पासपोर्ट फर्जीवाड़ा: सरगना की तलाश में वाराणसी में छापा, अब अफसर पर भी कसेगा शिकंजा
फर्जी दस्तावेजों पर वैध पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का खुलासा पुलिस ने कुछ दिन पहले ही किया था। इस मामले में दो आरोपी जेल जा चुके हैं। इसमें पासपोर्ट अफसर का खेल भी उजागर हुआ है, उस पर भी जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।
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कानपुर में फर्जी दस्तावेजों पर पासपोर्ट बनवाने के मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना की तलाश तेज कर दी है। वाराणसी के कई इलाकों में पुलिस ने दबिश दी है। हालांकि वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। उधर पुलिस अब पासपोर्ट अफसर पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। पूछताछ के बाद तमाम साक्ष्य उसके खिलाफ जुटा लिए हैं। जल्द उस पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
कर्नलगंज पुलिस ने इसी साल 24 जनवरी को बाबूपुरवा निवासी वसीम अली को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने खुलासा किया था कि वसीम अली फर्जी दस्तावेज तैयार करता है, जिसके जरिये असली पासपोर्ट बनवाता है। पुलिस की जांच में एक दर्जन लोगों के नाम सामने आए हैं। सरगना वाराणसी का रहने वाला है। वहीं, एक पासपोर्ट अफसर शैलेंद्र सिन्हा का भी नाम शामिल है। पिछले दो दिनों से वाराणसी में गिरोह के सरगना की तलाश में पुलिस जुटी है। हालांकि उसको पहले ही दबिश की जानकारी हो गई थी, लिहाजा वह फरार हो गया। पुलिस ने कई और लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
पासपोर्ट अफसर की हो सकती है गिरफ्तारी
कानपुर में तैनात रहे पासपोर्ट अफसर शैलेंद्र सिन्हा की भी गिरोह से मिलीभगत उजागर हुई है। फर्जी दस्तावेजों पर बनाए गए पासपोर्ट में अफसर की बड़ी भूमिका रही है। वहीं, 2019 में भी इसी तरह से अफसर ने पासपोर्ट बनवाए। उस पर शिकंजा कसना तय है। कुछ दिन पहले ही पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए थे। वह जवाब सही नहीं दे सका। उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य पुलिस के पास हैं। कभी भी उसको आरोपी बनाकर गिरफ्तारी की जा सकती है। केस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम भी जुड़ेगा। तब विवेचना राजपत्रित अफसर को ट्रांसफर होगी।