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बांदा की ओर किसान करेंगे कब्जा
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यमुना किनारे के खेतों में बैठे किसा। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
बहुआ। यमुना के कटान में समाहित हुई जमीन को पाने के लिए कोर्रा कनक के किसानों ने आवाज बुलंद की है। किसानों ने यमुना पार बांदा जिले के लौमर गांव में नदी किनारे की जमीन पर झंडा गाड़ दिया है। जमीन पर कब्जा करने के लिए हवन पूजन की तैयारी शुरू कर दी है।
असोथर ब्लाक क्षेत्र के कोर्राकनक ग्राम पंचायत की जमीन यमुना किनारे तक है। यमुना कटान से तटवर्ती किसानों की करीब 13 हजार बीघे जमीन समाहित हो गई है।
कटान की जद में आई जमीन को पाने व यमुना कटान को रोकने के लिए किसान कई साल से सांसद, विधायक व अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
सुनवाई न होने पर अब किसानों ने खुद लड़ाई का ऐलान कर दिया है। किसानों का कहना है कि रविवार को बांदा जिले के लौमर गांव की तरफ जाकर नदी किनारे की जमीन पर जोताई करके फसल बोने का काम करेंगे।
किसान धर्मेंद्र सिंह जनसेवक, सुनील सिंह, मनमोहन सिंह ने कहा कि 1978 के बाद से हर साल 400 से 500 एकड़ जमीन कटान के कारण यमुना में समां जाती है।
कोर्रा कनक ग्राम पंचायत के अब तक 40 मजरे, कुआं, बाग भी कटान की जद में आकर यमुना में समाहित हो गए हैं। कई साल से जमीन को पाने के लिए गुहार लगाई जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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इस मौके पर किसान कर्मवीर सिंह, रामसनेही सिंह, राकेश सिंह, बसंत सिंह, राज बहादुर, पंकज कुमार, अरविंद सिंह, गुलाब सिंह, जयराम निषाद, भोला सिंह, रजोल सिंह आदि रहे।
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असोथर ब्लाक क्षेत्र के कोर्राकनक ग्राम पंचायत की जमीन यमुना किनारे तक है। यमुना कटान से तटवर्ती किसानों की करीब 13 हजार बीघे जमीन समाहित हो गई है।
कटान की जद में आई जमीन को पाने व यमुना कटान को रोकने के लिए किसान कई साल से सांसद, विधायक व अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
सुनवाई न होने पर अब किसानों ने खुद लड़ाई का ऐलान कर दिया है। किसानों का कहना है कि रविवार को बांदा जिले के लौमर गांव की तरफ जाकर नदी किनारे की जमीन पर जोताई करके फसल बोने का काम करेंगे।
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किसान धर्मेंद्र सिंह जनसेवक, सुनील सिंह, मनमोहन सिंह ने कहा कि 1978 के बाद से हर साल 400 से 500 एकड़ जमीन कटान के कारण यमुना में समां जाती है।
कोर्रा कनक ग्राम पंचायत के अब तक 40 मजरे, कुआं, बाग भी कटान की जद में आकर यमुना में समाहित हो गए हैं। कई साल से जमीन को पाने के लिए गुहार लगाई जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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इस मौके पर किसान कर्मवीर सिंह, रामसनेही सिंह, राकेश सिंह, बसंत सिंह, राज बहादुर, पंकज कुमार, अरविंद सिंह, गुलाब सिंह, जयराम निषाद, भोला सिंह, रजोल सिंह आदि रहे।