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कानपुर देहात में खाद गोदाम सील, दो दुकानों का लाइसेंस निलंबित
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कानपुर देहात। जिले में खाद की किल्लत पर मुख्य सचिव स्तर पर कार्रवाई शुरू होने के बाद अफसरों में हड़कंप की स्थिति है। डीएम जेपी सिंह के निर्देश पर कृषि अफसर ने सोमवार को कई दुकानों पर छापा मारा।
इस दौरान कालाबाजारी की आशंका पर एक गोदाम को सील किया गया। वहीं दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उपकृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने सोमवार को अमरौली मोड़ स्थित एग्री जंक्शन (वन स्टॉप) का निरीक्षण किया गया। फर्म के दो गोदामों में खाद रखी गई थी। एक गोदाम में 150 बोरी व दूसरे मेें 210 बोरी डीएपी का स्टॉक रखा गया था।
उपनिदेशक ने डेढ़ सौ बोरी के गोदाम को सील करा दिया। फर्म संचालक विक्रम सिंह को निर्देशित किया गया कि डीएम की अनुमति के बाद मंगलवार को अधिकारियों की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया जाएगा।
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इसी क्रम में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता ने होलसेल सेंटर कॉपरेटिव बाढ़ापुर रोड अकबरपुर का निरीक्षण किया। यहां 1200 रुपये में डीएपी का वितरण कराया गया। वहीं मंगलपुर स्थित अश्वनी टे्रडर्स में एक कृषि कर्मी को किसान बनाकर भेजा गया।
जिसे 1400 रुपये में डीएपी दी गई। दुकानदार ने न तो आधार लिया और न पीओएस मशीन से खाद दी। कालाबाजारी की आशंका पर दुकान को सील करते हुए एफआईआर के निर्देश दिए गए।
वहीं पाल खाद भंडार डेरापुर के अभिलेख पूरे न होने पर लाइसेंस प्रक्रिया को निरस्त करते हुए एफआईआर के निर्देश दिए गए। उपकृषि निदेशक ने बताया कि डीएम के निर्देश पर दोनों दुकानदारों के खिलाफ तहरीर दी जा रही है। अफसरों की कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति रही।
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इस दौरान कालाबाजारी की आशंका पर एक गोदाम को सील किया गया। वहीं दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उपकृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने सोमवार को अमरौली मोड़ स्थित एग्री जंक्शन (वन स्टॉप) का निरीक्षण किया गया। फर्म के दो गोदामों में खाद रखी गई थी। एक गोदाम में 150 बोरी व दूसरे मेें 210 बोरी डीएपी का स्टॉक रखा गया था।
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उपनिदेशक ने डेढ़ सौ बोरी के गोदाम को सील करा दिया। फर्म संचालक विक्रम सिंह को निर्देशित किया गया कि डीएम की अनुमति के बाद मंगलवार को अधिकारियों की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया जाएगा।
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इसी क्रम में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता ने होलसेल सेंटर कॉपरेटिव बाढ़ापुर रोड अकबरपुर का निरीक्षण किया। यहां 1200 रुपये में डीएपी का वितरण कराया गया। वहीं मंगलपुर स्थित अश्वनी टे्रडर्स में एक कृषि कर्मी को किसान बनाकर भेजा गया।
जिसे 1400 रुपये में डीएपी दी गई। दुकानदार ने न तो आधार लिया और न पीओएस मशीन से खाद दी। कालाबाजारी की आशंका पर दुकान को सील करते हुए एफआईआर के निर्देश दिए गए।
वहीं पाल खाद भंडार डेरापुर के अभिलेख पूरे न होने पर लाइसेंस प्रक्रिया को निरस्त करते हुए एफआईआर के निर्देश दिए गए। उपकृषि निदेशक ने बताया कि डीएम के निर्देश पर दोनों दुकानदारों के खिलाफ तहरीर दी जा रही है। अफसरों की कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति रही।