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कानपुर: फर्जी दरोगा और पत्रकार बन वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

Thu, 19 Mar 2020 09:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 19 Mar 2020 09:20 PM IST
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Fake inspector-journalist gang busted in kanpur
पूर्व मुख्यमंत्री के साथ फोटो - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में नजीराबाद पुलिस ने बुधवार रात फर्जी दरोगा-पत्रकार बन वसूली और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करके सरगना समेत तीन आरोपियों को दबोचा। आरोपियों के पास फर्जी दरोगा का आईकार्ड, कई प्रेसकार्ड, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर, एक तमंचा (पौनिया) और 24 कारतूस मिले। पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को जेल भेज दिया। आरोपियों पर कई मामले दर्ज हैं।
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नजीराबाद इंस्पेक्टर मनोज कुमार रघुवंशी के मुताबिक क्षेत्र में चेकिंग की जा रही थी, तभी कोकाकोला क्रॉसिंग के पास ब्लैक फिल्म लगी बोलेरो खड़ी दिखाई दी। बोलेरो पर उत्तर प्रदेश पुलिस लिखा बोर्ड लगा था। कार में इटावा के सैफई निवासी सुघर सिंह, मैनपुरी के एलाऊ मकरंदपुर के राय सिंह उर्फ राम सिंह और सैफई के नगला भूरे गांव का संजीव मौजूद था। पुलिस ने तलाशी ली तो सुघर सिंह के पास कई प्रेस कार्ड व यूपी पुलिस दरोगा का आईकार्ड मिला। तमंचा, रिवाल्वर और कारतूस मिले। इंस्पेक्टर ने बताया कि पूरा गिरोह दरोगा व पत्रकार बन लोगों से वसूली करता है। 
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रात को घरों पर देते थे दबिश
पुलिस के मुताबिक सुघर सिंह खुद को पत्रकार बता पुलिसकर्मियों से मिलता रहता था। उसको पता रहता था कि कौन-कौन घटनाएं हुईं हैं। इनमें से वो ऐसे लोगों को चुनता था, जिनसे कुछ पैसा मिल सके। उसके बाद वह उनके घरों पर रात में पुलिस कर्मी बन दबिश देता था। उनको छोड़ने के एवज में उनसे पैसा वसूलता था। इसके अलावा वह पत्रकार बनकर लोगों को ब्लैकमेल कर चपत लगाता था। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले में इटावा पुलिस से संपर्क किया गया है। उसका आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है।
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चंबल के गांवों में बनता है ये तमंचा 
नजीराबाद इंस्पेक्टर ने बताया कि पौनिया तमंचा को पौनी तमंचा भी कहते हैं। अधिकतर चंबल के गांवों में ये असलहा बनाया जाता है। वहां के अपराधी व बीहड़ के बदमाश भी इसका इस्तेमाल करते हैं। आशंका है कि उसी क्षेत्र के किसी गांव से सुघर सिंह ने तमंचा खरीदा। पुलिस को आशंका है कि गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं। 
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