा है तो लोग हर्बल उत्पाद और दवाईयों के पीछे भाग रहे हैं।
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अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, रूस जैसे देश खासतौर पर इसके लिए प्रयासरत हैं। कई ऐसे औषधीय पौधे हैं जो लुप्त होते जा रहे हैं। इसके संरक्षण के लिए भी सीएसए काम करेगा और स्थानीय लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेगा।
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19 से 21 नवंबर तक थाइलैंड में आयोजित हुई 7वीं ग्लोबल समिट ऑन मेडिसिनल एंड ऑरोमेटिक्स प्लांट में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने इसके लिए कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन से चर्चा की है। जल्द ही इसके लिए समझौता भी होगा।
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प्रो. सोलोमन ने बताया कि दुनिया में सबसे ज्यादा औषधीय पौधे भारत से ही निर्यात होते हैं। अब जब प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग का असर लोगों पर दिखने लगा है तो लोग हर्बल उत्पाद और दवाईयों के पीछे भाग रहे हैं।
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अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, रूस जैसे देश खासतौर पर इसके लिए प्रयासरत हैं। कई ऐसे औषधीय पौधे हैं जो लुप्त होते जा रहे हैं। इसके संरक्षण के लिए भी सीएसए काम करेगा और स्थानीय लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेगा।