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इंजीनियर के अपहरण का हुआ खुलासा तो पुलिस के भी उड़ गए होश, लेनदेन का विवाद बना अगवा करने की वजह
Thu, 04 Jul 2019 11:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर/ फतेहपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर/ फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 04 Jul 2019 11:38 PM IST
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यूपी पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कानपुर के नौबस्ता में फतेहपुर के सहबाजपुर निवासी इंजीनियर शिवम गुप्ता को अगवा किए जाने के पीछे लेन-देन का विवाद सामने आया है। इंजीनियर ने नौकरी लगवाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये ठगकर उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र ले रखे थे।
ठगी का शिकार हुए लोगों ने उसको अगवा कर बंधक बनाया था। पुलिस पीछे पड़े होने की जानकारी पर वह खुद ही गुरुवार को इंजीनियर को लेकर नौबस्ता थाने पहुंच गए। बातचीत के दौरान थाने में दोनों पक्षों ने आपस में मारपीट की। जिसके बाद पुलिस ने शांतिभंग में कार्रवाई की।
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ठगी का शिकार हुए लोगों ने उसको अगवा कर बंधक बनाया था। पुलिस पीछे पड़े होने की जानकारी पर वह खुद ही गुरुवार को इंजीनियर को लेकर नौबस्ता थाने पहुंच गए। बातचीत के दौरान थाने में दोनों पक्षों ने आपस में मारपीट की। जिसके बाद पुलिस ने शांतिभंग में कार्रवाई की।
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फतेहपुर बिंदकी निवासी शिवम गुप्ता श्याम नगर चकेरी में किराए पर रहता है। मंगलवार को वह लापता हो गया था और एक युवक ने उसके परिजनों को फोन कर 11 लाख की फिरौती मांगी थी। बुधवार को उसका भाई प्रद्युम्न अपने पिता के साथ भवानीपुर बिंदकी में फिरौती की रकम देने पहुंचा तो चार-पांच लोगों ने उनको पीटकर दो लाख रुपये छीन लिए थे।
उसके बाद उन्होंने पहले फतेहपुर और फिर देर रात नौबस्ता थाने में सूचना दी। नौबस्ता इंस्पेक्टर ने बताया कि गुरुवार को शिवम को अगवा करने वाले खुद ही उसको लेकर थाने आए थे। पूछताछ में पता कि शिवम ने एक साल पहले कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले हैं।
उसके बाद उन्होंने पहले फतेहपुर और फिर देर रात नौबस्ता थाने में सूचना दी। नौबस्ता इंस्पेक्टर ने बताया कि गुरुवार को शिवम को अगवा करने वाले खुद ही उसको लेकर थाने आए थे। पूछताछ में पता कि शिवम ने एक साल पहले कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले हैं।
नौकरी न मिलने पर जब सभी ने पैसे मांगे तो वह टालमटोल कर रहा था। मंगलवार शाम ठगी का शिकार हुए लोगों ने उसे नौबस्ता बंबा से कार समेत पकड़कर बैठा लिया था। बाद में शैक्षिक प्रमाण पत्र लौटाने का बहाना कर फतेहपुर जाते वक्त परिजनों से फोन पर संपर्क करके अपहरण की सूचना दे फिरौती मांगी थी।
इसी दौरान गुरुवार को थाने में दोनों पक्षों ने आपस में मारपीट कर ली। थाना प्रभारी समर बहादुर सिंह का कहना है कि थाने के बाहर मारपीट में दोनों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। एसएसपी के आदेश पर इंजीनियर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
इसी दौरान गुरुवार को थाने में दोनों पक्षों ने आपस में मारपीट कर ली। थाना प्रभारी समर बहादुर सिंह का कहना है कि थाने के बाहर मारपीट में दोनों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। एसएसपी के आदेश पर इंजीनियर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
फुफेरी बहन से हड़पे साढ़े चार लाख
नौबस्ता निवासी सूरज ने हिरासत में बताया कि शिवराजपुर में रहने वाली उसकी फुफेरी बहन अंजू और उसके भाई सुमित वर्मा को एलटी ग्रेड में नौकरी लगवाने के नाम पर वर्ष 2018 में साढ़े चार लाख रुपये लिए थे। रुपये वापसी का दबाव बनाने पर केनरा बैंक की चेक देकर उसे भी बाउंस करवा दिया। इसके बाद से लापता था। काफी तलाश के बाद वह गुरुवार को नौबस्ता बंबा में खड़ा मिल गया था। रुपये मांगने पर टालमटोली की तो उसके पकड़कर ले आए थे।
मनीष ने कराई थी मुलाकात
पीड़िता अंजू ने बताया कि उनके पिता की ज्वैलरी शॉप है, जहां क्षेत्र के मनीष का आना जाना था। मनीष ने शिवम से वर्ष 2018 में मुलाकात कराई थी। वहीं, मनीष का कहना था कि उसकी मुलाकात एसएससी की कोचिंग के दौरान सहपाठी बिठूर निवासी वेद प्रकाश ने कराई थी। वेद प्रकाश के पड़ोस में शिवम के रिश्तेदार रहते हैं, जहां उसका आना जाना था। शिवम ने उससे भी पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर वर्ष 2017 में पांच लाख रुपये लिए थे।
नौबस्ता निवासी सूरज ने हिरासत में बताया कि शिवराजपुर में रहने वाली उसकी फुफेरी बहन अंजू और उसके भाई सुमित वर्मा को एलटी ग्रेड में नौकरी लगवाने के नाम पर वर्ष 2018 में साढ़े चार लाख रुपये लिए थे। रुपये वापसी का दबाव बनाने पर केनरा बैंक की चेक देकर उसे भी बाउंस करवा दिया। इसके बाद से लापता था। काफी तलाश के बाद वह गुरुवार को नौबस्ता बंबा में खड़ा मिल गया था। रुपये मांगने पर टालमटोली की तो उसके पकड़कर ले आए थे।
मनीष ने कराई थी मुलाकात
पीड़िता अंजू ने बताया कि उनके पिता की ज्वैलरी शॉप है, जहां क्षेत्र के मनीष का आना जाना था। मनीष ने शिवम से वर्ष 2018 में मुलाकात कराई थी। वहीं, मनीष का कहना था कि उसकी मुलाकात एसएससी की कोचिंग के दौरान सहपाठी बिठूर निवासी वेद प्रकाश ने कराई थी। वेद प्रकाश के पड़ोस में शिवम के रिश्तेदार रहते हैं, जहां उसका आना जाना था। शिवम ने उससे भी पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर वर्ष 2017 में पांच लाख रुपये लिए थे।