{"_id":"6a4573b0c804e1c12200252e","slug":"fir-registered-against-five-people-including-former-mla-kamlesh-pathak-for-fraudulently-grabbing-land-kanpur-news-c-220-1-sknp1003-145148-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: फर्जी तरीके से जमीन हड़पने में पूर्व विधायक कमलेश पाठक समेत पांच पर प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: फर्जी तरीके से जमीन हड़पने में पूर्व विधायक कमलेश पाठक समेत पांच पर प्राथमिकी
Thu, 02 Jul 2026 01:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 02 Jul 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
रसूलाबाद। थाना क्षेत्र के जोत गांव निवासी एक युवक ने बुधवार को रसूलाबाद थाने में औरैया निवासी पूर्व विधायक कमलेश पाठक व उनके भाइयों समेत पांच पर मारपीट व धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें फर्जी तरीके से पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप लगाया है।
रसूलाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए जोत निवासी अवधेश कुमार ने बताया कि पिता रामशंकर के मामा गोवर्धन चौबे के नाम पर मौजा जोत, सजावरपुर, परसौरा में बेशकीमती जमीन थी। बाबा गोवर्धन निसंतान थे। पिता उनकी देखभाल करते थे। इस पर बाबा ने अपनी कृषि भूमि, मकान की वसीयत 14 जुलाई 1981 को पिता के नाम कर दी। बाबा की मौत के बाद जमीन व मकान पिता के नाम अभिलेखों में दर्ज हो गया।
आरोप लगाया कि इस बीच पूर्व सपा विधायक कमलेश पाठक, उनके भाई पूर्व ब्लाॅक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक, ललित पाठक, देवेंद्र पाठक उर्फ छुन्नू पाठक ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर खुद को गोवर्धन के सगे भांजे बताते हुए रसूक का इस्तेमाल कर उक्त जमीन धोखाधड़ी कर राजस्व अभिलेखों में अपने नाम चढ़वा ली। साथ ही आवश्यक दस्तावेज भी पत्रावली से गायब करवाए जबकि बाबा गोवर्धन के असल वारिस उनके पिता रामशंकर थे।
विज्ञापन
आरोप है कि जिस समय इन लोगों ने जमीन अपने नाम करवाई उस समय जनता दल की सरकार थी और ये लोग सत्ता के करीबी थे। जब उसने और भाई हरिनारायण ने विरोध किया तो कोई सुनवाई नहीं हुई। उनके साथ मारपीट भी की गई। आज भी इन्हीं का जमीन पर कब्जा है। जब पता चला कि औरैया से पूर्व विधायक व उनके भाइयों पर कार्रवाई हुई है तब हिम्मत बंधी और शिकायत की। थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि शिकायत पर भंडारीपुर औरैया निवासी कमलेश पाठक, संतोष पाठक, रामू पाठक, ललित पाठक, देवेंद्र पाठक पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। साक्ष्यों के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
रसूलाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए जोत निवासी अवधेश कुमार ने बताया कि पिता रामशंकर के मामा गोवर्धन चौबे के नाम पर मौजा जोत, सजावरपुर, परसौरा में बेशकीमती जमीन थी। बाबा गोवर्धन निसंतान थे। पिता उनकी देखभाल करते थे। इस पर बाबा ने अपनी कृषि भूमि, मकान की वसीयत 14 जुलाई 1981 को पिता के नाम कर दी। बाबा की मौत के बाद जमीन व मकान पिता के नाम अभिलेखों में दर्ज हो गया।
विज्ञापन
आरोप लगाया कि इस बीच पूर्व सपा विधायक कमलेश पाठक, उनके भाई पूर्व ब्लाॅक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक, ललित पाठक, देवेंद्र पाठक उर्फ छुन्नू पाठक ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर खुद को गोवर्धन के सगे भांजे बताते हुए रसूक का इस्तेमाल कर उक्त जमीन धोखाधड़ी कर राजस्व अभिलेखों में अपने नाम चढ़वा ली। साथ ही आवश्यक दस्तावेज भी पत्रावली से गायब करवाए जबकि बाबा गोवर्धन के असल वारिस उनके पिता रामशंकर थे।
विज्ञापन
आरोप है कि जिस समय इन लोगों ने जमीन अपने नाम करवाई उस समय जनता दल की सरकार थी और ये लोग सत्ता के करीबी थे। जब उसने और भाई हरिनारायण ने विरोध किया तो कोई सुनवाई नहीं हुई। उनके साथ मारपीट भी की गई। आज भी इन्हीं का जमीन पर कब्जा है। जब पता चला कि औरैया से पूर्व विधायक व उनके भाइयों पर कार्रवाई हुई है तब हिम्मत बंधी और शिकायत की। थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि शिकायत पर भंडारीपुर औरैया निवासी कमलेश पाठक, संतोष पाठक, रामू पाठक, ललित पाठक, देवेंद्र पाठक पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। साक्ष्यों के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।