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यतीमखाना मामला: दुष्कर्म आरोपियों की मां से पांच घंटे पूछताछ, पीड़िता को धमकाने और साक्ष्य मिटाने का आरोप

Fri, 19 Aug 2022 07:34 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 19 Aug 2022 07:34 AM IST
सार

यतीमखाना में रहने वाली किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी सगे भाइयों की मां से भी पुलिस ने पांच घंटे पूछताछ की। महिला पर पीड़िता को धमकाने और साक्ष्य मिटाने का आरोप है। वहीं, मामले की जानकारी होने के बावजूद कर्नलगंज इंस्पेक्टर ने कार्रवाई नहीं की

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Five hours interrogation of the mother of the accused of orphanage rape
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपियों की मां से पुलिस ने गुरुवार को करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। महिला पर पीड़िता को धमकाने, साक्ष्य मिटाने और तथ्य छिपाने का आरोप है। पूछताछ में महिला ने आरोपों को नकारा लेकिन पीड़िता ने अपने बयानों में उसकी भूमिका बताई थी।

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अब पुलिस पहले कोर्ट में पीड़िता के बयान कराएगी। अगर कोर्ट में भी पीड़िता महिला की भूमिका का तथ्य बताया तो पुलिस उसकी गिरफ्तारी करेगी। उधर चार दिन बीतने के बावजूद अब तक कर्नलगंज थाने के लापरवाह इंस्पेक्टर बलराम मिश्रा पर कार्रवाई नहीं की गई है।
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यतीमखाना में रह रही 16 वर्षीय किशोरी ने 14 अगस्त की रात हाथ की नस काट ली थी। इसी दौरान उसने बताया था कि नाला रोड निवासी दंपति महबूब व उनकी पत्नी शाहजहां 2015 में उसको बांदा के यतीमखाना से गोद लेकर आए थे। उनके बेटे सऊद व दाउद ने दो वर्षों तक दुष्कर्म किया था।

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परिजनों को जानकारी होने पर 2019 में कर्नलगंज में स्थित यतीमखाना में उसको डाल दिया था। आरोपी सगे भाइयों को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया था। शाहजहां को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। एडीसीपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता के कोर्ट में बयान होना बाकी हैं। बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसलिए कर्नलगंज इंस्पेक्टर फंसे
यतीमखाना का इलाका कर्नलगंज थाना क्षेत्र में है। 14 अगस्त की रात को ही घटना की जानकारी थानेदार बलराम मिश्रा को हो गई थी लेकिन वह हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे थे। इतने गंभीर प्रकरण में भी कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई थी।

16 अगस्त को दोपहर बाद सोशल मीडिया के जरिये ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर को मामले की जानकारी हुई थी। तब इसमें कार्रवाई की गई थी। इसलिए सीधेतौर पर कर्नलगंज इंस्पेक्टर सवालों के घेरे में आए थे। हैरानी की बात ये है कि प्रकरण के चार दिन बीतने के बावजूद उन पर मेहरबानी बरकरार है।

यतीमखाना प्रबंधन पर हो कार्रवाई, लिखा पत्र
यतीमखाना में दुष्कर्म पीड़िता किशोरी के हाथ की नस काटने के मामले एक पत्र यतीमखाना की पूर्व कर्मचारी नाजिश सिद्दीकी ने संयुक्त पुलिस आयुक्त को भेजा है। इसमें उन्होंने यतीमखाना प्रबंधन के जिम्मेदारों और कुछ कर्मचारियों पर बच्ची का मानसिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। 

उन्होंने कहा कि चिट्स एवं फर्म्स सोसाइटी ने मौजूदा समय की प्रबंध कमेटी को मान्यता नहीं दी है। बिना मान्यता के अवैध रूप से यतीमखाना का संचालन किया जा रहा है। यतीमखाना परिसर में जिम्मेदारों के निर्देश पर प्रबंधक और वार्डेन ने अनाथ बच्ची को जबरन घर जाने से रोका। इसी वजह से उसने नस काटी है। उन्होंने कर्नलगंज पुलिस की संदिग्ध भूमिका की भी शिकायत की है। 

पुलिस की लापरवाही की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।  - बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर

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