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किसानों और महिला उद्यमियों को ‘उत्थान’ कृषक अवॉर्ड, कृषि वैज्ञानिकों का भी हुआ सम्मान
Thu, 07 Mar 2019 12:12 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 07 Mar 2019 12:12 PM IST
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किसानों और महिला उद्यमियों को ‘उत्थान’ कृषक अवार्ड
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कृषि उद्यमिता अपनाकर नाम और अच्छा खासा धन कमाने वाले 16 किसानों और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। कानपुर में ‘अमर उजाला’ और सीएसए की ओर से आयोजित एग्रीप्रिन्योरशिप कॉन्क्लेव में इन्हें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. धीरज सांघी ने ‘उत्थान’ कृषक अवॉर्ड से नवाजा।
सम्मान पाने वालों में अलीगढ़ के मुकेश गौड़ ने बीज उत्पादन के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है। मुकेश की वार्षिक आय केवल बीज उत्पादन से ढाई लाख रुपये है। इसी तरह अलीगढ़ की ही हिना सिंह डेयरी का काम करके सालाना साढ़े तीन लाख रुपये कमाती हैं। फतेहपुर के बुद्ध प्रकाश वर्मी कंपोस्ट के जरिए तीन लाख रुपये कमाते हैं। हजरतपुर फिरोजाबाद की पूनम देवी, उमा सारस्वत, मीना देवी, कन्नौज के शैलेंद्र सिंह, रामपाल, दलीप नगर कानपुर देहात की इंदु शर्मा, माया देवी, फतेहपुर की पूनम श्रीवास्तव, शिवा यादव, रायबरेली की रुकमणी, निर्मला देवी, मैनपुरी की सुधा यादव और मिथिलेश कुमारी को भी ‘उत्थान’ कृषक अवार्ड से सम्मानित किया गया।
15 कृषि वैज्ञानिकों को भी सम्मान
बेहतरीन शोध करने के लिए कॉन्क्लेव में कृषि वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया। इसमें फसल सुधार के लिए डॉ. नलिनी तिवारी, डॉ. मनोज कटियार, शाकभाजी उत्पादन के लिए सस्ती तकनीक तैयार करने के लिए डॉ. राजीव व डॉ. डीपी सिंह, सूक्ष्म कृमि प्रबंधन के लिए डॉ. कृपा शंकर व डॉ. कुसुम द्विवेदी, एकीकृत फसल प्रणाली मॉड्यूल के लिए डॉ. करम हुसैन, डॉ. नौशाद खान, डॉ. यूएस त्रिपाठी व डॉ. वाई के सिंह, शोध प्रबंधन के लिए डॉ. आरके पांडेय, शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रो. एचजी प्रकाश, कृषि विज्ञान केंद्रों को विकसित करने के लिए प्रो. धूम सिंह, शाकभाजी अनुसंधान के लिए डॉ. डीपी सिंह, डॉ. सीएल मौर्या, डॉ. एसके विश्वास, भानू प्रताप सिंह, डॉ. रितु पांडेय, डॉ. सीमा सोनकर और डॉ. जितेंद्र सिंह को भी सम्मानित किया गया।
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सम्मान पाने वालों में अलीगढ़ के मुकेश गौड़ ने बीज उत्पादन के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है। मुकेश की वार्षिक आय केवल बीज उत्पादन से ढाई लाख रुपये है। इसी तरह अलीगढ़ की ही हिना सिंह डेयरी का काम करके सालाना साढ़े तीन लाख रुपये कमाती हैं। फतेहपुर के बुद्ध प्रकाश वर्मी कंपोस्ट के जरिए तीन लाख रुपये कमाते हैं। हजरतपुर फिरोजाबाद की पूनम देवी, उमा सारस्वत, मीना देवी, कन्नौज के शैलेंद्र सिंह, रामपाल, दलीप नगर कानपुर देहात की इंदु शर्मा, माया देवी, फतेहपुर की पूनम श्रीवास्तव, शिवा यादव, रायबरेली की रुकमणी, निर्मला देवी, मैनपुरी की सुधा यादव और मिथिलेश कुमारी को भी ‘उत्थान’ कृषक अवार्ड से सम्मानित किया गया।
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15 कृषि वैज्ञानिकों को भी सम्मान
बेहतरीन शोध करने के लिए कॉन्क्लेव में कृषि वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया। इसमें फसल सुधार के लिए डॉ. नलिनी तिवारी, डॉ. मनोज कटियार, शाकभाजी उत्पादन के लिए सस्ती तकनीक तैयार करने के लिए डॉ. राजीव व डॉ. डीपी सिंह, सूक्ष्म कृमि प्रबंधन के लिए डॉ. कृपा शंकर व डॉ. कुसुम द्विवेदी, एकीकृत फसल प्रणाली मॉड्यूल के लिए डॉ. करम हुसैन, डॉ. नौशाद खान, डॉ. यूएस त्रिपाठी व डॉ. वाई के सिंह, शोध प्रबंधन के लिए डॉ. आरके पांडेय, शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रो. एचजी प्रकाश, कृषि विज्ञान केंद्रों को विकसित करने के लिए प्रो. धूम सिंह, शाकभाजी अनुसंधान के लिए डॉ. डीपी सिंह, डॉ. सीएल मौर्या, डॉ. एसके विश्वास, भानू प्रताप सिंह, डॉ. रितु पांडेय, डॉ. सीमा सोनकर और डॉ. जितेंद्र सिंह को भी सम्मानित किया गया।
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