Kanpur: पहली बार PPN में नहीं भरीं बीए और बीएससी मैथ की सीटें, कॉलेज ने दाखिले की तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई की
Kanpur News: पीपीएन कॉलेज में सीटें न भरने के बावजूद संस्थान ने कम मेरिट पर प्रवेश देने का मन नहीं बनाया है। मैनेजमेंट ने तिथि बढ़ा दी है, अगर 15 जुलाई तक भी दाखिले नहीं होते हैं, तो खाली सीटों के साथ ही आवेदन प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी।
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कानपुर शहर के जाने-माने पीपीएन कॉलेज में भी अब सीटें नहीं भर पा रही हैं। कॉलेज के इतिहास में पहली बार कॉलेज छात्रों के आने की बाट जोह रहा है। दाखिले शुरू हुए दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है। तीन राउंड की मेरिट घोषित होने के बाद भी अभी बीए और बीएससी मैथ की सीटें नहीं भर पाई हैं। ऐसे में दाखिले की अंतिम तिथि 30 जून से बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी गई है। पीपीएन डिग्री कॉलेज की स्थापना 1959 में हुई थी।
कुछ सालों पहले तक शहर के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में से एक इस कॉलेज में दाखिला मेरिट के आधार पर होता था और मेरिट भी काफी हाई जाती थी। दाखिले के लिए नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों तक की सिफारिशें लगती थीं, अब सीटें तक नहीं भर पा रही हैं। हालांकि कॉलेज में बीकॉम का क्रेज अभी भी बरकरार है। बीकॉम और बीएससी बाॅयो की सीटें फुल हो गईं हैं। बीए और बीएससी मैथ की सीटें खाली हैं।
अभी तक की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज में बीएससी मैथ में 220 में मात्र 85 दाखिले हुए हैं, जबकि बीए में 350 में 200 सीटें ही भर पाई हैं। इस बार बीए का कटऑफ 55 फीसदी और बीएससी मैथ का कटऑफ 60 फीसदी गया है। हालांकि सीटें न भरने के बावजूद संस्थान ने कम मेरिट पर प्रवेश देने का मन नहीं बनाया है। मैनेजमेंट ने तिथि बढ़ा दी है, अगर 15 जुलाई तक भी दाखिले नहीं होते हैं, तो खाली सीटों के साथ ही आवेदन प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी।
सीटें न भरने के मुख्य कारण
- अभी सीयूईटी का परिणाम नहीं निकला है। सीयूईटी के रिजल्ट में चयनित न होने वाले छात्र फिर शहर के कॉलेजों का रुख करते हैं
- प्रोफेशनल कोर्स की ओर छात्रों का रुझान अधिक है। इसलिए बीकॉम तो छात्र प्रवेश लेेता है, लेकिन बीए और बीएससी मैथ में रुचि नहीं दिखाता। - कॉलेजों के मानक अन्य कॉलेजों की अपेक्षा कड़े हैं। 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता पर ही परीक्षा में बैठने दिया जाता है।
- विवि ने इस बार सत्र के बीच में समर्थ पोर्टल लांच कर दिया है। इससे पंजीकरण प्रक्रिया छह दिन बंद रही। इसके अलावा इसमें पंजीकरण के बाद ही प्रवेश मिलने हैं। आय-निवास प्रमाण पत्र समेत सब दस्तावेज अब छात्रों को इसमें अपलोड करने हैं। जबकि पहले दाखिला मिलने के बाद दस्तावेज देने होते थे।
बीसीए और बीबीए में सीटें फुल
पीपीएन कॉलेज में ही बीबीए और बीसीए के सेल्फ फाइनेंस कोर्स संचालित होते हैं। इनमें सीटें फुल हो गई हैं जबकि इन दोनों कोर्स में फीस अधिक है। इससे साफ है कि छात्र अब सामान्य की जगह प्रोफेशनल कोर्स में ही स्नातक करना चाहते हैं।