UP: पहले सचिव की आईडी की हैक, आठ घंटे में जारी किए 54 फर्जी प्रमाण पत्र, सचिवों को सतर्क रहने के निर्देश
Kanpur News: जानकारी के अनुसार इन जारी प्रमाणपत्रों में ग्राम पंचायत का एक भी नहीं है। इनमें से अधिकतर प्रमाणपत्र लखनऊ सहित गैर जिलों के बताए जा रहे हैं। अब जांच अधिकारी इन सभी प्रमाणपत्रों में दर्ज पतों पर जाकर संबंधित लोगों का सत्यापन कर रहे हैं।
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कानपुर में घाटमपुर ब्लॉक के कुरसेड़ा ग्राम पंचायत के सचिव की विभागीय आईडी हैक कर आठ घंटे में सरकारी वेबसाइट से 54 फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए। जब सचिव के मोबाइल पर ताबड़तोड़ ओटीपी आने शुरू हुई, तो उन्होंने पंचायती राज कार्यालय, सीएमओ कार्यालय फोन कर जानकारी की।
जब तक सचिव कुछ समझ पाते, तब तक आईडी और पासवर्ड बदलकर प्रमाण पत्र जारी कर दिए। सचिव ने फर्जी तरीके से जारी प्रमाण पत्र को लेकर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। ग्राम पंचायत सचिव सुभाष वर्मा ने बताया कि आठ जनवरी को सुबह आठ बजे मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें लिखा था कि जन्म-मृत्यु का पासवर्ड रीसेट करने का लिंक पंजीकृत मेल आईडी पर भेज दिया गया है।
जारी हो गए ताबड़तोड़ 54 प्रमाण पत्र
इसके पांच मिनट बाद मोबाइल पर लॉगइन ओटीपी का मैसेज आया। पांच मिनट बाद दोबारा ओटीपी मिला, जिसको दर्ज करते ही ओटीपी आना शुरू हो गया। इस बीच सुबह 8:27 बजे अमन नाम का पहला जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ। इसके बाद हर पांच-दस मिनट में ताबड़तोड़ 54 प्रमाण पत्र जारी हो गए। करीब तीन बजे तक प्रमाण पत्र जारी होने के ओटीपी मोबाइल पर आते रहे।
प्रमाण पत्रों की जांच करने के निर्देश
ई-मेल आईडी और लॉगइन आईडी हैक कर सीआरएस पोर्टल पर कुरसेड़ा ग्राम का ई-मेल बदल दिया। सचिव ने अपने कंप्यूटर से आईडी बंद करने का प्रयास किया लेकिन कुछ नहीं हो सका। आनन फानन सचिव ने यह जानकारी पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार को दी। उन्होंने सभी सचिवों को अपनी-अपनी लॉगइन आईडी जांच कर प्रमाण पत्रों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
लॉगइन नहीं किया सीआरएस पोर्टल
सचिव ने बताया कि 8 जनवरी से ग्राम पंचायत का सीआरएस पोर्टल ही नहीं खुल रहा है। प्रत्येक माह पोर्टल की आईडी और पासवर्ड रीसेट किया जाता था। उउसका ओटीपी आने और डालने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किए जाते थे। हर माह की तरह जनवरी माह में मैसेज और ओटीपी आया लेकिन उसे डालने के बाद सिस्टम हैक हो गया।
लखनऊ के हैं प्रमाण पत्र
जानकारी के अनुसार इन जारी प्रमाणपत्रों में ग्राम पंचायत का एक भी नहीं है। इनमें से अधिकतर प्रमाणपत्र लखनऊ सहित गैर जिलों के बताए जा रहे हैं। अब जांच अधिकारी इन सभी प्रमाणपत्रों में दर्ज पतों पर जाकर संबंधित लोगों का सत्यापन कर रहे हैं।
साइबर थाने में सचिव ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। 54 फर्जी जन्मृ-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। अभी लॉगइन आईडी नहीं खुल रही है। अन्य सचिवों को सचेत किया गया है। -मनोज कुमार, जिला पंचायती राज अधिकारी