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चुनाव ड्यूटी कटवाने को मदरसा प्रधानाचार्य का फर्जी लेटर दिया
Sat, 24 Oct 2020 09:35 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 24 Oct 2020 09:35 PM IST
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कानपुर में मदरसा अहसानुल मदारिस कदीम के एक शिक्षक ने अपनी चुनावी ड्यूटी कटवाने के लिए करीब साढ़े सात महीने पहले सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्य के फर्जी दस्तखत बनाकर प्रशासन को चिट्ठी भेज दी।
राज तब खुला जब दूसरा शिक्षक ड्यूटी ज्वाइन करने पहुंचा। उसने संबंधित अधिकारी से पूछा कि ड्यूटी तो किसी और की लगी थी, फिर उसके नाम से पत्र क्यों भेजा गया। इसके बाद एसीएम ने इस संबंध में प्रधानाचार्य से बात की।
प्रधानाचार्य ने प्रशासन को पत्र भेजकर फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। घाटमपुर उप चुनाव में मदरसा के एक शिक्षक को बीएलओ बनाया गया था। इस शिक्षक ने जुकाम, बुखार और खांसी का बहाना कर मदरसा के लेटर पैड पर सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मुफ्ती शहबाज अनवर के दस्तखत सेे प्रशासन को पत्र भेजा और दूसरे शिक्षक का नाम सुझा दिया।
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इससे दूसरे शिक्षक की ड्यूटी लग गई। शिक्षक ने पत्र देखा तो उस पर मौजूदा कार्यवाहक प्रधानाचार्य मौलाना महमूदुल हसन के दस्तखत नहीं थे। तब मामले का खुलासा हुआ। कार्यवाहक प्रधानाचार्य मौलाना हसन ने कहा कि उन्होंने एसीएम को सारी बात लिखकर दे दी है। वहीं मुफ्ती शहबाज अनवर का कहना है कि पत्र से उनका कोई ताल्लुक नहीं है।
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राज तब खुला जब दूसरा शिक्षक ड्यूटी ज्वाइन करने पहुंचा। उसने संबंधित अधिकारी से पूछा कि ड्यूटी तो किसी और की लगी थी, फिर उसके नाम से पत्र क्यों भेजा गया। इसके बाद एसीएम ने इस संबंध में प्रधानाचार्य से बात की।
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प्रधानाचार्य ने प्रशासन को पत्र भेजकर फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। घाटमपुर उप चुनाव में मदरसा के एक शिक्षक को बीएलओ बनाया गया था। इस शिक्षक ने जुकाम, बुखार और खांसी का बहाना कर मदरसा के लेटर पैड पर सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मुफ्ती शहबाज अनवर के दस्तखत सेे प्रशासन को पत्र भेजा और दूसरे शिक्षक का नाम सुझा दिया।
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इससे दूसरे शिक्षक की ड्यूटी लग गई। शिक्षक ने पत्र देखा तो उस पर मौजूदा कार्यवाहक प्रधानाचार्य मौलाना महमूदुल हसन के दस्तखत नहीं थे। तब मामले का खुलासा हुआ। कार्यवाहक प्रधानाचार्य मौलाना हसन ने कहा कि उन्होंने एसीएम को सारी बात लिखकर दे दी है। वहीं मुफ्ती शहबाज अनवर का कहना है कि पत्र से उनका कोई ताल्लुक नहीं है।