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फिर डोली धरती, दहशत में रहे लोग
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर देहात
Updated Wed, 13 May 2015 01:07 AM IST
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दोपहर 12.38 पर जिले में लोग अपने-अपने कार्य में व्यस्त थे। जैसे भूकंप के इटके लगे तो वे अपने घरों से बाहर निकल गए। अकबरपुर के मुख्य बाजार में दुकानदार झटके लगते ही दुकानों से बाहर निकल आए।
मंगलवार होने की वजह से लोग हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। लोगों ने कहा कि दोबारा आए इन झटकों से हम लोग इतना दहशत में आए गए हैं कि रात में घरों में कैसे सोएंगे।
अचानक आए झटके से भारतीय स्टेट बैंक में करीब दस मिनट तक लेनदेन बाधित रहा। अधिकारी, कर्मचारी और उपभोक्ता सभी बैंक के बाहर आ गए।
ब्राइट एंजल स्कूल की तीन मंजिला इमारत में जैसे बच्चों को भूकंप के झटके महसूस हुए तो प्रबंधक बलबीर सिंह ने सभी बच्चों को म्यूजिक बजाकर नीचे उतारा । इसके बाद उनको घर भेज दिया गया। डॉ. भूपति सिंह किड्स एजूकेशन सेंटर में भूकंप के दौरान क्लास में पढ़ाई चल रही थी।
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बच्चों ने बताया कि झटकों के दौरान उनकी डेस्क में रखी पानी की बोतल हिलने लगी और उनके कलम आदि नीचे गिर गए। वे जल्दी जल्दी स्कूल के बाहर भागने लगे।
स्कूल के प्रधानाचार्य एस राजन ने बताया कि भूकंप के झटके लगते ही बच्चों को स्कूल के बाहर निकालकर उन्हें घर भेज दिया गया। सबसे ज्यादा बुरी हालत जिला अस्पताल में मरीजों की हुई।
झटके महसूस होते ही बेड में पड़े मरीजे भगवान को याद करने लगे। चलने से लाचार कई मरीजों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। यही हाल कई निजी अस्पतालों का भी रहा। मरीजों को छोड़कर लोग बाहर आए गए।
दूसरे झटके में तो मरीज अंदर बैठे बेहाल हो गए। हाईवे पर तेज धूप में रोड किनारे वाहन रोककर लोग खड़े हो गए। रसूलाबाद प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में विकास नगर, केशवनगर और चौराहा रोड आदि पर लोग घरों दुकानों से बाहर निकल आए।
इस दौरान कलेक्ट्रेट के बाहर कर्मचारी भी निकल आए। यहीं के निवासी आनंद बिहारी वर्मा, अशीर खां, श्याम चंद्र गुप्ता, सुनील आदि ने बताया कि भूंकप के झटके लगते ही हम लोग घबरा गए थे।
दहशत के माहौल में रात में घरों में भी रात में कैसे सोएंगे।
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मंगलवार होने की वजह से लोग हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। लोगों ने कहा कि दोबारा आए इन झटकों से हम लोग इतना दहशत में आए गए हैं कि रात में घरों में कैसे सोएंगे।
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अचानक आए झटके से भारतीय स्टेट बैंक में करीब दस मिनट तक लेनदेन बाधित रहा। अधिकारी, कर्मचारी और उपभोक्ता सभी बैंक के बाहर आ गए।
ब्राइट एंजल स्कूल की तीन मंजिला इमारत में जैसे बच्चों को भूकंप के झटके महसूस हुए तो प्रबंधक बलबीर सिंह ने सभी बच्चों को म्यूजिक बजाकर नीचे उतारा । इसके बाद उनको घर भेज दिया गया। डॉ. भूपति सिंह किड्स एजूकेशन सेंटर में भूकंप के दौरान क्लास में पढ़ाई चल रही थी।
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बच्चों ने बताया कि झटकों के दौरान उनकी डेस्क में रखी पानी की बोतल हिलने लगी और उनके कलम आदि नीचे गिर गए। वे जल्दी जल्दी स्कूल के बाहर भागने लगे।
स्कूल के प्रधानाचार्य एस राजन ने बताया कि भूकंप के झटके लगते ही बच्चों को स्कूल के बाहर निकालकर उन्हें घर भेज दिया गया। सबसे ज्यादा बुरी हालत जिला अस्पताल में मरीजों की हुई।
झटके महसूस होते ही बेड में पड़े मरीजे भगवान को याद करने लगे। चलने से लाचार कई मरीजों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। यही हाल कई निजी अस्पतालों का भी रहा। मरीजों को छोड़कर लोग बाहर आए गए।
दूसरे झटके में तो मरीज अंदर बैठे बेहाल हो गए। हाईवे पर तेज धूप में रोड किनारे वाहन रोककर लोग खड़े हो गए। रसूलाबाद प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में विकास नगर, केशवनगर और चौराहा रोड आदि पर लोग घरों दुकानों से बाहर निकल आए।
इस दौरान कलेक्ट्रेट के बाहर कर्मचारी भी निकल आए। यहीं के निवासी आनंद बिहारी वर्मा, अशीर खां, श्याम चंद्र गुप्ता, सुनील आदि ने बताया कि भूंकप के झटके लगते ही हम लोग घबरा गए थे।
दहशत के माहौल में रात में घरों में भी रात में कैसे सोएंगे।