{"_id":"611e6dbbab7cad0a794b926d","slug":"fake-ips-arrested-in-kanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: डीसीपी ट्रैफिक को फर्जी आईपीएस ने फोन कर चालान माफ करने को कहा, गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: डीसीपी ट्रैफिक को फर्जी आईपीएस ने फोन कर चालान माफ करने को कहा, गिरफ्तार
Thu, 19 Aug 2021 08:15 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 19 Aug 2021 08:15 PM IST
सार
आरोपी सरकारी शिक्षक है। डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि 16 अगस्त को उनके पास एक कॉल आई। शख्स ने बताया कि उसका नाम आशुतोष त्रिपाठी है। वह आईपीएस है और उसकी तैनाती नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन में है।
विज्ञापन
आशुतोष त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में डीसीपी ट्रैफिक और क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को एक फर्जी आईपीएस को नौबस्ता से गिरफ्तार किया। उसके पास से गृह मंत्रालय का एक फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद हुआ है। 2 हजार रुपये का चालान माफ कराने के लिए आरोपी ने खुद को आईपीएस बता डीसीपी ट्रैफिक को फोन किया था।
डीसीपी ने बातचीत से भांप लिया कि ये शख्स फर्जी है। उन्होंने जाल बिछाया और सर्विलांस की मदद से ट्रेस कर उसको गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सरकारी शिक्षक है। डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि 16 अगस्त को उनके पास एक कॉल आई।
शख्स ने बताया कि उसका नाम आशुतोष त्रिपाठी है। वह आईपीएस है और उसकी तैनाती नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन में है। उसकी परिचित एक महिला का दो हजार रुपये का चालान हो गया है। जिसको माफ कराना है। डीसीपी ने उसे मिलने के लिए दफ्तर बुलाया। मगर वह नहीं आया।
विज्ञापन
सर्विलांस की मदद से लोकेशन निकाली और गुरुवार को नौबस्ता के शंकराचार्य नगर से फर्जी आईपीएस आशुतोष त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आशुतोष किदवई नगर स्थित घनश्याम दास शिवकुमार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है।
विज्ञापन
डीसीपी ने बातचीत से भांप लिया कि ये शख्स फर्जी है। उन्होंने जाल बिछाया और सर्विलांस की मदद से ट्रेस कर उसको गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सरकारी शिक्षक है। डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि 16 अगस्त को उनके पास एक कॉल आई।
विज्ञापन
शख्स ने बताया कि उसका नाम आशुतोष त्रिपाठी है। वह आईपीएस है और उसकी तैनाती नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन में है। उसकी परिचित एक महिला का दो हजार रुपये का चालान हो गया है। जिसको माफ कराना है। डीसीपी ने उसे मिलने के लिए दफ्तर बुलाया। मगर वह नहीं आया।
विज्ञापन
सर्विलांस की मदद से लोकेशन निकाली और गुरुवार को नौबस्ता के शंकराचार्य नगर से फर्जी आईपीएस आशुतोष त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आशुतोष किदवई नगर स्थित घनश्याम दास शिवकुमार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है।