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आखिर क्यों यहां की डीएम ने एक अधिकारी को एक के बाद एक तीन तमाचे जड़ दिए
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 26 Nov 2017 11:21 PM IST
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डीएम मोनिका रानी
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद की सातनपुर मंडी में शनिवार को पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान कर्मचारियों की लापरवाही से खफा डीएम ने एक एआरओ को तीन तमाचे जड़ दिए। यही नहीं एआरओ को डीएम ने काफी देर तक अपने सुरक्षाकर्मियों की हिरासत में रखा और निरीक्षण के बाद उसे छोड़ा गया। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने मामले की शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग, प्रेक्षक और मंडलायुक्त को भेजी है। वहीं डीएम मोनिका रानी ने आरोप को गलत बताया है।
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मौके पर खड़ी डीएम व एआरओ
- फोटो : अमर उजाला
जिले में फर्रुखाबाद, मोहम्मदाबाद और कमालगंज में नगर निकाय चुनाव कराने के लिए शनिवार को सातनपुर मंडी से पोलिंग पार्टियां रवाना हो रही थीं। जल निगम के अवर अभियंता (जेई) दीपेंद्र कुमार शहर के वार्ड संख्या 21 से 25 के एआरओ बनाए गए हैं। उनकी ड्यूटी सातनपुर मंडी में टेबल नंबर 10 पर थी। पंडाल में बैठे कई कर्मचारी बातों में व्यस्त थे।
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डीएम मोनिका रानी
वह नाम पुकारे जाने पर भी उपस्थिति दर्ज कराने नहीं जा रहे थे। कर्मचारियों की लापरवाही से खफा डीएम मोनिका रानी अपनी सीट से उठकर ड्यूटी टेबल का निरीक्षण करने लगीं। जोनल मजिस्ट्रेट रामसेवक भी अपनी टेबल पर नहीं थे। टेबल के कुछ आगे एआरओ दीपेंद्र कुमार खड़े थे, डीएम ने उनसे जवाब तलब किया।
जवाब देने के बजाय सकपकाए एआरओ पीछे हट गए। इस पर डीएम ने उन्हें एक के बाद एक तीन तमाचे जड़ दिए। इसके बाद डीएम ने दीपेंद्र को अपने सुरक्षा कर्मियों से पकड़वाकर बैठा लिया। पूरे पंडाल का निरीक्षण करने के बाद डीएम ने फिर पूछताछ की, उसके बाद दीपेंद्र को छोड़ा गया। वहीं, डीएम मोनिका रानी ने कहा कि पूछने पर एआरओ बता नहीं पाए थे, इसलिए उनसे सवाल जवाब किया था। थप्पड़ मारने का आरोप गलत है।
जवाब देने के बजाय सकपकाए एआरओ पीछे हट गए। इस पर डीएम ने उन्हें एक के बाद एक तीन तमाचे जड़ दिए। इसके बाद डीएम ने दीपेंद्र को अपने सुरक्षा कर्मियों से पकड़वाकर बैठा लिया। पूरे पंडाल का निरीक्षण करने के बाद डीएम ने फिर पूछताछ की, उसके बाद दीपेंद्र को छोड़ा गया। वहीं, डीएम मोनिका रानी ने कहा कि पूछने पर एआरओ बता नहीं पाए थे, इसलिए उनसे सवाल जवाब किया था। थप्पड़ मारने का आरोप गलत है।