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जालौन: करंट से बकरी को बचाने में किसान की मौत, रास्ते पर पड़े हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई थी बकरी
Mon, 02 Nov 2020 07:36 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 02 Nov 2020 07:36 PM IST
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जालौन जिले के माधौगढ़ करमरा गांव में रास्ते पर पडे़ तार में दौड़ रहे करंट की चपेट में आई बकरी को बचाने में किसान की मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
महोई गांव के मजरा करमरा निवासी मंशाराम पाल (55) पुत्र लक्ष्मण पाल खेती के साथ बकरी पालन करते थे। सोमवार को बकरियां चराने जंगल जा रहे थे। रास्ते में हाईटेंशन लाइन का तार पड़ा था। तार में दौड़ रहे करंट की चपेट में एक बकरी आ गई।
बकरी को बचाने के प्रयास में मंशाराम भी करंट की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी जयश्री ने बताया कि पति को दो दिन से बुखार आ रहा था, उन्हें रोका था लेकिन बकरियां भूखी होने के कारण चराने के लिए ले गए थे।
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दो घंटे में लौटकर आने की बात कही थी। बेटे नरेश (28), महेश (25) और हरेश (22) अहमदाबाद में पुताई का काम करते हैं। बंगरा चौकी प्रभारी राजीव कांत ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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महोई गांव के मजरा करमरा निवासी मंशाराम पाल (55) पुत्र लक्ष्मण पाल खेती के साथ बकरी पालन करते थे। सोमवार को बकरियां चराने जंगल जा रहे थे। रास्ते में हाईटेंशन लाइन का तार पड़ा था। तार में दौड़ रहे करंट की चपेट में एक बकरी आ गई।
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बकरी को बचाने के प्रयास में मंशाराम भी करंट की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी जयश्री ने बताया कि पति को दो दिन से बुखार आ रहा था, उन्हें रोका था लेकिन बकरियां भूखी होने के कारण चराने के लिए ले गए थे।
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दो घंटे में लौटकर आने की बात कही थी। बेटे नरेश (28), महेश (25) और हरेश (22) अहमदाबाद में पुताई का काम करते हैं। बंगरा चौकी प्रभारी राजीव कांत ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।