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पेट्रोल पंप के मोबिल आयल गोदाम में लगी भीषण आग, नहीं काम आया फायर हाइड्रेंट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 17 Jun 2018 08:10 PM IST
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गोदाम में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के कन्नौज जिले में शहर के पश्चिमी बाईपास पर स्थित पेट्रोलपंप पर शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाकर भाग खड़े हुए। सूचना के करीब एक घंटे बाद फायर बिग्रेड गाड़ी पहुंची। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तीन फायर टैंकों ने आग पर किसी तरह काबू पाया। आग से लगभग 10 लाख की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है।
नगर के मोहल्ला मुसाहिब चौबे निवासी दिवाकर गुप्ता उर्फ देबू का शहर के पश्चिमी बाईपास पर गोविंद हाईवे सर्विसेज के नाम से पेट्रोल पंप है। पेट्रोलपंप परिसर में ही उनकी मोबीआयल की गोदाम है। शनिवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और गोदाम में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पेट्रोलपंप पर आग लगते ही वहां अफरा-तफरी फैल गई। लोग जान बचा कर भाग खड़े हुए।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और हाईवे पुलिस पहुंची। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई करीब एक घंटे देर से पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन उसका पानी खत्म हो गया। आग पर काबू होता ना देख क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत गौतम ने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इसके बाद तिर्वा से एक फायर ब्रिगेड गाड़ी मंगाई गई और एक फर्रुखाबाद जनपद से फायर ब्रिगेड पहुंची। तीनों गाड़ियों ने मिलकर करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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नगर के मोहल्ला मुसाहिब चौबे निवासी दिवाकर गुप्ता उर्फ देबू का शहर के पश्चिमी बाईपास पर गोविंद हाईवे सर्विसेज के नाम से पेट्रोल पंप है। पेट्रोलपंप परिसर में ही उनकी मोबीआयल की गोदाम है। शनिवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और गोदाम में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पेट्रोलपंप पर आग लगते ही वहां अफरा-तफरी फैल गई। लोग जान बचा कर भाग खड़े हुए।
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सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और हाईवे पुलिस पहुंची। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई करीब एक घंटे देर से पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन उसका पानी खत्म हो गया। आग पर काबू होता ना देख क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत गौतम ने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इसके बाद तिर्वा से एक फायर ब्रिगेड गाड़ी मंगाई गई और एक फर्रुखाबाद जनपद से फायर ब्रिगेड पहुंची। तीनों गाड़ियों ने मिलकर करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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फोम मिला कर छोड़ी गई पानी की धार
गोदाम में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जेसीबी मशीन से गोदाम में भरे मलबे को बाहर निकाला गया। इस दौरान अग्निशमन क्षेत्राधिकारी एमपी सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने खतरे की आशंका को देखते हुए आग बुझ जाने के बाद भी एक फायर टैंक को मौके पर ही खड़े रहने के निर्देश दिए। पंप स्वामी दिवाकर गुप्ता देबू ने बताया शॉर्ट सर्किट से लगी आग में लगभग 10 लाख रुपये की क्षति का अनुमान है।
55 सीजफायर सिलेंडर भी नहीं बुझा सके आग
छिबरामऊ। आग बुझाने के लिए पेट्रोलपंप पर मौजूद नौ छोटे बड़े सीज फायर सिलेंडर के अलावा नगर के अन्य पेट्रोलपंप और गेस्ट हाउस के अलावा दुकानों पर रखे सीजफायर सिलेंडरों को मंगाया गया। लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
फोम मिला कर छोड़ी गई पानी की धार
एक घंटा लगातार प्रयास के बावजूद जब फायर ब्रिगेड को आग बुझाने में सफलता नहीं मिली, तब अग्निशमन अधिकारी के निर्देश पर पानी में फोम मिलाकर आग पर काबू पाया जा सका।
मकान स्वामी भी घर छोड़ भागे
पेट्रोलपंप की बाउंड्री से लगे मेहर सिंह यादव व वीर सिंह यादव के मकान बने हैं। भीषण आग में जहां पेट्रोलपंप की गोदाम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं इन दोनों के मकान भी आग की लपटों से पूरी तरह तपने लगे। ऐसे में घर के सदस्य मकान छोड़कर भाग खड़े हुए।
55 सीजफायर सिलेंडर भी नहीं बुझा सके आग
