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'यूपी के बेखौफ माफिया' वन विभाग की टीम पर फायरिंग, पुलिस की नजर में 'कुछ तो गड़बड़ है'
Thu, 20 Dec 2018 07:14 PM IST
प्रशांत कुमार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 20 Dec 2018 07:14 PM IST
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वन रेंज कार्यालय में लाई गई लकड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के हरदोई जिले में अवैध कटान की सूचना पर पहुंचे वन रेंज अधिकारी व उनकी टीम को मौके पर देख वन माफियाओं ने हवाई फायरिंग कर दी। चौपहिया वाहन के पीछे छिपकर वन कर्मियों ने जान बचाई। वन कर्मियों ने भी जवाबी फायरिंग की। सामने से हुई फायरिंग के बाद ठेकेदार समेत 25 से 26 की संख्या में मौजूद लोग वहां भाग निकले। बाग में वन रेंज अधिकारी को लकड़ियों से लदी एक ट्रैक्टर ट्राली बरामद हुई। इसे जब्त कर लिया गया।
घटना टड़ियावां थाने के गांव फु कहा की है। डीएफओ राकेश चंद्रा को बुधवार रात करीब 10 बजे फोन पर किसी ग्रामीण ने सूचना दी कि गांव के राजेंद्र पुत्र छोटकाई के बाग में काफी संख्या में लोग मौजूद हैं। यहां बाग काटा जा रहा है। निर्देश मिलते ही वन रेंज अधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव फोर्स के साथ बताए पते पर पहुंच गए। दोपहिया वाहन के बाग से कुछ दूरी पर रुकते ही वन रेंज अधिकारी व वनकर्मी नीचे उतरने लगे। उसी समय हवाई फायर हुआ। उन लोगों ने गाली गलौज शुरू कर दिया। फायरिंग की आवाज सुनकर वन अधिकारियों की टीम गाड़ी के पीछे छिप गई।
इसके बाद भी वह लोग वहां से नहीं गए तो तितर बितर करने के लिए उन्होंने भी मौजूद रिवाल्वर व राइफल से हवाई फायरिंग की। सामने से फायरिंग होने पर वह लोग भाग निकले। वन रेंज अधिकारी ने बताया कि मौके से लकड़ी से भारी एक ट्रैक्टर ट्राली बरामद हुई है। इसे वन रेंज कार्यालय लाकर जब्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि टड़ियावां थाने में जानकारी दे दी गई है। उच्चाधिकारियों को जानकारी दे कर उनसे अग्रिम आदेश मांगे गए हैं। केस फाइल कर न्यायालय को रिपोर्ट भेजेंगे।
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घटना टड़ियावां थाने के गांव फु कहा की है। डीएफओ राकेश चंद्रा को बुधवार रात करीब 10 बजे फोन पर किसी ग्रामीण ने सूचना दी कि गांव के राजेंद्र पुत्र छोटकाई के बाग में काफी संख्या में लोग मौजूद हैं। यहां बाग काटा जा रहा है। निर्देश मिलते ही वन रेंज अधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव फोर्स के साथ बताए पते पर पहुंच गए। दोपहिया वाहन के बाग से कुछ दूरी पर रुकते ही वन रेंज अधिकारी व वनकर्मी नीचे उतरने लगे। उसी समय हवाई फायर हुआ। उन लोगों ने गाली गलौज शुरू कर दिया। फायरिंग की आवाज सुनकर वन अधिकारियों की टीम गाड़ी के पीछे छिप गई।
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इसके बाद भी वह लोग वहां से नहीं गए तो तितर बितर करने के लिए उन्होंने भी मौजूद रिवाल्वर व राइफल से हवाई फायरिंग की। सामने से फायरिंग होने पर वह लोग भाग निकले। वन रेंज अधिकारी ने बताया कि मौके से लकड़ी से भारी एक ट्रैक्टर ट्राली बरामद हुई है। इसे वन रेंज कार्यालय लाकर जब्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि टड़ियावां थाने में जानकारी दे दी गई है। उच्चाधिकारियों को जानकारी दे कर उनसे अग्रिम आदेश मांगे गए हैं। केस फाइल कर न्यायालय को रिपोर्ट भेजेंगे।
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टीम पर हमले की खबर सच नहीं लगती...
गांव फुकहा में नियमों को धता बताकर कटान हो रहा था। राजेंद्र के बाग में 12 पेड़ मौके पर कटे पाए गए। बाग मालिक की तरफ से एक का भी परमिट नहीं बनवाया गया। वन रेंज अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले में ठेकेदार सोनपाल निवासी मामपुर, टड़ियावां रहे। कई लोगों की मौजूदगी में शीशम व नीम के पेड़ कटवाए जा रहे थे।
थानाध्यक्ष टड़ियावां राकेश चंद्र आनंद ने बताया कि वन विभाग की टीम को वहां जाने से पहले हमें सूचना देनी चाहिए थी। हमें सूचना नहीं मिली। टीम पर हमले की खबर सच नहीं लगती। हां बाग कटा है, एक ट्राली लकड़ी वन विभाग ने जब्त की है।
थानाध्यक्ष की बात को सही माना जाए तो वन विभाग की टीम पर हमला नहीं किया गया लेकिन थानाध्यक्ष ने यह माना कि अवैध कटान हुआ है। यानी वन विभाग यदि टोह न ले पाए तो टड़ियावां क्षेत्र में पुलिस की शह या अनदेखी में कटान जोरों पर है। एक ही रात में 12 से 14 पेड़ कटने की भनक पुलिस को नहीं है। पुलिस खुद कह रही है कि ऐसी कोई सूचना थी तो हमें भी साथ लेकर चलते।
थानाध्यक्ष टड़ियावां राकेश चंद्र आनंद ने बताया कि वन विभाग की टीम को वहां जाने से पहले हमें सूचना देनी चाहिए थी। हमें सूचना नहीं मिली। टीम पर हमले की खबर सच नहीं लगती। हां बाग कटा है, एक ट्राली लकड़ी वन विभाग ने जब्त की है।
थानाध्यक्ष की बात को सही माना जाए तो वन विभाग की टीम पर हमला नहीं किया गया लेकिन थानाध्यक्ष ने यह माना कि अवैध कटान हुआ है। यानी वन विभाग यदि टोह न ले पाए तो टड़ियावां क्षेत्र में पुलिस की शह या अनदेखी में कटान जोरों पर है। एक ही रात में 12 से 14 पेड़ कटने की भनक पुलिस को नहीं है। पुलिस खुद कह रही है कि ऐसी कोई सूचना थी तो हमें भी साथ लेकर चलते।