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मौत का कारोबार: अलीगढ़ में पकड़ी नकली दवाओं की फैक्टरी, मेरठ में होती थी पैकिंग, लाखों का माल बरामद
Sat, 26 Jun 2021 03:45 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 26 Jun 2021 03:45 PM IST
सार
क्राइम ब्रांच ने अलीगढ़ में दवा फैक्टरी के मालिक अशोक कुमार गुप्ता और मेरठ में प्रिंटिंग प्रेस मालिक मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों जगहों पर छापेमारी के दौरान टीम को करीब 50-50 लाख का माल मिला है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नकली दवाओं का कारोबार करने वाले सरगना मनीष मिश्रा की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने अलीगढ़ में नकली दवाएं, इंजेक्शन बनाने की फैक्टरी व मेरठ में नकली दवाओं की पैकिंग करने के लिए स्ट्रिप, डिब्बों की छपाई करने वाले प्रिंटिंग प्रेस में छापा मारा।
क्राइम ब्रांच ने अलीगढ़ में दवा फैक्टरी के मालिक अशोक कुमार गुप्ता और मेरठ में प्रिंटिंग प्रेस मालिक मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों जगहों पर छापेमारी के दौरान टीम को करीब 50-50 लाख का माल मिला है। कानपुर में नकली दवाइयों की सप्लाई करने आए चकेरी निवासी गुड्डू उर्फ पिंटू गुप्ता व बेकनगंज निवासी आसिफ मोहम्मद खां उर्फ मुन्ना को क्राइम ब्रांच ने गुजैनी टेंपो स्टैंड के पास से सोमवार को गिरफ्तार किया था।
उनकी निशानदेही पर पुलिस ने लखनऊ स्थित गोदाम में छापेमारी करके तीसरे आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर करीब 2.50 करोड़ की नकली दवाइयां बरामद की थीं। सचिन के जरिए पुलिस गैंग के सरगना लखनऊ निवासी मनीष मिश्रा तक पहुंची। मनीष की निशानदेही पर छापेमारी की गई।
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क्राइम ब्रांच ने अलीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर सासनी गेट थाना क्षेत्र निवासी अशोक कुमार गुप्ता की फैक्टरी में छापा मारा। इस दौरान मौका पाकर गिरधारी लाल गली रामलीला मैदान निवासी उसका पार्टनर कमलेंद्र सिंह पुंडीर उर्फ कुक्कू भाग निकला।
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क्राइम ब्रांच ने अलीगढ़ में दवा फैक्टरी के मालिक अशोक कुमार गुप्ता और मेरठ में प्रिंटिंग प्रेस मालिक मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों जगहों पर छापेमारी के दौरान टीम को करीब 50-50 लाख का माल मिला है। कानपुर में नकली दवाइयों की सप्लाई करने आए चकेरी निवासी गुड्डू उर्फ पिंटू गुप्ता व बेकनगंज निवासी आसिफ मोहम्मद खां उर्फ मुन्ना को क्राइम ब्रांच ने गुजैनी टेंपो स्टैंड के पास से सोमवार को गिरफ्तार किया था।
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उनकी निशानदेही पर पुलिस ने लखनऊ स्थित गोदाम में छापेमारी करके तीसरे आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर करीब 2.50 करोड़ की नकली दवाइयां बरामद की थीं। सचिन के जरिए पुलिस गैंग के सरगना लखनऊ निवासी मनीष मिश्रा तक पहुंची। मनीष की निशानदेही पर छापेमारी की गई।
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क्राइम ब्रांच ने अलीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर सासनी गेट थाना क्षेत्र निवासी अशोक कुमार गुप्ता की फैक्टरी में छापा मारा। इस दौरान मौका पाकर गिरधारी लाल गली रामलीला मैदान निवासी उसका पार्टनर कमलेंद्र सिंह पुंडीर उर्फ कुक्कू भाग निकला।
टीम ने फैक्टरी से अल्ट्रासेट के 46 डिब्बे, टेक्सिमओ के 164, डेकाड्यूराबोलीन के 30 समेत भारी मात्रा में नकली दवाएं व इंजेक्शन बरामद किए हैं। अशोक कुमार ने बताया कि वह मेरठ निवासी मोनू कुमार से ब्रांडेड दवाओं के नकली लेबल, स्ट्रिप और डिब्बों की प्रिंटिंग करवाता था।
इस इनपुट पर क्राइम ब्रांच एक टीम ने मेरठ के ब्रह्मपुरी स्थित प्रिंटिंग प्रेस में छापामार कर मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। भारी मात्रा में ब्रांडेड दवाओं के नकली स्ट्रिप व डिब्बे बरामद किए हैं। दोनों जगह मिले माल की कीमत 50-50 लाख आंकी गई है।
रोडवेज बस से सप्लाई होती थी दवाएं
क्राइम ब्रांच को फैक्टरी मालिक से पूछताछ में पता चला कि वह नकली दवाएं तैयार कराने के बाद उन्हें रोडवेज बसों के माध्यम से लखनऊ मनीष मिश्रा तक भेज देता था। मनीष इन दवाइयों को अपने गोदाम में स्टॉक कर लेता था। यहां से दवाएं अन्य जिलों में भेज दी जाती थीं।
क्राइम ब्रांच जाएगी मुजफ्फरनगर और गुरुग्राम
एडीसीपी क्राइम दीपक भूकर ने बताया कि नकली दवाओं के कारोबारियों से पूछताछ में पता चला है कि नकली इंजेक्शन तैयार करने के लिए खाली वॉयल की सप्लाई उन्हें गुड़गांव से की जाती थी। वहीं, फैक्टरी मालिक के फरार पार्टनर कमलेंद्र सिंह पुंडीर का कनेक्शन मुजफ्फर नगर के नकली दवा कारोबारियों से होने की जानकारी मिली है। ऐसे में टीमों को जल्द ही मुजफ्फरनगर और गुरुग्राम भेजा जाएगा।
इस इनपुट पर क्राइम ब्रांच एक टीम ने मेरठ के ब्रह्मपुरी स्थित प्रिंटिंग प्रेस में छापामार कर मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। भारी मात्रा में ब्रांडेड दवाओं के नकली स्ट्रिप व डिब्बे बरामद किए हैं। दोनों जगह मिले माल की कीमत 50-50 लाख आंकी गई है।
रोडवेज बस से सप्लाई होती थी दवाएं
क्राइम ब्रांच को फैक्टरी मालिक से पूछताछ में पता चला कि वह नकली दवाएं तैयार कराने के बाद उन्हें रोडवेज बसों के माध्यम से लखनऊ मनीष मिश्रा तक भेज देता था। मनीष इन दवाइयों को अपने गोदाम में स्टॉक कर लेता था। यहां से दवाएं अन्य जिलों में भेज दी जाती थीं।
क्राइम ब्रांच जाएगी मुजफ्फरनगर और गुरुग्राम
एडीसीपी क्राइम दीपक भूकर ने बताया कि नकली दवाओं के कारोबारियों से पूछताछ में पता चला है कि नकली इंजेक्शन तैयार करने के लिए खाली वॉयल की सप्लाई उन्हें गुड़गांव से की जाती थी। वहीं, फैक्टरी मालिक के फरार पार्टनर कमलेंद्र सिंह पुंडीर का कनेक्शन मुजफ्फर नगर के नकली दवा कारोबारियों से होने की जानकारी मिली है। ऐसे में टीमों को जल्द ही मुजफ्फरनगर और गुरुग्राम भेजा जाएगा।