छिबरामऊ। आग बुझाने के लिए पेट्रोलपंप पर मौजूद नौ छोटे बड़े सीज फायर सिलेंडर के अलावा नगर के अन्य पेट्रोलपंप और गेस्ट हाउस के अलावा दुकानों पर रखे सीजफायर सिलेंडरों को मंगाया गया। लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
फोम मिला कर छोड़ी गई पानी की धार
एक घंटा लगातार प्रयास के बावजूद जब फायर ब्रिगेड को आग बुझाने में सफलता नहीं मिली, तब अग्निशमन अधिकारी के निर्देश पर पानी में फोम मिलाकर आग पर काबू पाया जा सका।
मकान स्वामी भी घर छोड़ भागे
पेट्रोलपंप की बाउंड्री से लगे मेहर सिंह यादव व वीर सिंह यादव के मकान बने हैं। भीषण आग में जहां पेट्रोलपंप की गोदाम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, वहीं इन दोनों के मकान भी आग की लपटों से पूरी तरह तपने लगे। ऐसे में घर के सदस्य मकान छोड़कर भाग खड़े हुए।
आग बुझ जाने के बाद क्षतिग्रस्त गोदाम की हालत
- फोटो : अमर उजाला
अग्निशमन विभाग की पहल पर नगर पालिका परिषद द्वारा नगर में 6 स्थानों पर कई वर्ष पहले फायर हाईड्रेंट बनवाए गए थे। इनमें एक पश्चिमी बाईपास पर गांधी पार्क के पास बनाया गया। इस फायर र्हाईड्रेंट से बमुश्किल सौ मीटर की दूरी पर पेट्रोलपंप पर आग लगी तो इस फायर हाइड्रेंट से पानी की जुगाड़ की गई।
लेकिन उसके खराब होने से पानी की उपलब्धता नहीं हो सकी। बाद में गांधी प्रतिमा परिसर में बने ट्यूबवेल से पानी की जुगाड़ की व्यवस्था की गई वहां भी बात नहीं बनी। हालांकि नगरपालिका ने अपना एक टैंकर पहले से ही भिजवा दिया था। अग्निशमन क्षेत्राधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि नगर में बने फायर हाइड्रेंट की पिछले महीने जांच कराई गई थी।
इसमें कई फायर हाईड्रेंट खराब मिले थे। उनकी रिपोर्ट नगर पालिका को दुरुस्त कराने के लिए भेजी गई थी। इसके बाद भी नगर पालिका ने कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
लेकिन उसके खराब होने से पानी की उपलब्धता नहीं हो सकी। बाद में गांधी प्रतिमा परिसर में बने ट्यूबवेल से पानी की जुगाड़ की व्यवस्था की गई वहां भी बात नहीं बनी। हालांकि नगरपालिका ने अपना एक टैंकर पहले से ही भिजवा दिया था। अग्निशमन क्षेत्राधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि नगर में बने फायर हाइड्रेंट की पिछले महीने जांच कराई गई थी।
इसमें कई फायर हाईड्रेंट खराब मिले थे। उनकी रिपोर्ट नगर पालिका को दुरुस्त कराने के लिए भेजी गई थी। इसके बाद भी नगर पालिका ने कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
आग बुझाने को यह होनी चाहिए व्यवस्था
पंपस्वामी देवू गुप्ता से जानकारी लेते अग्निशमन अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी बाईपास के बाशिंदे और व्यापारी इस भीषण अग्निकांड के लिए विघुत विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रंजीत पांडेय, जितेंद्र शाक्य एडवोकेट, अजय दुबे मुन्ना सहित कई लोगों ने बताया इस क्षेत्र में फीडर नं.2 से विद्युत आपूर्ति की जाती हैं। पेट्रोलपंप, गांधीपार्क और आस-पास के कई पोलों पर एलटी लाइन के कनेक्शन बाक्स लगे हैं। इन सभी बाक्सों के ढक्कन खुले हैं। जब भी कोई परिंदा बाक्स में घुसता है, तभी फाल्ट आ जाती है। घरों के अंदर लगे बल्ब, टीवी आदि फुंक जाते हैं। आज की घटना भी पंप के पास पोल पर लगे एलटी बाक्स में फाल्ट आने से हुई।
पेट्रोलपंप पर आग बुझाने के लिए कई व्यवस्थाओं के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद भी लोग उन पर ध्यान नहीं देते। क्षेत्राधिकारी फायर एमपी सिंह ने बताया कि पेट्रोलपंप की प्रतिवर्ष एनओसी रिन्युअल की जाती है। उसमें सुरक्षा से जुड़े कई निर्देश दिए जाते हैं।
इनमें, पेट्रोलपंप पर हमेशा पानी की बेहतर व्यवस्था रखने जिसके लिए तीन इंच सबमर्सिबल पंप की बोरिंग हो। कम से कम नौ सीज फायर सिलेंडर हमेशा उपलब्ध हों, 40 किलो का फॉर्म वाला केमिकल रहना चाहिए, दिशा निर्देशन वाले बोर्ड लगे होने चाहिए, मय स्टैंड के रेत या बालू भरी आठ बाल्टियां होनी चाहिए। समय-समय पर कर्मचारियों को आग बुझाने की बेसिक ट्रेनिंग भी दी जानी चाहिए।
पेट्रोलपंप पर आग बुझाने के लिए कई व्यवस्थाओं के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद भी लोग उन पर ध्यान नहीं देते। क्षेत्राधिकारी फायर एमपी सिंह ने बताया कि पेट्रोलपंप की प्रतिवर्ष एनओसी रिन्युअल की जाती है। उसमें सुरक्षा से जुड़े कई निर्देश दिए जाते हैं।
इनमें, पेट्रोलपंप पर हमेशा पानी की बेहतर व्यवस्था रखने जिसके लिए तीन इंच सबमर्सिबल पंप की बोरिंग हो। कम से कम नौ सीज फायर सिलेंडर हमेशा उपलब्ध हों, 40 किलो का फॉर्म वाला केमिकल रहना चाहिए, दिशा निर्देशन वाले बोर्ड लगे होने चाहिए, मय स्टैंड के रेत या बालू भरी आठ बाल्टियां होनी चाहिए। समय-समय पर कर्मचारियों को आग बुझाने की बेसिक ट्रेनिंग भी दी जानी चाहिए।