किसान सुसाइड केस: भाजपा नेता को संरक्षण दे रही है पुलिस, जेसीपी ने फटकारा...बोलीं- कारवाई में देरी क्यों हुई
Kanpur News: बुधवार को बाबू सिंह की पत्नी बच्चों और न्याय संघर्ष समिति के लोगों के साथ पुलिस कमिश्नर डॉ. आरके स्वर्णकार से मिलीं। कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की। इस पर कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि बच्चों तुम परेशान मत हो... हर हाल में तुम्हें न्याय मिलेगा।
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कानपुर में 6.29 करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जा होने से आहत किसान बाबू सिंह की खुदकुशी के मामले में आरोपी भाजपा नेता डॉ. प्रियरंजन आशु दिवाकर को पुलिस संरक्षण दे रही है। यही वजह है कि रिपोर्ट दर्ज होने के चार दिन बाद भी भाजपा नेता व अन्य पांच आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है।
वहीं अभी तक किसी की गिरफ्तारी न होने से नाराज जेसीपी क्राइम नीलाब्जा चौधरी ने बुधवार को चकेरी इंस्पेक्टर अशोक दुबे को फटकार लगाई है। उन्होंने इंस्पेक्टर को फोन पर कहा कि जब रजिस्ट्री में पैसों का उल्लेख है और खाते में पैसे आए नहीं तो फिर कार्रवाई करने में इतनी देरी क्यों की गई। किसके कहने पर गिरफ्तारी रोकी गई है। अगले 48 घंटे में आरोपी सलाखों के पीछे होने चाहिए। गिरफ्तारी के बाद उन्हें फोन कर अवगत कराएं।
प्लाटिंग पर काम रुकवाने के लिए आज डीएम से मिलेंगे परिजन
उधर, बाबू सिंह जमीन पर प्लाटिंग का काम लगातार चल रहा है। 1.121 हेक्टेयर जमीन पर प्लाटिंग रुकवाने के लिए पीड़ित परिवार गुरुवार को डीएम विशाख जी से मुलाकात करेगा।
पुलिस कमिश्नर ने दिया आश्वासन... बच्चों तुम्हें हार हाल में न्याय मिलेगा
बुधवार को बाबू सिंह की पत्नी बच्चों और न्याय संघर्ष समिति के लोगों के साथ पुलिस कमिश्नर डॉ. आरके स्वर्णकार से मिलीं। कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की। इस पर कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि बच्चों तुम परेशान मत हो... हर हाल में तुम्हें न्याय मिलेगा।
न्याय संघर्ष समिति के सदस्य भी रहे मौजूद
जो भी तुम्हारे पिता की मौत के जिम्मेदार हैं, बख्शे नहीं जाएंगे। उन्हें सजा जरूर मिलेगी। तुम्हें डरने की जरूरत नहीं है। परिवार को सुरक्षा दे दी है। कोई समस्या हो तो सीधे मुझसे बता सकते हैं। इस दौरान न्याय संघर्ष समिति के अभिमन्यु गुप्ता, पवन गुप्ता, सपा नेता फतेहबहादुर सिंह गिल, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
कानपुर समेत चार अलग-अलग शहरों में दी दबिश
कानपुर में किसान बाबू सिंह यादव की आत्महत्या के मामले में बुधवार को सुबह से पुलिस टीमें अलग-अलग स्तरों पर सबूत इकट्ठा करने में जुटी रही। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कानपुर समेत चार अलग-अलग शहरों में दबिश दी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस इनमें से दो आरोपियों के करीब पहुंच चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार भी कर लेगी। वहीं भाजपा नेता व बाल संरक्षण आयोग के सदस्य की पत्नी से भी पूछताछ की गई है।
सभी खातों की ट्रांजेक्शन रिपोर्ट मांगी
ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी इस मामले को खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उनके दिशा निर्देश पर पुलिस ने बुधवार को बाबू सिंह यादव का एक, डॉ. प्रियरंजन आशू दिवाकर दो , राहुल जैन के दो, बबलू यादव के एक, जितेंद्र यादव का एक, मधुर पांडेय का एक और शिवम सिंह चौहान के तीन समेत 13 बैंक खाते सीज कराए हैं। पुलिस ने बैंक से इन सभी खातों की ट्रांजेक्शन रिपोर्ट मांगी है।
बाबू सिंह के बैंक खातों का आरोपितों के बैंक खातों से होगा मिलान
मृतक और आरोपियों के बैंक खातों की पूरी डिटेल गुरुवार तक मिल जाएगी। इन खातों में आपस में कैसे ट्रांजेक्शन हुआ है इसका आवलोकन किया जाएगा। इसके अलावा रजिस्ट्री कार्यालय से पुलिस ने बुधवार को प्रमाणित कॉपियां व 2018 में बबलू यादव और बाबू के बीच हुए एग्रीमेंट की प्रमाणित कॉपी प्राप्त कर ली है।
पत्नी बोली मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं
ज्वाइंट सीपी के मुताबिक बुधवार को डाॅ. प्रियरंजन आशू दिवाकर की पत्नी डॉ. अनामिका से भी पुलिस ने पूछताछ की है। उन्होंने बताया की काफी समय से पति मेडिकल कॉलेज नहीं आए हैं। जब उनसे घटना संबंधी सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
इन बिंदुओं पर हो रही जांच
- बाबू सिंह के नाम जमीन कैसे आई।(यह जमीन पैतृक नहीं थी, बाबू सिंह को नानी पूसा द्वारा रजिस्टर्ड वसीहत से मिलने की बाद परिजन व रिश्तेदार बता रहे हैं)।
- जमीन को लेकर मृतक किसान बाबू सिंह का किससे किससे विवाद रहा। वह किस तरह खत्म या समझौते में निपटा। कब दाखिल खारिज में नाम चढ़ा।
- जमीन की रजिस्ट्री कब कितनी हुई । इसके पूर्व हुई प्रक्रिया।
- जमीन बिक्री में रजिस्ट्री में कितना पैसा दिखाया गया ।
- अलग से चेक कितने की दी, किस खाते से दी।
- किसान बाबू सिंह के बैंक खाते की पूरी स्थित। जिससे खाते में कब, किसने, कितना ट्रांजेक्शन किया/ हुआ।
- वर्तमान में जमीन की क्या स्थिति। जिससे कब्जे या अन्य शामिल लोगों का ब्यौरा मिले।