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फेल को पास करने से फंसा दसवीं का रिजल्ट
AMARUJALA BEARO
Updated Thu, 26 May 2016 12:55 AM IST
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उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट
- फोटो : अमरउजाला
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इलाहाबाद। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से जुड़े स्कूलों की ओर से सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) के अंकों में हेरफेर करने के कारण दसवीं का रिजल्ट जारी करने में देरी हो रही है। स्कूलों की ओर से नौवीं में फेल छात्रों के अंकों में गड़बड़ी करके उन्हें पास किया गया आैर दसवीं की परीक्षा में शामिल करके उनका रिकार्ड बोर्ड के पास भेज दिया गया। स्कूलों की इसी हेराफेरी के कारण रिजल्ट में देरी हो रही है। बोर्ड के पास पहले से इन छात्रों का रिकार्ड मौजूद होने के कारण स्कूलों की गड़बड़ी पकड़ में आ गई। सबसे अधिक गड़बड़ी स्कूल बेस्ड परीक्षाथिर्यों के रिकार्ड में पकड़ में आई है।
सीबीएसई ने छात्रों में क्रियात्मक गतिविधियों के विकास पर जोर देने के लिए 2009-10 में सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) लागू किया था। इस पद्धति में छठीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को फरमेटिव असेसमेंट एवं समेटिव असेसमेंट परीक्षा देनी होती है। इन दोनों परीक्षाओं में विद्यार्थी को कम से कम 25 फीसदी अंक पाना अनिवार्य होता है। स्कूलों को हर परीक्षा के बाद छात्रों का रिकार्ड सीबीएसई को भेजना होता है। ऐसे में कोई भी स्कूल बिना बोर्ड की अनुमति के विद्यार्थी के अंक में बदलाव अथवा दोबारा परीक्षा में शामिल नहीं करवा सकता।
सीबीएसई की ओर से सीसीई के तहत भेजे गए अंक की हर स्तर पर जांच की व्यवस्था होने के बाद भी नौवीं एवं दसवीं में होने वाली स्कूल स्तर की परीक्षा में फेल होने के बाद भी ऐसे छात्रों को दसवीं की फाइनल परीक्षा में शामिल कर दिया। गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद क्षेत्रीय कार्यालयों मेंपरिणाम की जांच के बाद स्कूलों की गड़बड़ी सामने आई। बोर्ड ने ऐसे परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोकने के साथ स्कूलों पर कार्रवाई का फैसला किया है।
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सीबीएसई ने छात्रों में क्रियात्मक गतिविधियों के विकास पर जोर देने के लिए 2009-10 में सतत एवं समग्र मूल्यांकन (सीसीई) लागू किया था। इस पद्धति में छठीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को फरमेटिव असेसमेंट एवं समेटिव असेसमेंट परीक्षा देनी होती है। इन दोनों परीक्षाओं में विद्यार्थी को कम से कम 25 फीसदी अंक पाना अनिवार्य होता है। स्कूलों को हर परीक्षा के बाद छात्रों का रिकार्ड सीबीएसई को भेजना होता है। ऐसे में कोई भी स्कूल बिना बोर्ड की अनुमति के विद्यार्थी के अंक में बदलाव अथवा दोबारा परीक्षा में शामिल नहीं करवा सकता।
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सीबीएसई की ओर से सीसीई के तहत भेजे गए अंक की हर स्तर पर जांच की व्यवस्था होने के बाद भी नौवीं एवं दसवीं में होने वाली स्कूल स्तर की परीक्षा में फेल होने के बाद भी ऐसे छात्रों को दसवीं की फाइनल परीक्षा में शामिल कर दिया। गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद क्षेत्रीय कार्यालयों मेंपरिणाम की जांच के बाद स्कूलों की गड़बड़ी सामने आई। बोर्ड ने ऐसे परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोकने के साथ स्कूलों पर कार्रवाई का फैसला किया है।
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