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हिमाचल से प्रयागराज के लिए पैदल चले मजदूर, इटावा-बरेली हाईवे पर पुलिस ने रोक किया क्वारंटीन
Sat, 09 May 2020 05:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 09 May 2020 05:55 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
कोरोना महामारी से बचने के लिए किया गया लॉकडाउन गरीबों पर कहर बनकर टूटा है। प्रयागराज जिले के 16 मजदूर हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में एक साल पहले स्टील प्लांट में काम करने गए थे लॉकडाउन के साथ ही प्लांट परिसर में बनी कालोनी से इन्हें निकाल दिया गया।
शहर में किराये पर इस आस में रहते रहे कि लॉकडाउन खत्म होने पर काम पर वापस हो जाएंगे। लॉकडाउन-3 से धैर्य टूटा तो पैदल ही घर को निकल पड़े। थक गए तो बिजनौर के नूरपुर में 5 मई को 10 लोगों ने 3800 रुपये के हिसाब से साइकिलें खरीदीं। 5 लोगों को पुरानी साइकिलें 2-2 हजार में मिल गईं।
एक मजदूर के पास रुपये नहीं थे तो उसे अन्य लोग बारी-बारी से अपनी साइकिल पर बैठाते रहे। गुरुवार शाम को जिले में इटावा-बरेली हाईवे पर पंचाल घाट चौकी के पास पुलिस ने रोक लिया। स्वराजवीर स्कूल में साइकिल से लाकर क्वारंटीन कर दिया गया।
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शहर में किराये पर इस आस में रहते रहे कि लॉकडाउन खत्म होने पर काम पर वापस हो जाएंगे। लॉकडाउन-3 से धैर्य टूटा तो पैदल ही घर को निकल पड़े। थक गए तो बिजनौर के नूरपुर में 5 मई को 10 लोगों ने 3800 रुपये के हिसाब से साइकिलें खरीदीं। 5 लोगों को पुरानी साइकिलें 2-2 हजार में मिल गईं।
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एक मजदूर के पास रुपये नहीं थे तो उसे अन्य लोग बारी-बारी से अपनी साइकिल पर बैठाते रहे। गुरुवार शाम को जिले में इटावा-बरेली हाईवे पर पंचाल घाट चौकी के पास पुलिस ने रोक लिया। स्वराजवीर स्कूल में साइकिल से लाकर क्वारंटीन कर दिया गया।
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प्रयागराज के मेजा थानांतर्गत गांव अतरी अमिलिया निवासी राहुल ने बताया कि 2 मई तक ट्रेन की व्यवस्था घोषित नहीं की गई थी। इसलिए पैदल ही घर के लिए निकलना पड़ा। बताया कि स्वराज स्कूल में नगर पंचायत की ओर से सुबह आलू की सब्जी व 6 पूड़ी का पैकेट दिया गया। इतने से पेट नहीं भरा। 10 से 12 पूड़ी व सब्जी कुछ ज्यादा तो होनी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में एक कंपनी में काम कर रहे पांच मजदूरों ने बिहार के आरा जिला स्थित अपने घर के लिए कमालगंज से पैदल ही यात्रा शुरू की। दिनारपुर रेलवे क्रासिंग के पास उन्होंने लोगों से लखनऊ जाने के लिए रास्ता पूछा। वे लोग बिहारी निकले।
इस पर आगे चल दिए। अंबाला तक पैदल आए। गाजियाबाद, सहारनपुर, मुरादाबाद व फर्रुखाबाद तक कहीं-कहीं ट्रक व ट्रैक्टर का सहारा भी मिला। फतेहगढ़ चौराहे से कमालगंज तक टेंपो चालक न 150 रुपये प्रति सवारी वसूले।
हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में एक कंपनी में काम कर रहे पांच मजदूरों ने बिहार के आरा जिला स्थित अपने घर के लिए कमालगंज से पैदल ही यात्रा शुरू की। दिनारपुर रेलवे क्रासिंग के पास उन्होंने लोगों से लखनऊ जाने के लिए रास्ता पूछा। वे लोग बिहारी निकले।
इस पर आगे चल दिए। अंबाला तक पैदल आए। गाजियाबाद, सहारनपुर, मुरादाबाद व फर्रुखाबाद तक कहीं-कहीं ट्रक व ट्रैक्टर का सहारा भी मिला। फतेहगढ़ चौराहे से कमालगंज तक टेंपो चालक न 150 रुपये प्रति सवारी वसूले।