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चित्रकूट: बांसा पहाड़ के स्टेशन के करीब जंगलों तक पहुंची आग, 16 किमी के दायरे की केबल जली, 24 लाख का नुकसान
Sat, 03 Apr 2021 01:02 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 03 Apr 2021 01:02 PM IST
सार
- झांसी प्रयागराज रेलमार्ग के रेलवे ट्रैक के आसपास दूसरे दिन भी जलती रही आग
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स्टेशन के करीब जंगलों तक पहुंची आग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी प्रयागराज मार्ग पर स्थित बांदा- मानिकपुर रेल रूट के ओहन रेलवे स्टेशन के जंगल में लगी आग दूसरे दिन भी रेलवे ट्रैक के आसपास जल रही है। आग का दायरा बढ़ते हुए बांसा पहाड़ रेलवे स्टेशन के करीब जंगल तक पहुंच गया है। दो दिन की आग से रेलवे की 16 किमी के दायरे की केबल जल गई है, जिसमें लगभग 24 लाख रुपये के नुकसान का आकलन है।
शुक्रवार को ओहन रेलवे लाइन के पास लगी आग को बुझा दिया गया है। शुक्रवार को ट्रेनों के संचालन पर असर नहीं पड़ा। यह जरूर है कि आग का दायरा फैलते हुए बासा पहाड़ के जंगल तक पहुंच गई है। यहां पर मानिकपुर- सतना रूट से की रेलवे ट्रैक गुजरती है।
जिससे रोजाना आधा सैकड़ा से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। जिससे पहले से ही रेलवे विभाग के अधिकारी सतर्क हो गये है। ज्ञात हो कि गुरुवार को ओहन रेलवे स्टेशन के पास जंगलों में लगी भीषण आग धीरे-धीरे कर स्टेशन के पास स्थित रेल लाइन तक पहुंच गई थी।
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जिससे रेलवे ट्रैक के केबल सहित सिग्नल की मशीनें जल गईं थी। जिससे चार घंटे से अधिक समय तक ट्रेनों का आवागमन बंद हो गया था। आग लगने की घटना से ट्रेनें भी प्रभावित हुई। घटना के दूसरे दिन भी रेलवे ट्रैक के आसपास आग लगी रही। जो फैलते फैलते बॉसा पहाड़ के जंगल तक पहुंच गई है। यहां भी पहाड़ के आसपास रेलवे ट्रैक पर नजर बनाए रखने के लिए रेलवे कर्मचारी लगाए गए हैं। आरपीएफ जीआरपी की टीम भी लगी है।
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शुक्रवार को ओहन रेलवे लाइन के पास लगी आग को बुझा दिया गया है। शुक्रवार को ट्रेनों के संचालन पर असर नहीं पड़ा। यह जरूर है कि आग का दायरा फैलते हुए बासा पहाड़ के जंगल तक पहुंच गई है। यहां पर मानिकपुर- सतना रूट से की रेलवे ट्रैक गुजरती है।
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जिससे रोजाना आधा सैकड़ा से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। जिससे पहले से ही रेलवे विभाग के अधिकारी सतर्क हो गये है। ज्ञात हो कि गुरुवार को ओहन रेलवे स्टेशन के पास जंगलों में लगी भीषण आग धीरे-धीरे कर स्टेशन के पास स्थित रेल लाइन तक पहुंच गई थी।
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जिससे रेलवे ट्रैक के केबल सहित सिग्नल की मशीनें जल गईं थी। जिससे चार घंटे से अधिक समय तक ट्रेनों का आवागमन बंद हो गया था। आग लगने की घटना से ट्रेनें भी प्रभावित हुई। घटना के दूसरे दिन भी रेलवे ट्रैक के आसपास आग लगी रही। जो फैलते फैलते बॉसा पहाड़ के जंगल तक पहुंच गई है। यहां भी पहाड़ के आसपास रेलवे ट्रैक पर नजर बनाए रखने के लिए रेलवे कर्मचारी लगाए गए हैं। आरपीएफ जीआरपी की टीम भी लगी है।
रेलवे विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
ओहन रेलवे स्टेशन के पास लगी आग से हुए नुकसान सहित आग की घटना से तकनीकी गड़बड़ियों सहित अन्य कारणों का पता लगाने के लिए रेलवे विभाग की एक संयुक्त टीम पहुंची। जिसमें यातायात निरीक्षक पी के सिंह, सिग्नल निरीक्षक नवल किशोर, पीडब्लू आई रेल लाइन कमल सिंह ने निरीक्षण किया।
जिसमें आग की घटना से हुए नुकसान सहित तकनीकी खामियों को देखा। बताया कि 16 किलो मीटर तक केबल जल जाने शार्ट हो गई है। इसी तरह से कई उपकरण भी जल गये है। जिससे लगभग 24 लाख का नुकसान हुआ है। वही निरीक्षण करने वाली टीम ने बताया अभी हुए नुकसान का सही सही आंकलन किया जा रहा है। ओहन रेलवे स्टेशन अधीक्षक एस के सिंह ने बताया कि आग की घटना से रेलवे स्टेशन की केबिल में शार्ट हो गयी है। कुछ बिजली के उपकरण भी खराब हो गये हैं। जिनको टीक किया जा रहा है।
ओहन रेलवे ट्रैक के पास लगी आग को बुझाने में आरपीएफ चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन केआरपीएफ प्रभारी एस के राठी, जीआरपी के थानाध्यक्ष संजय सिंह, मानिकपुर रेलवे स्टेशन आरपीएफ प्रभारी पीएस परिहार व जीआरपी के थानाध्यक्ष रामभरन सहित फायर बिग्रेड की टीम सहित वन विभाग की टीम प्रयास करती रही।
ओहन रेलवे स्टेशन के पास लगी आग से हुए नुकसान सहित आग की घटना से तकनीकी गड़बड़ियों सहित अन्य कारणों का पता लगाने के लिए रेलवे विभाग की एक संयुक्त टीम पहुंची। जिसमें यातायात निरीक्षक पी के सिंह, सिग्नल निरीक्षक नवल किशोर, पीडब्लू आई रेल लाइन कमल सिंह ने निरीक्षण किया।
जिसमें आग की घटना से हुए नुकसान सहित तकनीकी खामियों को देखा। बताया कि 16 किलो मीटर तक केबल जल जाने शार्ट हो गई है। इसी तरह से कई उपकरण भी जल गये है। जिससे लगभग 24 लाख का नुकसान हुआ है। वही निरीक्षण करने वाली टीम ने बताया अभी हुए नुकसान का सही सही आंकलन किया जा रहा है। ओहन रेलवे स्टेशन अधीक्षक एस के सिंह ने बताया कि आग की घटना से रेलवे स्टेशन की केबिल में शार्ट हो गयी है। कुछ बिजली के उपकरण भी खराब हो गये हैं। जिनको टीक किया जा रहा है।
ओहन रेलवे ट्रैक के पास लगी आग को बुझाने में आरपीएफ चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन केआरपीएफ प्रभारी एस के राठी, जीआरपी के थानाध्यक्ष संजय सिंह, मानिकपुर रेलवे स्टेशन आरपीएफ प्रभारी पीएस परिहार व जीआरपी के थानाध्यक्ष रामभरन सहित फायर बिग्रेड की टीम सहित वन विभाग की टीम प्रयास करती रही।